{"_id":"59ff5e2e4f1c1b6a678b9aa9","slug":"51509908014-udham-singh-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार साल में लक्ष्मीपुर माइनर की सुरक्षा दीवार नहीं बनी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार साल में लक्ष्मीपुर माइनर की सुरक्षा दीवार नहीं बनी
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशीपुर। हाइकोर्ट के आदेश पर लक्ष्मीपुर माइनर से अतिक्रमण हटाने की आधी-अधूरी कार्रवाई से माइनर की टूटी सुरक्षा दीवारें (पैरा पिट) अभी तक नहीं बनी हैं, जो लोगों के जान के लिए खतरा बनी हुई है। आए दिन वाहन सहित लोगों के माइनर में गिरने की घटनाएं होती रहती है।
एक जनहित याचिका में वर्ष 2013 से 2016 तक कई बार प्रशासन ने लक्ष्मीपुर माइनर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण कारियों द्वारा हाइकोर्ट से स्टे आर्डर लेने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं होने से जगह जगह लक्ष्मीपुर माइनर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त पड़ी है। माइनर गली मोहल्लों से गुजरती है, जिससे बिना सुरक्षा दीवार के बच्चों के माइनर में गिरने का खतरा बना रहता है।
दो साल पहले बांसफोड़ान चौकी के सामने एक बच्चे की खेलते हुए माइनर में गिरने से मौत हो गई है। जब तक माइनर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं होती है तब तक नगर निगम भी माइनर को कवर्ड नहीं कर सकता है। माइनर के किनारे सड़क होने से आए दिन बाइक सवार व ई-रिक्शा घोड़ा तांगा माइनर में गिरते रहते हैं।
विज्ञापन
रामनगर मार्ग पर हीरो शोरूम से टूरिस्ट होटल तक माइनर सड़क किनारे है। लेकिन सुरक्षा दीवार नहीं होने से आए दिन लोग इसमें गिरते रहे हैं। मोहल्ला काजीबाग से लक्ष्मीपुर पट्टी तक माइनर आबादी के बीच गुजरती है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र में तो माइनर की गहराई सात आठ फुट तक गहरी है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
विज्ञापन
एक जनहित याचिका में वर्ष 2013 से 2016 तक कई बार प्रशासन ने लक्ष्मीपुर माइनर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अतिक्रमण कारियों द्वारा हाइकोर्ट से स्टे आर्डर लेने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं होने से जगह जगह लक्ष्मीपुर माइनर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त पड़ी है। माइनर गली मोहल्लों से गुजरती है, जिससे बिना सुरक्षा दीवार के बच्चों के माइनर में गिरने का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
दो साल पहले बांसफोड़ान चौकी के सामने एक बच्चे की खेलते हुए माइनर में गिरने से मौत हो गई है। जब तक माइनर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं होती है तब तक नगर निगम भी माइनर को कवर्ड नहीं कर सकता है। माइनर के किनारे सड़क होने से आए दिन बाइक सवार व ई-रिक्शा घोड़ा तांगा माइनर में गिरते रहते हैं।
विज्ञापन
रामनगर मार्ग पर हीरो शोरूम से टूरिस्ट होटल तक माइनर सड़क किनारे है। लेकिन सुरक्षा दीवार नहीं होने से आए दिन लोग इसमें गिरते रहे हैं। मोहल्ला काजीबाग से लक्ष्मीपुर पट्टी तक माइनर आबादी के बीच गुजरती है। लक्ष्मीपुर क्षेत्र में तो माइनर की गहराई सात आठ फुट तक गहरी है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।