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खाना देते नहीं थे, पिटाई होती थी, अनाथालय से भागे पांच मासूम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
Updated Sat, 17 Feb 2018 12:10 AM IST
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रुद्रपुर में स्माइल टीम द्वारा बरामद किए गए अनाथ आश्रम के बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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फुलसुंगी गांव में संचालित अनाथालय से पांच बच्चे कपड़े और सामान समेटकर भाग निकले। सामान के साथ घूमते मासूमों की सूचना एक ग्रामीण ने पुलिस को दी। इसके बाद स्माइल टीम ने बच्चों को जिला बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया। बच्चों ने आश्रम से भागने की वजह खाना नहीं मिलना और मारपीट करना बताई है। सभी बच्चों ने वापस आश्रम में जाने से भी इनकार कर दिया।
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ग्राम फुलसुुंगी की वीर कॉलोनी में मजदूर उत्थान समिति का अनाथालय है। इसका संचालन एक साल से उमेश कुमार कर रहा था। पहले यह आश्रम खेड़ा में था, जिसे एक महीने पहले ही फुलसुंगा में शिफ्ट किया गया था। वर्तमान में सात अनाथ बच्चे यहां रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर को अनाथालय से आरती (7), गरिमा (7), गंगा (5), नितिन (5) और कुनाल (5) अपना सामान लेकर भाग निकले। शाम को बच्चे जब फुलसुंगा में घूम रहे थे तो सचिन छाबड़ा नाम के व्यक्ति की सूचना पर स्माइल टीम-तीन के प्रभारी एसआई धर्मेंद्र कुमार आर्य और कांस्टेबल विमल टम्टा ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को संरक्षण में लिया। साथ ही फाजलपुर महरौला में जिला बाल कल्याण केंद्र में पहुंचाकर इसकी सूचना समिति अध्यक्ष रजनीश बत्रा को दी।
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पुलिस ने अनाथालय संचालक उमेश को भी मौके पर बुलाकर पूछताछ की। बच्चों की बरामदगी की जानकारी के बाद उमेश को इनके भागने का पता चला। बच्चों की देखरेख में लापरवाही पर समिति अध्यक्ष रजनीश ने उमेश को जमकर लताड़ लगाई। रजनीश को बच्चों ने बताया कि उन्हें भरपेट खाना नहीं दिया जाता था। उनके साथ मारपीट भी होती है। फिलहाल पुलिस बच्चों के आश्रम से बाहर आने के कारणों की जांच कर रही है।
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संचालक के बताए नंबर निकले फर्जी
पुलिस ने अनाथालय संचालक उमेश से जब बच्चों के परिजनों के बारे में मालूमात की। संचालक ने बताया कि बच्चों के परिजन सितारगंज के कैलाशी और सूर्यनगर गांव के रहने वाले हैं। परिजन ही बच्चों को उसके पास छोड़कर गए हैं। जब पुलिस ने संचालक की ओर से दिए गए परिजनों के पांच नंबरों पर फोन किया तो एक भी नंबर सही नहीं निकला। इसके बाद पुलिस ने सितारगंज पुलिस से संपर्क साधकर संचालक के बताए गए परिजनों के पतों को तस्दीक करने को कहा।
कुछ महीने पहले ही पंजीकृत हुआ अनाथालय
पुलिस ने जब अनाथालय संचालक को तलब किया तो वह घबरा गया। बताया कि वह करीब एक साल से इसका संचालन कर रहा है। लेकिन, कुछ समय पहले ही अनाथालय पंजीकृत हुआ है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रजनीश ने बताया कि बच्चों ने खाना नहीं मिलने और पिटाई की शिकायत की है। फिलहाल बच्चों को बाल कल्याण समिति केंद्र में रखकर उनके खाने का इंतजाम किया जा रहा है।