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बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में अब तक 56 को सजा
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ध्ान सिंह बिष्ट
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:28 AM IST
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Rape, Gangrape
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उन्नाव और कठुआ में बच्चियों से दरिंदगी सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं है, अपने जिले में भी कई बच्चियां हैवानों का शिकार हुई हैं। रुद्रपुर जिला कोर्ट में स्थित पॉक्सो कोर्ट में तीन वर्षों में 262 मामले पहुंच चुके हैं। इसमें से कोर्ट ने 150 मामलों का निस्तारण कर 56 आरोपियों को सजा सुनाई है। इनमें एक को फांसी, 12 को आजीवन कारावास और अन्य 10 वर्ष से अधिक का कारावास भुगत रहे हैं। 112 मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को सजा देने के लिए एक मई 2015 को रुद्रपुर जिला कोर्ट में पॉक्सो कोर्ट का गठन किया गया था। इन तीन वर्षों में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के 262 मामले जिले भर से कोर्ट में पहुंचे। इनमें से 150 मामलों का निस्तारण कर कोर्ट 56 आरोपियों को सजा सुना चुका है। प्रदेेश में पहली बार इसी कोर्ट ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही 12 आरोपियों को उम्रकैद और अन्य को 10 वर्ष से अधिक के कारावास की सजा भी कोर्ट द्वारा सुनाई गई है। निस्तारित हुए 150 मामलों की पैरवी करने वाले पॉक्सो कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता उमेशनाथ पांडे ने बताया कि उक्त मामलों में करीब 40 मामलों में नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ और अन्य सभी में दुष्कर्म की घटना शामिल है। चार ऐसे भी मामले हैं, जिसमें बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई। अभी भी 112 मामले कोर्ट में विचाराधीन है, जिनके निस्तारण के लिए कोर्ट की ओर से अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
फांसी की सजा से रचा था इतिहास
रुद्रपुर। पॉक्सो कोर्ट की तत्कालीन जज नीलम रात्रा की अदालत में वर्ष 2017 में काशीपुर क्षेत्र में युवक की ओर से आठ वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का मामला पहुंचा था। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता उमेशनाथ पांडे द्वारा की गई थी। इसमें न्यायाधीश नीलम रात्रा ने पांच अप्रैल 2017 को बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी करनदीप को फांसी की सजा सुनाई। प्रदेश में बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा का यह पहला निर्णय था। बता दें कि किच्छा और दिनेशपुर में 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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खून के रिश्ते भी हो चुके कलंकित
रुद्रपुर। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सिर्फ अंजान लोग ही अदालत में दोषी नहीं पाए गए। रुद्रपुर पॉक्सो कोर्ट में निस्तारित हुए 150 मामलों में करीब 10 ऐसे मामले भी थे, जिसमें परिवार के ही करीबी रिश्तेदार ने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया था। कुछ मामलों में खून के रिश्ते भी कलंकित हुए।
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बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को सजा देने के लिए एक मई 2015 को रुद्रपुर जिला कोर्ट में पॉक्सो कोर्ट का गठन किया गया था। इन तीन वर्षों में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ के 262 मामले जिले भर से कोर्ट में पहुंचे। इनमें से 150 मामलों का निस्तारण कर कोर्ट 56 आरोपियों को सजा सुना चुका है। प्रदेेश में पहली बार इसी कोर्ट ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही 12 आरोपियों को उम्रकैद और अन्य को 10 वर्ष से अधिक के कारावास की सजा भी कोर्ट द्वारा सुनाई गई है। निस्तारित हुए 150 मामलों की पैरवी करने वाले पॉक्सो कोर्ट के शासकीय अधिवक्ता उमेशनाथ पांडे ने बताया कि उक्त मामलों में करीब 40 मामलों में नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ और अन्य सभी में दुष्कर्म की घटना शामिल है। चार ऐसे भी मामले हैं, जिसमें बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई। अभी भी 112 मामले कोर्ट में विचाराधीन है, जिनके निस्तारण के लिए कोर्ट की ओर से अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
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फांसी की सजा से रचा था इतिहास
रुद्रपुर। पॉक्सो कोर्ट की तत्कालीन जज नीलम रात्रा की अदालत में वर्ष 2017 में काशीपुर क्षेत्र में युवक की ओर से आठ वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने का मामला पहुंचा था। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता उमेशनाथ पांडे द्वारा की गई थी। इसमें न्यायाधीश नीलम रात्रा ने पांच अप्रैल 2017 को बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी करनदीप को फांसी की सजा सुनाई। प्रदेश में बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा का यह पहला निर्णय था। बता दें कि किच्छा और दिनेशपुर में 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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खून के रिश्ते भी हो चुके कलंकित
रुद्रपुर। नाबालिगों के साथ दुष्कर्म करने के मामले में सिर्फ अंजान लोग ही अदालत में दोषी नहीं पाए गए। रुद्रपुर पॉक्सो कोर्ट में निस्तारित हुए 150 मामलों में करीब 10 ऐसे मामले भी थे, जिसमें परिवार के ही करीबी रिश्तेदार ने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया था। कुछ मामलों में खून के रिश्ते भी कलंकित हुए।