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मकान हथियाने को किरायेदार ने की थी शकुंतला और कलश की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:49 PM IST
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खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने तीन महीने पहले महिला और उसके बेटे की रहस्यमय गुमशुदगी को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। प्रापर्टी के लालच में किरायेदार सहित तीन लोग महिला और बेटे को मथुरा घुमाने के बहाने ले गए और हाथरस-अलीगढ़ मार्ग पर दोनों की हत्या कर तेजाब डालकर शव को ठिकाने लगा दिया था। पुलिस ने किरायेदार सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है।
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बृहस्पतिवार को कोतवाली में एएसपी कमलेश उपाध्याय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मई में मोहल्ला लाहोरियान निवासी शकुंतला (70) और उसके दत्तक बेटे कलश (13) के गायब होने का मामला पुलिस के संज्ञान में आया था। शकुंतला और कलश बीते 25 मार्च से गायब थे।
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सीओ के निर्देश पर कटोराताल चौकी इंचार्ज एनएस रावत ने मामले की विवेचना की तो पता चला कि शकुंतला ने अपना मकान अजय कुमार शर्मा निवासी ग्राम सौदास नगर डिलारी मुरादाबाद (यूपी) व हॉल निवासी साकेत ब्लाक मंडावली दिल्ली को 18 लाख रुपये में बेचकर 15 मार्च को रजिस्ट्री भी की थी। जिसका गवाह शकुंतला का किराएदार विक्रम उर्फ राजू निवासी रामबल भद्रपुर थाना भगतपुर मुरादाबाद था। उससे पता चला कि 25 मार्च को शकुंतला और कलश करारी मथुरा में हरनाम बाबा के पास जाने को घर से निकले थे।
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पुलिस ने मथुरा जाकर जांच की तो 26 मार्च को शकुंतला और कलश ने हरनाम से फोन पर बात की थी। बाबा ने दोनों के उनके पास आने से इंकार किया। एक धर्मशाला के रजिस्टर में देवकी नंदन शर्मा के साथ पांच लोगों की एंट्री और मोबाइल नंबर दर्ज था। एएसपी ने बताया कि मोबाइल नंबर को खंगाला गया तो यह कुछ समय बंद होने के बाद काशीपुर में ऑन हो गया था।
शक के आधार पर किराएदार विक्रम मकान खरीदने वाले अजय शर्मा और उसके भाई प्रेम शर्मा ग्राम सौदास नगर डिलारी मुरादाबाद को पूछताछ के लिए बुलाया तो वे बचने लगे। बृहस्पतिवार को अजय और विक्रम से सख्ती से पूछताछ की तो वे टूट गए और सच उगल दिया। विक्रम यादव ने प्रेम और अजय के साथ साजिश रचकर शकुंतला को मकान बेचने को राजी कर रजिस्ट्री करा दी थी। लेकिन पैसा भुगतान नहीं किया था।
मथुरा घुमाने के बहाने 25 मार्च को अजय शकुंतला और कलश को लेकर रोडवेज बस से रामपुर तिराहा मुरादाबाद पहुंचा और वहां से स्विफ्ट कार से प्रेम, उसके भाई अजय के साथ वे कासगंज होते हुए मथुरा पहुंचे। 27 मार्च को वे ताजमहल देखने आगरा गए और वापस लौटते समय उल्टी की गोली के नाम पर कोल्डड्रिंक के साथ दोनों को नींद की गोली खिला दी।
तीनों ने हाथरस-अलीगढ़ मार्ग में ग्राम नगला भूरा के पास शकुंतला की गला घोंटकर हत्या की और 50 किलोमीटर आगे कलश की हत्या कर शव झाड़ियो में फेंककर तेजाब भी उनके चेहरे पर डाल दिया। 28 को शकुंतला की लाश मिलने पर सासनी थाना पुलिस ने अज्ञात मानकर संस्कार कर दिया और ग्रामीण की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और सबूत मिटाने का मुकदमा भी दर्ज किया था।
सीओ जीसी टम्टा ने बताया कि कलश का शव बरामद नहीं हो सका है। पूरे रुट का सर्वे मुख्य आरोपी प्रेमशंकर ने किया था। प्रेम की गिरफ्तारी के बाद उसे रिमांड में लेकर शव बरामद कराया जाएगा। सीओ ने बताया कि थाने में दर्ज मुकदमे में धारा 302,201, 324 आईपीसी को बढ़ाया जाएगा।
13 लाख का चेक दिया और फिर वापस लिया
प्रेम शर्मा ने विक्रम की मदद से शकुंतला से 18 लाख रुपये में मकान का सौदा किया था। भाई अजय के नाम पर मकान की रजिस्ट्री कराने के बाद प्रेम ने शकुंतला को 13 लाख रुपये का चेक दिया था। लेकिन खाते में चेक जमा कराने के बैंक के झंझट गिनाकर शातिर प्रेम ने शकुंतला से चेक वापस ले लिया था। काशीपुर से मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा के रुट का सर्वे प्रेम शर्मा ने ही किया था। हत्या वाले दिन कार को प्रेम की चला रहा था।
साइकिल सवार ने हत्या करते देखा
सीओ टम्टा ने 27 मार्च को आगरा से लौटते हुए आरोपियों ने शकुंतला और कलश को सिर दर्द और उल्टी की गोली के नाम पर नींद की गोलियां खिला दी थी। हाथरस में आकर तीनों आरोपियों ने ढाबे में खाना खाया। सासनी थाना क्षेत्र में नगला भूरा गांव के पास कच्चे रास्ते में कार ले जाकर पिछली सीट में बैठी शकुंतला की अंगोछे से गला दबाकर हत्या कर दी थी। वहां से गुजर रहे साइकिल सवार ने हत्या करते देखा था।
मोहल्ले वालों की सजगता से खुला राज
दोहरे हत्याकांड का राज खुलने का श्रेय पुलिस के साथ ही मोहल्लेवालों को भी जाता है। उन्होंने शकुंतला के लापता होने पर उसके साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए आवाज उठाई थी। समाधान पोर्टल में शिकायत के साथ ही एसएसपी और आला अधिकारियों से मामले को सुलझाने की मांग की थी।
दूसरी महिला से कराया भाई को फोन
तीनों ने बेहद शातिर ढंग से पूरी वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने 27 मार्च को शकुंतला और कलश को ठिकाने लगाने के बाद 30 मार्च को एक महिला से शकुंतला के भाई पूरन सैनी निवासी दिल्ली को फोन कराया था। महिला ने खुद को शकुंतला बताते हुए खुद के जयपुर में होने की बात कही थी। यह कहा था कि अब वह बेटे के साथ वहीं रहेगी।
दृश्यम फिल्म की नकल करने की कोशिश
कुछ महीनों पहले आई अभिनेता अजय देवगन की दृश्यम फिल्म को देखकर आरोपियों ने उसी तरह से हत्याकांड को अंजाम देने का प्लान बनाया। किसी को शक न हो, इसलिए शकुंतला और कलश को घर से रामपुर तिराहे तक रोडवेज बस में ले जाया गया। इस दौरान आरोपियों ने मोबाइल इस्तेमाल नहीं किए।
एसएसपी और एएसपी ने दिया इनाम
एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने खुलासा करने वाली टीम को ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने डेढ़ हजार रुपये देने की घोषणा की है। टीम में एसएचओ ओमप्रकाश शर्मा, एसआई धीरेंद्र कुमार, नंदन सिंह रावत, प्रहलाद सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, सतीश भट्ट, कृष्ण कुमार, कैलाश तोम्क्याल शामिल रहे।