ड्रग इंस्पेक्टर मिलते ही नशे के सौदागरों पर कसा शिकंजा
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अवैध शराब के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाने वाली जिले की पुलिस ने मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर के मिलते ही खेड़ा क्षेत्र में नशीली दवाएं बेच रहे मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर एक मेडिकल स्वामी को हिरासत में लिया है। 28 अप्रैल को अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। दवा के नाम पर नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस पहले ही रणनीति बना चुकी थी, लेकिन जिले में किसी ड्रग इंस्पेक्टर की तैनाती न होने से पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही थी। मंगलवार को अल्मोड़ा जिले से ड्रग इंस्पेक्टर मिलते ही पुलिस ने नशीली दवाएं बेचने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी।
रुद्रपुर शहर के रंपुरा, खेड़ा, भदईपुरा, ट्रांजिट कैंप आदि स्थानों पर कुछ मेडिकल स्वामियों द्वारा लंबे समय से नशीली दवाओं का कारोबार किया जा रहा है। सारे कारोबार की जानकारी पुलिस के संज्ञान में आने के बाद भी पुलिस जिले में ड्रग इंस्पेक्टर न होने के कारण नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने में लाचार थी। इसका अभियान चलाने के लिए एएसपी देवेंद्र पिंचा ने एसएसपी सदानंद दाते के निर्देश पर पखवाड़ेभर पहले ही एसओजी की मदद से ठोस रणनीति बना ली थी, लेकिन स्वास्थ विभाग पुलिस को ड्रग इंस्पेक्टर नहीं दिला पा रहा था। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने अल्मोड़ा में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट को मेडिकल स्टोरों की जांच के लिए रुद्रपुर भेजा।
सीओ हिमांशु साह के नेतृत्व में खेड़ा कॉलोनी पहुंची मीनाक्षी ने सबसे पहले किशन मेडिकल स्टोर पर छापा मारा लेकिन वहां टीम को कुछ नहीं मिला। इस पर टीम कुछ दूर स्थित गंगवार ब्रदर्स मेडिकल स्टोर पर पहुंची। वहां टीम को भारी मात्रा में एविल, अल्प्रजोलाम, वाक्सीवान मिली, जिन्हें वह डॉक्टर की पर्ची के बिना बेच रहा था जो कि गलत है। पर्ची से देने के बाद भी इन दवाओं का रिकॉर्ड रखना होता है जो कि मेडिकल स्वामी राकेश कुमार गंगवार के पास नहीं था। इस पर पुलिस ने राकेश की दुकान को सील कर उसे हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
कुछ आगे बढ़ने पर टीम को जानकारी मिली कि अतहर इलेक्ट्रिक की दुकान पर भी दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिस पर टीम ने दुकान पर छापा मारकर वहां रखी कुछ दवाओं को कब्जे में लेकर अतहर को हिरासत में ले लिया। हेल्थ मेडिकल स्टोर का स्वामी अब्बास अली दवाओं की खरीद, बिक्री का रिकॉर्ड नहीं था, इसलिए उससे ड्रग इंस्पेक्टर ने स्पष्टीकरण मांगा है। कार्रवाई के दौरान ट्रांजिट कैंप थाना एसओ एमपी सिंह, रंपुरा चौकी प्रभारी आरसी तिवारी, एसओजी प्रभारी विद्याधर जोशी, दरोगा सुशील कुमार आदि थे।
मंगलवार को खेड़ा में मेडिकल स्टोरों पर की गई छापेमारी की रणनीति पहले ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर के अभाव में किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर पा रहे थे। मंगलवार को ड्रग इंस्पेक्टर के आने पर कार्रवाई की गई। अभी और भी कई मेडिकल स्वामियों को पुलिस द्वारा चिह्नित किया गया है। जल्द ही बड़ा अभियान चलाकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र पिंचा एएसपी, रुद्रपुर।
टीम को देखते ही गिरे मेडिकल स्टोरों के शटर
नशीली दवाओं के खिलाफ खेड़ा कॉलोनी में टीम को देखते ही कई मेडिकल स्टोर स्वामी अपनी दुकानों का शटर गिराकर फरार हो गये। खेड़ा कॉलोनी के अधिकतर मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाओं का खुला कारोबार किया जाता है। विभिन्न जगहों से नशेड़ी यहां आकर इन दुकानों से नशीली दवाएं खरीदते हैं। पांच माह पूर्व भी खेड़ा में मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई थी तो भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन आदि बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को जैसे ही टीम ने खेड़ा की एक दुकान पर छापा मारा तो कई दुकानदार अपना शटर गिराकर भाग गये।
तीन टीमों ने की छापेमारी
खेड़ा कॉलोनी में नशीली दवाओं के खिलाफ छापेमारी अभियान में तीन टीमों को लगाया गया था। इनमें से एक टीम ने रंपुरा चौकी प्रभारी आरसी तिवारी, दूसरी टीम ने ट्रांजिट कैंप एसओ एमपी सिंह, तीसरी टीम ने सीओ हिमांशु शाह के नेतृत्व में दुकानों की घेराबंदी की। इसके चलते एक नशे का सौदागर पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
प्रदेश में सात ड्रग इंस्पेक्टर के पद खाली
ड्रग इंस्पेक्टर की कमी से सिर्फ जिले में ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई और जिले भी जूझ रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में जिलेवार मात्र पांच ड्रग इंस्पेक्टर हैं और एक ड्रग इंस्पेक्टर को मुख्यालय में तैनात किया गया है, जबकि सात पद अभी भी रिक्त चल रहे हैं। मंगलवार को अल्मोड़ा पहुंची ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट के पास ही पूरे कुमाऊं मंडल का कार्यभार है। इसके चलते वह सभी जिलों में कार्रवाई के लिए नहीं जा पाती। औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी कुमाऊं मंडल हेमंत सिंह नेगी का कहना है कि कुछ समय पूर्व प्रदेश में तैनात ड्रग इंस्पेक्टरों की पदोन्नति के बाद पद खाली हो गए है। इन पदों पर लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती की जाती है। शासन को खाली पदों को भरने के लिए पत्र भेजा गया है।
टैक्स चोरी भी कर रहे हैं मेडिकल स्टोर स्वामी
मंगलवार को खेड़ा कॉलोनी के मेडिकल स्टोरों में की गई छापेमारी से जहां इस बात की पुष्टि हुई कि यहां पर नशीली दवाओं का खुला कारोबार किया जाता है। इस बात का भी खुलासा हुआ कि यहां कई मेडिकल स्वामी कर चोरी भी कर रहे हैं। छापेमारी के दौरान दो मेडिकल स्वामी ड्रग इंस्पेक्टर को अपने दुकान पर दवा खरीद और बिक्री का रिकॉर्ड नहीं दिखा सके। इससे स्पष्ट होता है कि उक्त मेडिकल स्वामी बिल लेकर दवा की खरीद नहीं करते हैं जबकि बिल में दवाओं की खरीद करने पर सरकार को पांच प्रतिशत का टैक्स देय है। टैक्स बचाने के लिए मेडिकल स्वामी दो नंबर में दवा की खरीदते हैं। आगरा, दिल्ली, बरेली, मुरादाबाद से दवाओं की अवैध खेप आती है।