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यूरिया खाद मामले में फैक्ट्री प्रबंधन भी जांच में घिरा

Tue, 05 Jul 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Tue, 05 Jul 2016 12:21 AM IST
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Surrounded in the investigation into urea factory management
एसएसपी - फोटो : अमर उजाला

यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में जिला कृषि रक्षा अधिकारी विधि उपाध्याय और पुलिस की जांच में ग्रीन प्लाई फैक्ट्री प्रबंधन भी घेरे में है। सिडकुल पुलिस ने अपनी जांच में वस्तु अधिनियम (ईसी एक्ट) में पड़ताल शुरू कर दी है।

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कृषि विभाग और पुलिस की जांच में यूरिया खाद की कालाबाजारी की परतें खुलने लगी हैं। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले की सख्ती के बाद स्थानीय पुलिस भी यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में सख्त हो गई है। 
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बता दें कि बुधवार को सिडकुल पुलिस चौकी ने गश्त के दौरान सिडकुल के ग्रीन प्लाई फैक्ट्री के बाहर से यूरिया खाद से लदे एक ट्रक को चालक सहित संदिग्ध हालात में पकड़ा था। 
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जांच में ट्रक में किसान यूरिया खाद के 540 कट्टे बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला जिला कृषि विभाग को सौंप दिया था। विभाग की जांच में पाया गया था कि यूरिया खाद गदरपुर के मैसर्स किसान खाद भंडारण से लाई गई थी। रविवार को पुलिस ने गदरपुर के डीलर महेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमे की कार्रवई की थी। 

उसके बाद ड्राइवर के बयान और कृषि विभाग की जांच पर सोमवार को ग्रीन प्लाई फैक्ट्री प्रबंधन पर भी जांच शुरू हो गई है। उधर सोमवार दोपहर को सिडकुल पुलिस ने गश्त के दौरान ग्रीन प्लाई फैक्ट्री गेट के बाहर बिना वर्दी के हथियार लिए सुरक्षा कर्मियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। 

पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री के बाहर बिना वर्दी के हथियारों के साथ खड़ा रहना अपराध की श्रेणी में आता है, ऐसे में यह पता लगाया जा रहा है कि जो सुरक्षा कर्मी के नाम से हथियार लिए हुए थे क्या उनके पास शस्त्र लाइसेंस है या नहीं। वहीं जिस कंपनी ने सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं आखिर उन्होंने अपने कर्मचारियों को वर्दी क्यों नहीं उपलब्ध कराई है। 


खाद की कालाबाजारी सिडकुल की फैक्ट्रियों में किया जाना बड़ा अपराध है, किसानों को मिलने वाली खाद को कुछ लोग सब्सिडी का फायदा उठाकर गलत काम कर रहे हैं। इस मामले को मैं स्वयं देख रहा हूं। इसमें हमने पहले डीलर के खिलाफ 420 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है वहीं जांच में कई मामले पाए जा रहे हैं, जिनमें ग्रीन प्लाई फैक्ट्री का प्रबंधन भी जांच के दायरे में है। जिन फैक्ट्रियों में खाद की सप्लाई हो रही है उनकी भी जांच की जा रही है।  

- अनंत शंकर ताकवाले, एसएसपी, यूएस नगर

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