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एफएसएल रिपोर्ट ने दिलाई दुराचारी को 10 साल की सजा
ब्यूरो/ऊधमसिंह नगर
Updated Tue, 29 May 2018 12:44 AM IST
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स्कूल से लौट रही नाबालिग को बहलाकर अगवा करने के बाद उसके साथ दुराचार करने वाले युवक को पॉक्सो कोर्ट ने दस साल के कठोर कारावास के साथ ही 90 हजार रुपये अर्थदंड देने की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामले में पीड़िता और उसके पिता पक्षद्रोही हो गए थे लेकिन फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि सजा सुनाने का आधार बना।
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24 दिसंबर 2016 को बिलासपुर रामपुर यूपी निवासी किशोरी घर से स्कूल के लिए निकली थी लेकिन देर शाम तक वह घर नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं लगने पर उसके पिता ने 25 दिसंबर को काशीपुर थाने में मामला दर्ज कराया। छानबीन में जुटी पुलिस ने 31 दिसंबर को काशीपुर रोडवेज बस अड्डे से रामपुर निवासी दिलबाग के साथ किशोरी को बरामद कर लिया।
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पूछताछ में किशोरी ने बताया कि दिलबाग उसे बहलाकर साथ ले गया और बाद में उसके साथ दुराचार किया। इस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
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इस वर्ष 24 मार्च को पुलिस ने रुद्रपुर पॉक्सो कोर्ट में दिलबाग के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। पॉक्सो कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता उमेश नाथ पंाडे ने सात गवाह पेश किए लेकिन गवाहों के बयान के बाद पीड़िता के साथ ही उसके पिता भी पक्षद्रोही हो गए।
इसी बीच देहरादून जांच के लिए भेजी गई एफएसएल रिपोर्ट में दिलबाग द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने की पुष्टि हो गई। इस पर सोमवार को फैसला सुनाते हुए पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान ने दिलबाग को दस वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही पीड़िता को 90 हजार रुपये अर्थदंड देने की सजा सुनाई है। दिलबाग द्वारा अर्थदंड जमा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।