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टीडीसी बीज घोटाला : फरार नामजद तीन आरोपी गिरफ्तार

Thu, 26 Jul 2018 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊध्ामसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊध्ामसिंह नगर Updated Thu, 26 Jul 2018 12:18 AM IST
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TDC seed scam: absconding accused arrested three accused
कार में बैठे तीनों आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

टीडीसी में हुए 16 करोड़ रुपये के बीज घोटाले में गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हुए तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल परीक्षण के बाद एसआईटी ने तीनों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के सुप्रीम कोर्ट जाने के अंदेशे से एसआईटी ने कैविएट दाखिल करने के लिए शासन से अनुमति ले ली थी। मामले में अब तक छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

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एक पखवाड़े पूर्व हाइकोर्ट ने सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पीके चौहान, उपमुख्य विपणन अधिकारी अजीत सिंह और लेखाकार जीसी तिवारी की गिरफ्तारी पर स्टे को खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही एसआईटी इनकी धरपकड़ में जुटी थी, लेकिन तीनों भूमिगत हो गए थे।
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बुधवार को पंतनगर थाना पुलिस ने मेट्रोपोलिस तिराहा पंतनगर से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद पुलिस कार्यालय स्थित एसआईटी कक्ष में तीनों से पूछताछ की गई। एसआईटी प्रभारी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि आरोपी अजीत सिंह के हस्ताक्षर के मिलान एफएसएल से कराया जा चुका है। जीसी तिवारी के हस्ताक्षर का नमूना लेकर एफएसएल भेजा जा रहा है।  
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पंतनगर थाने में दर्ज हुआ था 10 के खिलाफ मुकदमा
वर्ष 2015-16 में गेहूं बीज घोटाला उजागर होने के बाद पंतनगर थाने में दस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की जांच के लिए एएसपी देवेंद्र पींचा की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने टीडीसी से दस्तावेजों को कब्जे में लेने के साथ ही बिहार, पश्चिमी यूपी और अन्य जगहों पर गोदामों, वितरकों के साथ ही चालक-परिचालकों से भी पूछताछ की थी।

24 अप्रैल को एसआईटी ने तीन आरोपियों छदन्नी लाल, ललित बोरा और हरिकेश बहादुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नौ आरोपियों के हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेने की वजह से एसआईटी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। एसआईटी ने साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

गिरफ्तार कर्मियों पर ये थे आरोप
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता पीके चौहान : घोटाले के समय तत्कालीन मार्केटिंग कोआर्डिनेटर थे। इनके कहने पर प्लांट हेड और मार्केटिंग अधिकारियों ने बैक डेट में फर्जी रूप से कार्य किया था।  
उपमुख्य विपणन अधिकारी अजीत सिंह : आरोप है कि दो कट्टों के साथ एक कट्टा फ्री गेहूं बीज की योजना में बैक डेट से फर्जी कागजात तैयार कराए थे। माल को बैक डेट में फर्जी रूप से बिहार और यूपी के कुछ गोदामों में जाना दिखाया था। एफएसएल से हैंडराइटिंग का मिलान कराया गया था।  

वरिष्ठ लेखाकार जीसी तिवारी : आरोप है कि इन्होंने कार्यालय और कुछ कंपनियों के लेजर और अन्य कागजातों में बैक डेट में हेराफेरी कर गेहूं के बीज को वितरण दिखाया।भुगतान न होने के बावजूद फर्म को बीज वितरण के आदेश निर्गत किए गए। कुछ मामलों में माल का भौतिक रूप से आना-जाना नहीं पाया गया।  

केवल कागजों में ही बीज आपूर्ति की गई
रुद्रपुर। टीडीसी के 16 करोड़ रुपयों के गेहूं बीज घोटाले को फर्जी कागजों में ही अंजाम दिया गया था। कागजों में ही माल को गोदाम से वितरकों के जरिये किसानों तक पहुंचा दिया गया। इतना ही नहीं, बीज पहुंचाने के लिए इस्तेमाल वाहनों के फर्जी नंबर दिखाए गए और बिल लगाकर लाखों रुपयों को भी डकार लिए गए। टीडीसी से बीज ले जाने वाला ट्रक एक दिन में ही बिहार पहुंचा दिया गया। बिल में दर्शाया गया ट्रक का नंबर स्कूटर का पाया गया था।

 वर्ष 2015-16 में किसानों के लिए तैयार बीज को बिहार, यूपी और बंगाल के गोदामों को भेजा गया था। बिहार भेजे गए 50 हजार क्विंटल बीज का सैंपल जांच में फेल हो गया था। इसके बाद 50 लाख क्विंटल से अधिक बीज को खपाने के लिए दो कट्टों के साथ एक कट्टा फ्री देने की योजना बनाई गई और कागजों में ही बीज को वितरकों के माध्यम से किसान को बेचने दिया गया था। लेकिन, हकीकत में यह बीज मिलों को बेचा गया था।


बीज घोटाले में ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालकों की भूमिका रही। ट्रक केवल कागजों में ही चलते रहे और बीज असल में घोटाले की नींव रखते समय तय किए गए खरीदारों तक पहुंचा दिए गए। जिन ट्रकों का बीज सप्लाई में इस्तेमाल हुआ था, उनके मालिकों के पास से सप्लाई का रिकॉर्ड तक नहीं मिल सका था। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि शुरुआत से ही घोटाले की जांच का फोकस वितरण पर रखा गया था। केवल कागजों में ही बीज की सप्लाई कर घोटाले को अंजाम दिया गया। बीज सप्लाई के लिए ट्रांसपोर्टेशन का इस्तेमाल दर्शाकर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये भी लिए गए थे। बताया कि अन्य छह आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है।  

 

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