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मारवाड़ी गैंग के दस बदमाशों ने दिया था डकैती और लूट को अंजाम

Sun, 09 Sep 2018 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर। Updated Sun, 09 Sep 2018 12:35 AM IST
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marwari gang was involved in robbery
रुद्रपुर में पुलिस की गिरफ्त में डकैती और लूट के आरोपी - फोटो : amar ujala
तीन माह पूर्व सिंह कॉलोनी में हुई लूट और सर्वेश्वरी कॉलोनी में हुई हत्या, डकैती की वारदात को मारवाड़ी गैंग के दस बदमाशों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने गैंग लीडर सहित छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि चार पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पकड़े गये आरोपियों से पुलिस ने लूट का सामान और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिए हैं।  
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सीओ कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि आठ मई को अज्ञात बदमाशों ने आदर्श कॉलोनी चौकी क्षेत्र की सिंह कॉलोनी निवासी खाद्य विपणन अधिकारी नरेश चौहान और उनके किराएदार शिवेन सेठी के परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की थी। इसके बाद 22 मई को बदमाशों ने गंगापुर रोड स्थित सर्वेश्वरी कॉलोनी निवासी पंकज श्रीवास्तव के घर में घुसकर उनकी पत्नी अपर्णा की हत्या कर दी। 13 जुलाई को पुलिस ने सर्वेश्वरी कॉलोनी डकैती में शामिल प्रीत विहार के जैन हसन और इकबाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद अन्य बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने पुरानी घटनाओं की जांच पड़ताल के आधार पर थाना आईटीआई क्षेत्र में वर्ष 2015 में एक शोरुम में डकैती डालने वाले गिरोह को भी अपने रडार पर लिया जिससे पुलिस को मारवाड़ी गैंग के घटना में शामिल होने के कुछ सुराग मिले।
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इसके आधार पर शाहजहांपुर के निगोही और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले मारवाड़ी जाती के लोगों की सुरागकशी शुरूकी गई। इस दौरान पुलिस को सर्विलांस के माध्यम से ग्राम इशापुर थाना निगोही निवासी रामसिंह और बचराम उर्फ लीची के घटना के दौरान रुद्रपुर और हल्द्वानी में होने की जानकारी मिली जिसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश करते हुए उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में तीनों ने अपने साथी केदार, धीरेंद्र उर्फ लड्डू निवासी ग्राम रम्पुरा थाना पसगवा लखीमपुर खीरी यूपी, सूरज और खेम उर्फ खिम्मा ग्राम मिल्किया थाना निगोही के भी घटना में शामिल होने की बात कबूली। रामसिंह और लीची की निशानदेही पर उक्त चारों को भी निगोही से गिरफ्तार कर उनके पास से सर्वेश्वरी कॉलोनी से लूटे गए सोने के टाप्स, झुमके, हार और अंगूठी के साथ ही सिंह कॉलोनी से लूटी गई सोने की चेन और एक मोबाइल के साथ ही घटना में इस्तेमाल किये गये हथियार भी बरामद किये गये। घटना में शामिल धन्ना, लाला, दलगंजन और रामनाथ अभी फरार चल रहे हैँ जिनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। खुलासे के दौरान एसपी सिटी देवेंद्र पींचा, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय और सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार भी मौजूद रहे।  
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खुलासे में शामिल टीम 
प्रभारी निरीक्षक एसओजी एके सिंह, इंस्पेक्टर जीबी जोशी, तुषार बोरा, संजय कुमार, कैलाश भट्ट, उमेश कुमार मलिक, एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह, एसआई सुधाकर जोशी, विद्यादत्त जोशी, होषियार सिंह, मोहन चंद्र पांडे, ललित मोहन, कमलेश भट्ट, ओमप्रकाश सिंह, पंकज कुमार, हेड कांस्टेबल प्रकाश भगत, प्रकाश बवाड़ी, कांस्टेबल खीम सिंह अधिकारी, महेंद्र डंगवाल, बलवंत सिंह, संतोष रावत, सुबोध शर्मा,मतलूब हुसैन, यामिन, फिरोज, बबलू गोस्वामी, प्रमोद रौतेला, राजू पुरी, अमित त्यागी और संजय धौनी, महेंद्रगिरी, गोविंद बिष्ट, किशोर कुमार, सुरेंद्र सिंह, दुर्गा सिंह और सलमान अली थे।  

कासगंज डकैती के बाद बंट गया था गिरोह 
रुद्रपुर पुलिस द्वारा पकड़े गये बदमाशों ने रुद्रपुर से पहले यूपी के कासगंज में भी डकैती को अंजाम दिया था यहां लूट की रकम को लेकर रामसिंह और रामनाथ के बीच झगड़ा हुआ जिसके बाद गैंग बंट गया और रामनाथ के गैंग ने रामसिंह के गले में संबल मारकर उसे घायल कर दिया। यहां गैंग लीडर को काठू बोला जाता है और लूट का सबसे बड़ा हिस्सा भी उसे ही मिलता है। लेकिन रामनाथ और सूरज को उसका हिस्सा ना मिलने पर उनकी रामसिंह से दुश्मनी हो गई। रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में ही रामसिंह का उपचार कराया गया।  

बदमाशों का है आपराधिक इतिहास 
पकड़े गये बदमाशों का आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा चौड़ा है। कासगंज अमरोहा, चांदपुर और बिजनौर में की गई डकैती, हत्या और लूट के मामलों में लीची और रामनाथ के खिलाफ तीन- तीन, केदार के खिलाफ एक, और रामसिंह के खिलाफ नौ मुकदमे दर्ज हैं।  

रामनगर के निजी अस्पताल, लालकुआं से मिले सुराग 
रामसिह और रामनाथ के बीच जब बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ तो उसमें रामसिंह के साथ ही लाला और रामनाथ भी घायल हुए और दोनों ने रामनगर के एक निजी अस्पताल में अपना उपचार कराया। साथ ही घटना के दिन रामसिंह की लालकुआं और काठगोदाम में मौजूदगी और उसके बाद यहां से जाना भी पुलिस के लिए अहम सुराग बना।  


अपर्णा के परिजन ने कहा मिलनी चाहिए फांसी 
सर्वेश्वरी कॉलोनी में डकैतों द्वारा मारी गई अपर्णा के माता- पिता भी खुलासे के दौरान पहुंचे और दोनों ने खुलासे के लिए एसएसपी का आभार जताते हुए हत्यारों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि अपर्णा की बेटी इतने सदमे में है कि मंदिर में फोटो रखकर अपनी मां की पूजा करती है।  

 
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