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रम्पुरा क्षेत्र से कक्षा सात के छात्र का अपहरण
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
Updated Sun, 05 Jun 2016 11:38 PM IST
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अपहृत छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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रम्पुरा क्षेत्र से कक्षा सात के छात्र का अपहरण होने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अपहरणकर्ताओं द्वारा 10 लाख की फिरौती मांगने की बात सामने आने के बाद पुलिस के होश उड़ गए। सूचना के बाद एसएसपी के आदेश पर तत्काल पुलिस की दो टीमें अपहृत छात्र के पिता को लेकर उसकी बरामदगी के लिए यूपी क्षेत्र में दबिशें देने चली गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक अपहृत छात्र का पता नहीं चल सका।
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रम्पुरा निवासी हरिनारायण पाल की घर के नीचे ही किराने की दुकान है। शुक्रवार सुबह 9 बजे हरिनारायण के मोबाइल पर एक फोन आया। फोन करने वाले ने उससे कहा कि वह उसके पुत्र अंकित पाल (12) का दोस्त है और उसे कुछ स्कूल का काम है, उससे बात करा दो। इस पर हरिनारायण से अंकित से उसकी बात करा दी। कुछ देर बाद अंकित घर से चला गया, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं आया।
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जब उन्होंने जिस मोबाइल से फोन आया था उस पर फोन किया तो वह बंद हो गया कई बार फोन लगाने के बाद भी फोन चालू नहीं हुआ। इसके बाद घबराए अंकित के पिता हरिनारायण ने रम्पुरा चौकी पुलिस को घटना की जानकारी दी। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले को सूचना मिलते ही उन्होंने पुलिस की दो टीमें गठित कर अंकित के पिता को उनके साथ रवाना कर दिया।
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इधर बताया जाता है कि पुलिस कुछ अहम सुराग मिलने पर यूपी के कुछ क्षेत्रों में दबिश भी दी। अंकित के अपहरण की सूचना फैलते ही पूरे रम्पुरा क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग जानकारी लेने के लिए अंकित के घर पहुंचते रहे। लोगों के मुताबिक हरिनारायण का किसी से कोई विवाद नहीं है।
इसके बावजूद अंकित के अपहरण होने से लोग अचंभित हैं। इस मामले में एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले का कहना है कि रम्पुरा थाने में छात्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है, किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस की दो टीमें यूपी के सीमावर्ती जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं। कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं, जिससे जल्द ही पुलिस छात्र की सकुशल बरामदगी का प्रयास कर रही है।
अपहरणकर्ताओं ने मांगी 10 लाख की फिरौती
अंकित के घर पर रविवार सुबह से लोगों का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान जब मीडिया कर्मियों ने अंकित के परिजनों से किसी के द्वारा फोन पर फिरौती मांगने की बात पूछी तो अंकित की मां ने ऐसा कोई फोन आने से इंकार कर दिया। जबकि कुछ लोगों ने बताया कि अंकित के घर से जाने के बाद अपहरणकर्ताओं ने लगातार दो तीन बार 10 लाख रुपये फिरौती के लिए फोन किया था। इधर परिवार के इकलौता होने के चलते अंकित के अपहरण से उसकी मां चंद्रेस पाल की तबियत बेहद खराब हो गई है। अंकित की मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
एसएसपी का घेराव कर अंकित की बरामदगी की मांग
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ ने अपहृत अंकित की मां चंद्रेस के साथ कोतवाली में एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले से मुलाकात की। उन्होंने अपहृत अंकित की बरामदगी के लिए अब तक पुलिस द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी ली। एक बार फिर बेहड़ ने कहा कि पुलिस एक्टिव नहीं है जिसके चलते क्राइम बढ़ता चला जा रहा है। एसएसपी ताकवाले ने कहा कि पुलिस की दो टीमें अंकित की खोजबीन कर रही है। जहां-जहां टीम को अंकित के होने के सुराग मिल रहे हैं वहां दबिशें दी जा रही हैं। इधर रम्पुरा के सैकड़ों लोगों ने कोतवाली में निरीक्षण को पहुंचे एसएसपी का घेराव कर अंकित की शीघ्र बरामदगी की मांग की।
दो दिन की कार्रवाई शून्य
दो दिन पूर्व अपहृत अंकित के पिता ने रम्पुरा चौकी पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन बताया जाता है कि पुलिस ने इसे गंभीरता नहीं लिया। यदि पुलिस इस पर तुरंत एक्शन लेती तो शायद अब तक अंकित सकुशल घर वापस आ जाता। दो दिन से पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई भी शून्य दिखाई दे रही है।