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गलत जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने की शिकायत
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:26 AM IST
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रुद्रपुर। गदरपुर में तैनात शिक्षिका पर तथ्यों को छिपाते हुए गलत जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। एक व्यक्ति ने एसआईटी देहरादून को मामले की शिकायत की है। एसआईटी के निर्देश पर डीईओ बेसिक ने शिक्षिका के दस्तावेज जांच के लिए भिजवा दिए हैं।
मेट्रोपोलिस सिटी में रहने वाले आकाश दिवाकर ने एसआईटी को दी शिकायत में कहा कि ट्रांजिट कैंप निवासी महिला गदरपुर क्षेत्र के एक स्कूल में प्रधानाध्यापिका है। इन्होंने 1996 में नौकरी हासिल की थी। आरोप है कि शिक्षिका के पास अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र है। उसकी जाति के अभ्यर्थियों को छात्रवृत्ति तो मिलती है, लेकिन लेकिन नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। वर्तमान समय में यह शासनादेश उत्तराखंड में प्रभावी है। महिला ने साठगांठ कर नौकरी हासिल की और फिर पदोन्नति भी ले ली।
इधर प्रभारी जिला शिक्षाधिकारी रवि मेहता ने बताया शिक्षिका के दस्तावेज के फर्जी होने की शिकायत एसआईटी से की गई है। इसके बाद एसआईटी को शिक्षिका के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। अगर जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। बताया कि जिले में 191 शिक्षकों के दस्तावेजों की शिकायतों की जांच हो रही है।
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मेट्रोपोलिस सिटी में रहने वाले आकाश दिवाकर ने एसआईटी को दी शिकायत में कहा कि ट्रांजिट कैंप निवासी महिला गदरपुर क्षेत्र के एक स्कूल में प्रधानाध्यापिका है। इन्होंने 1996 में नौकरी हासिल की थी। आरोप है कि शिक्षिका के पास अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र है। उसकी जाति के अभ्यर्थियों को छात्रवृत्ति तो मिलती है, लेकिन लेकिन नौकरी में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। वर्तमान समय में यह शासनादेश उत्तराखंड में प्रभावी है। महिला ने साठगांठ कर नौकरी हासिल की और फिर पदोन्नति भी ले ली।
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इधर प्रभारी जिला शिक्षाधिकारी रवि मेहता ने बताया शिक्षिका के दस्तावेज के फर्जी होने की शिकायत एसआईटी से की गई है। इसके बाद एसआईटी को शिक्षिका के दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। अगर जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी। बताया कि जिले में 191 शिक्षकों के दस्तावेजों की शिकायतों की जांच हो रही है।
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