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पूर्व दर्जा मंत्री को मिली बेल पर जाना पड़ा जेल
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 08 Oct 2016 12:12 AM IST
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पूर्व दर्जा मंत्री को मिली बेल पर जाना पड़ा जेल
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में बाधा डालने पर गिरफ्तार किए गए पूर्व दर्जा राज्य मंत्री अरुण शुक्ला किन्नू को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में उन्हें बेल तो मिल गई लेकिन तस्दीक बाउंड नहीं होने के चलते उन्हें जेल भेज दिया गया।
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किच्छा रोड पर रामनगर गांव में एनएच चौड़ीकरण की जद में आ रहे मंदिर को बचाने के लिए अनशन के दौरान कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों को बंधक बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर पूर्व दर्जा राज्य मंत्री अरुण शुक्ला को बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। भारी विरोध प्रदर्शन के बीच हुई गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता को रात भर हवालात में रखा गया, जहां शुक्ला ने अपना अनशन जारी रखा।
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दोपहर को उन्हें सिडकुल चौकी से जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे शुक्ला को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। घंटों चली सुनवाई के बाद शाम छह बजे शुक्ला को जमानत दे दी गई, लेकिन समय पर उनके तस्दीक बाउंड नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने उन्हें हल्द्वानी जेल भेज दिया। इस बीच शुक्ला के समर्थन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, हरेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, बलवंत सिंह, अरविंद कुमार, संजीव, रोहित, विक्की सहित दर्जनों समर्थक न्यायालय में जमा थे।
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शुक्ला ने त्यागा अन्न-जल
सरकारी कार्य में बाधा डालने पर गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेता अरुण शुक्ला ने पुलिस कस्टडी में भी अपना अनशन जारी रखा। उन्होंने विरोध जताते हुए अन्न-जल त्याग दिया। शुक्ला ने जेल में भी अन्न जल ग्रहण नहीं करने का ऐलान किया। शुक्ला ने चौकी से कोर्ट ले जाते वक्त एनएचआई के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनके साथ वहां मौजूद समर्थकों ने भी नारे लगाए।
हवालात में फीकी पड़ी चमक
आम तौर पर ऐशोआराम की जिंदगी व्यतीत करने वाले पूर्व दर्जा मंत्री अरुण शुक्ला को बृहस्पतिवार रात हवालात में बितानी पड़ी। वे सिडकुल चौकी की हवालात में सरकारी कंबल बिछाकर सोये। हवालात में रात बिताने के कारण शुक्रवार सुबह तक शुक्ला के चेहरे की चमक फीकी पड़ गई थी लेकिन फिर भी उनके तेवर नरम नहीं पड़े।
शुक्ला की पत्नी भूख हड़ताल पर
किच्छा रोड रामनगर स्थित मंदिर को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे अरुण शुक्ला को गिरफ्तार करने के खिलाफ शुक्रवार को उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य शशि प्रभा शुक्ला मंदिर परिसर में ही भूख हड़ताल पर बैठ गई। उनके समर्थन में कई महिलाओं ने धरना दिया।
शशि प्रभा का कहना था कि एनएच अधिकारियों ने मंदिर को बचाने के लिए पूर्व में जो समझौता किया था उसका पालन नहीं किया। इस मौके पर बसंती मिश्रा, रामप्यारी पांडे, इंद्रावती पांडे, बादामी गौढ़, उर्मिला गौढ़, निशा, देवकी तिवारी, पवित्रा देवी, सुमित्रा देवी, विद्यावती आदि थी।
कप्तान ने दिया संदेश, नहीं चलेगा हस्तक्षेप
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री अरुण शुक्ला के बचाव में बृहस्पतिवार देर रात तक पुलिस अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। पुलिस के कड़े रुख के कारण राजनीतिक हस्तक्षेप का कोई असर नहीं हुआ। शुक्ला की गिरफ्तारी के बाद से ही जिले से लेकर देहरादून तक के नेताओं के फोन पुलिस अधिकारियों के पास घनघनाने लगे।
सूत्र बताते हैं कि शुक्ला को इस केस से बचाने के लिए कई प्रभावशाली नेताओं ने पुलिस पर खूब दबाव बनाया, लेकिन कार्यदायी संस्था गल्फार कंपनी के अधिकारी के तल्ख तेवरों का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारियों ने हर दबाव को दरकिनार कर दिया। साथ ही पूर्व दर्जा राज्य मंत्री के साथ एक आम आदमी की तरह ही सलूक किया। कप्तान की भूमिका से एक बात साफ हो गई कि अब पुलिस पर राजनैतिक हस्तक्षेप आसान नहीं होगा।