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विदेश में नौकरी के सपने दिखाकर कबूतरबाजी
अमर उजला ब्यूरो ऊधमसिंह नगर
Updated Sun, 22 May 2016 12:49 AM IST
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नगर से सटे उमरुखुर्द के इस्लामनगर में विदेश में नौकरी के सपने दिखाकर कबूतरबाजी का मामला प्रकाश में आया है। जमौर गांव के कुछ लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। अभी तक बाजार चौकी पुलिस को तीन लोगों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर ठगी का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर सौंपी है। जबकि नामजद आरोपी ठगी का शिकार हुए युवकों के विरुद्ध एसएसपी को तहरीर सौंप चुका है। जिसकी जांच भी बाजार चौकी पुलिस के पास लंबित है।
इस्लामनगर निवासी नजरूल हसन, रिजवान अंसारी, मो. कासिब ने बाजार चौकी प्रभारी डीएस पांगती को सौंपी तहरीर में कहा कि नामजद आरोपी ने सितंबर में स्वयं को दुबई व खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया था। उसने विदेश में अच्छी नौकरी और रुपये दिलाने का झांसा दिया। उनसे एक लाख 20 हजार, 80-80 हजार रुपये लिए गए। उन्हें वर्क वीजा न देकर टूरिस्ट वीजा देकर दुबई पहुंचा दिया, उनसे कहा कि वहां एक सप्ताह बाद वर्क वीजा दिया जाएगा। नौ अप्रैल को वह लोग दिल्ली से प्लेन द्वारा दुबई को रवाना हुए। दुबई पहुंचने पर वहां उन्हें दो और एजेंट मिले जिन्होंने उन्हें शारजहां, अजमान शहर भेज दिया लेकिन किसी कारखाने में काम नहीं दिलाया।
वहां उन्हें मारा पीटा गया। उन्हें ईराक भेजने के लिए दबाव बनाया गया। वह किसी तरह एजेंटों के चंगुल से निकलकर 26 अप्रैल को वापस अपने घर पहुंचे। यहां जब उन्होंने अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी तो ग्रामीणों ने नामजद आरोपी से पैसा दिलाने की बात कहकर पंचायत कराई। दस मई को पैसे वापस करने का वायदा किया गया। लेकिन 20 मई तक उन्हें रकम नहीं लौटायी गई। उल्टा उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। बाजार चौकी प्रभारी पांगती ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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इस्लामनगर निवासी नजरूल हसन, रिजवान अंसारी, मो. कासिब ने बाजार चौकी प्रभारी डीएस पांगती को सौंपी तहरीर में कहा कि नामजद आरोपी ने सितंबर में स्वयं को दुबई व खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया था। उसने विदेश में अच्छी नौकरी और रुपये दिलाने का झांसा दिया। उनसे एक लाख 20 हजार, 80-80 हजार रुपये लिए गए। उन्हें वर्क वीजा न देकर टूरिस्ट वीजा देकर दुबई पहुंचा दिया, उनसे कहा कि वहां एक सप्ताह बाद वर्क वीजा दिया जाएगा। नौ अप्रैल को वह लोग दिल्ली से प्लेन द्वारा दुबई को रवाना हुए। दुबई पहुंचने पर वहां उन्हें दो और एजेंट मिले जिन्होंने उन्हें शारजहां, अजमान शहर भेज दिया लेकिन किसी कारखाने में काम नहीं दिलाया।
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वहां उन्हें मारा पीटा गया। उन्हें ईराक भेजने के लिए दबाव बनाया गया। वह किसी तरह एजेंटों के चंगुल से निकलकर 26 अप्रैल को वापस अपने घर पहुंचे। यहां जब उन्होंने अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी तो ग्रामीणों ने नामजद आरोपी से पैसा दिलाने की बात कहकर पंचायत कराई। दस मई को पैसे वापस करने का वायदा किया गया। लेकिन 20 मई तक उन्हें रकम नहीं लौटायी गई। उल्टा उन्हें फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। बाजार चौकी प्रभारी पांगती ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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