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20 हजार की रिश्वत लेता जेई गिरफ्तार

Fri, 19 Apr 2019 11:49 PM IST
yashwant yashwant अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: yashwant yashwant Updated Fri, 19 Apr 2019 11:49 PM IST
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Jee arrested for taking bribe of 20 thousand
काशीपुर में रिश्वत के आरोपी जेई और अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
आटा चक्की के लिए आठ किलोवाट का विद्युत कनेक्शन स्वीकृत करने के नाम पर 20 हजार की रिश्वत लेने वाले अवर अभियंता (जेई) को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उसने शिकायतकर्ता से 30 हजार की मांग की थी। टीम ने आरोपी के घर की भी तलाशी ली और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। आरोपी के खिलाफ 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज कर टीम उसे अपने साथ हल्द्वानी ले गई है। 
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गोपीपुरा मोड़ चांदपुर निवासी हेमेंद्र श्रेष्ठ पुत्र तुलसीराम श्रेष्ठ ने विजिलेंस टीम के देहरादून स्थित मुख्यालय से संपर्क कर ऊर्जा निगम के प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई राजेंद्र सिंह पर बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। मुख्यालय के निर्देश पर हेमेंद्र ने एसपी विजिलेंस अमित श्रीवास्तव से संपर्क किया। हेमेंद्र ने 16 अप्रैल को विजिलेंस के ट्रैप प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार को लिखित शिकायत की थी कि 22 दिन पूर्व उसने आटा चक्की के लिए आठ किलोवाट का कनेक्शन स्वीकृत करने के लिए जेई राजेंद्र सिंह से संपर्क किया था। इस कनेक्शन की सरकारी फीस करीब नौ हजार रुपये है लेकिन जेई फीस के अतिरिक्त 30 हजार की रिश्वत मांग रहा था। सुबूत के तौर पर हेमेंद्र ने जेई के साथ हुई वार्ता का ऑडियो टेप भी विजिलेंस को सौंपा। इस पर विजिलेंस टीम के सीओ अरविंद डंगवाल, ट्रैप प्रभारी अरुण कुमार, इंस्पेक्टर संजय पांडे, कांस्टेबल नागेंद्र सिंह, जगदीश कुमार आदि ने काशीपुर पहुंचकर आरोपी की घेराबंदी शुरू की।
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शिकायतकर्ता से हुई वार्ता के आधार पर अवकाश के बावजूद जेई राजेंद्र सिंह 20 हजार की रिश्वत की रकम लेने आवास-विकास स्थित एसडीओ कार्यालय पहुंच गया। यहां हेमेंद्र ने कनेक्शन के 9 हजार रुपये समेत 19 हजार बाद में देने की बात कही। कार्यालय में हेमेंद्र टीम के कांस्टेबल के साथ जेई राजेंद्र से मिला और जैसे ही उसने दो-दो हजार के 10 नोट जेई को सौंपे, विजिलेंस टीम ने जेई को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। 
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विजिलेंस टीम ने खंगाला आरोपी का घर 
काशीपुर। रिश्वत लेने के मामले में जेई राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस के इंस्पेक्टर संजय पांडेय के नेतृत्व में टीम ने आरोपी के महुआखेड़ागंज के विजयनगर वार्ड स्थित आवास पर भी छापा मारा। टीम ने सभी कमरों की गहन तलाशी लेकर चल-अचल संपत्तियों, बैंक आदि से जुड़े दस्तावेज खंगाले। टीम ने उसके पिता, पत्नी और भाई से भी जेई राजेंद्र सिंह की संपत्तियों से संबंधित पूछताछ की। टीम जरूरी दस्तावेज ले गई। 

कस्बे के धनाढ्य लोगों में होती है जेई की गिनती 
काशीपुर। गिरफ्तार जेई राजेंद्र सिंह का परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध है। महुआखेड़ागंज में उसके परिवार के नाम सात एकड़ कृषि भूमि है। पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। एक भाई और बहन भी सरकारी विद्यालयों में शिक्षक हैं। बच्चे महंगे स्कूल में पढ़ते हैं। कस्बे में इस परिवार की गिनती अपनी बिरादरी के धनाढ्य परिवारों में होती है। राजेंद्र इससे पूर्व जसपुर के महुआडाबरा विद्युत उपकेंद्र पर तैनात रहा है। एक साल पहले ही वह स्थानांतरित होकर काशीपुर आया था। उसकी तैनाती प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र पर की गई थी। 


विभागीय व्यवस्था पर भी उठे सवाल 
काशीपुर। विद्युत कनेक्शन देने के मामले में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद सरकारी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। विभाग ने विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू की है। इसके लिए आवेदनकर्ता को अपने विवरण के साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जांच के लिए विभाग को भेजा जाता है। विभाग के स्तर पर इस आवेदन पत्र की जांच होती है। यहीं से सुविधा शुल्क का खेल शुरू होता है। शिकायतकर्ता हेमेंद्र का कहना है कि विभागीय अधिकारी ट्रांसफार्मरों पर पहले से ही लोड अधिक होने का बहाना बनाकर नए कनेक्शन देने से इनकार कर देते हैं या दस्तावेजी औपचारिकता के पूर्ण न होने के चलते उन्हें कनेक्शन नहीं दिया जाता। हेमेंद्र का कहना है कि तमाम साइबर कैफों पर चक्कर लगाने के बाद भी कनेक्शन के लिए उसका आवेदन अपलोड नहीं हो सका। इससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।

 
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