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बसों, कारों यहां तक की बाइकों तक पर ढोया गया स्टेट पूल का चावल 

Wed, 12 Dec 2018 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  जसपुर।
अमर उजाला ब्यूरो  जसपुर। Updated Wed, 12 Dec 2018 12:11 AM IST
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STF started inquiry
स्टेट पूल का चावल बसों, कारों और बाइकों से सप्लाई किया गया है। विपणन कार्यालय के मूवमेंट चालानों में इन्हीं वाहनों के पंजीकरण नंबर अंकित होने की जानकारी आरटीआई के तहत उपलब्ध कराई गई है। एसएसपी की ओर से मामले में गठित एसटीएफ ने करोड़ों रुपये के इस घोटाले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं। टीम इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि मूवमेंट चालानों पर दर्शाया गया कितना चावल गंतव्य तक पहुंचा है। 
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मोहल्ला चौहानान निवासी अधिवक्ता रवीश जैन ने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के आधार पर डीएन एग्रो के निदेशक निकेश अग्रवाल के खिलाफ स्टेट पूल का चावल सप्लाई करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विपणन कार्यालय के माध्यम से स्टेट पूल के मद में डीएन एग्रो ने भी चावल की सप्लाई की थी। आरटीआई के तहत विभाग की ओर से मूवमेंट चालान की जो प्रतियां उपलब्ध कराई हैं, उनमें बसों, कारों से लेकर मोटरसाइकिलों तक के नंबर अंकित है।
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आरोप है कि डीएम एग्रो के निदेशक निकेश अग्रवाल ने विपणन अधिकारियों से सांठगांठ कर कूटरचित चालानों पर स्टेट पूल के चावल की आपूर्ति होना दर्शाया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने इस मामले की जांच के लिए सीओ राजेश भट्ट के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। कोतवाल अब्दुल कलाम ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएन एग्रो की ओर से स्टेट पूल में चावल की सप्लाई का काम किया जा रहा है।
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मूवमेंट चालान पर इस दौरान 32 ट्रक चावल की सप्लाई की गई है। इसमें से कितना चावल गंतव्य तक पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। इधर, सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर (एसएमआई) नलिनी कांत ने इस मामले में किसी भी तरह के घोटाले की बात से इनकार किया है। कहा कि माल की प्राप्ति के बाद ही संबंधित व्यक्ति को भुगतान किया जाता है। 

भाइयों के बंटवारे के विवाद से बढ़ी रंजिश  
काशीपुर। भाइयों के बीच संपत्ति बंटवारे के विवाद में दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि डीएम एग्रो के निदेशक के जीजा और उनके भाई के बीच संपत्ति का बंटवारा हुआ, जिसमें एक पक्ष की ओर से छह लाख रुपये का चेक दिया गया। दूसरे पक्ष ने चेक में कूटरचना कर उसे साठ लाख का बनाकर बैंक में प्रस्तुत किया।


चेक निर्गत करने वाले पक्ष की आपत्ति पर बैंक प्रबंधन ने 21 मार्च 2018 को आरोपी अधिवक्ता रवीश जैन और उनके पिता राजबहादुर जैन के खिलाफ जसपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच आईटीआई थाना अध्यक्ष कुलदीप अधिकारी को सौंपी थी। आईटीआई थाना अध्यक्ष कुलदीप अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। इधर, इस मामले के बाद से ही दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही है। अब इसमें दूसरे पक्ष के रवीश जैन ने आरटीआई के तहत सूचना मांगकर निकेश के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज करा दी। 
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