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‘बहादुर थी मेरी बिटिया, पंकज को बचाने में गंवानी पड़ी होगी जान’
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:33 AM IST
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मां सर्वेश्वरी एन्क्लेव में डकैती और महिला अपर्णा की हत्या की खबर पता चलते ही मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की मां, पिता और भाई-बहन अपर्णा की मौत से सदमे में हैं। मृतका के पिता शशिशेखर परमेश रोते हुए कहते रहे कि ‘मेरी बिटिया बहाुदर थी, पति (पंकज) को बचाने की कोशिश में ही अपर्णा को जान गंवानी पड़ी होगी। आखिर उसने बदमाशों का क्या बिगाड़ा था। अब छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश कैसे होगी...।’
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बदमाशों का निशाना बनी अपर्णा के पिता शशिशेखर परमेश वर्ष 2013 में सिंचाई विभाग रांची (झारखंड) में अधीक्षण अभियंता के स्टेनो के पद से रिटायर हुए थे। अपर्णा के कहने पर शशिशेखर ने बगवाड़ा में मकान बना लिया और परिवार के साथ रह रहे हैं। तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़ी अपर्णा ही थी।
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मेडिसिटी अस्पताल में खुद रोते हुए अन्य परिजनों को संभालते हुए शशिशेखर ने बताया कि अपर्णा परिवार का पूरा ख्याल रखती थी। उसने बड़ी बहन होने की हमेशा ही जिम्मेदारी उठाई थी। दो महीने पहले ही पंकज ने अपर्णा के लिए स्कूटी खरीदी थी। पंकज ने अपनी कंपनी ईडन मोटर्स में साले अमित की नौकरी भी लगवाई थी। शशिशेखर ने बताया कि ‘अपर्णा बहुत बहादुर थी।
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वह कठिनाइयों का डटकर मुकाबला करती थी। घटना के वक्त भी बदमाशों ने पहले पंकज पर वार किया होगा। पंकज को बचाने के लिए अपर्णा बदमाशों से भिड़ी होगी और इसी में उसकी जान चली गई होगी।’ कहा कि शुक्रवार शाम को ही अपर्णा ने घर में फोन कर परिजनों से बातचीत की थी। उन्होंने उसे मोहल्ले में होने वाले एक कार्यक्रम में भी बुलाया था, लेकिन देरी होने की बात कहकर वह नहीं आई... और अब यह सब हो गया।