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चेक बाउंस के आरोपी को एक साल की सजा
Sat, 18 May 2019 12:00 AM IST
अरुण कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: अरुण कुमार
Updated Sat, 18 May 2019 12:00 AM IST
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Decision of court
- फोटो : amar ujala
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चार साल पहले हुए चेक बाउंस के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को एक साल कारावास की सजा सुनाने के साथ ही साढ़े पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड में से पांच हजार की धनराशि राज्य के पक्ष में जमा की जाएगी। ग्राम रामनगर तहसील किच्छा निवासी अवधेश पांडेय ने 29 जून 2015 में ट्रांजिट कैंप थाने में मिणाल पांडे निवासी ग्राम प्रेमनगर गदरपुर के खिलाफ चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराया था।
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अवधेश का कहना था कि मिणाल ने करीब चार महीने पूर्व जरूरत बताकर उससे चार लाख रुपये उधार लिए थे। जब उसने तगादा किया तो मिणाल ने दो-दो लाख रुपये के दो चेक उसे दिए थे। उसने नैनीताल बैंक की सिडकुल शाखा में चेक लगाया तो बैंक ने 20 मई 2015 को वापसी मेमो में फंड्स इन्सफिशिएंट की टिप्पणी के साथ अनादरित कर वापस कर दिया।
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इसी तरह से दूसरा चेक भी पीएनबी रुद्रपुर शाखा ने वापसी मेमो में उक्त टिप्पणी के साथ अनादरित कर वापस कर दिया था। इसके बाद उन्होंने छह जून 2015 को अधिवक्ता के माध्यम से मिणाल को दो अलग अलग पतों पर विधिक नोटिस भेजे थे। इसके बाद परिवाद कोर्ट में पेश किया गया।
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मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ चतुर्थ अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क, बयान और सबूतों के बाद कोर्ट ने बीते 14 मई को अभियुक्त मिणाल को चेक बाउंस का दोषी पाया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा कय्यूम ने मिणाल पांडे को एक साल के कारावास की सजा और साढ़े पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाने का फैसला सुनाया। अर्थदंड की धनराशि में से पांच लाख 45 हजार रुपये परिवादी अवधेश कुमार को बतौर प्रतिकर दिया जाएगा। शेष धनराशि का अंकन पांच हजार रुपये राज्य के पक्ष में जमा की जाएगी।