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सावधान ! रुद्रपुर के बाजार में पहुंच रहे दो हजार के नकली नोट
Updated Sun, 17 Sep 2017 01:12 AM IST
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रुद्रपुर। अगर आप बाजार में खरीदारी करने आये हैं तो खरीदारी करते वक्त पैसों के लेनदेन को ठीक से जांच लें। हो सकता है आपके हाथ में दो हजार का नकली नोट आ जाए। ऐसी ही सावधानी एटीएम से रुपये निकालने में भी बरतें। 15 दिनों के भीतर शहर में दो हजार रुपये के दो नकली नोट मिलने का मामला प्रकाश में आ चुका है। इसमें से एक नोट एसबीआई के एटीएम से निकला है तो दूसरा दुकानदार को किसी ग्राहक ने दिया है। पुलिस बाजार में नकली नोट पहुंचाने वालों का पता लगा रही है।
त्यौहार नजदीक आते ही मिलावटी और नकली सामान के साथ ही नकली नोट भी पहुंच रहे हैं। नकली नोट मिलने का पहला मामला 15 दिन पहले सिब्बल सिनेमा रोड पर स्थित एक दुकान में आया था। ग्राहक के दिए दो हजार रुपये के नोट को जब दुकानदार ने दूसरी जगह दिया तो नोट नकली होने का पता चला। बैंक प्रबंधन ने दुकानदार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की राय देकर टरका दिया। शनिवार को किच्छा रोड स्थित रामनगर गांव में रहने वाले शरीफ अहमद ने बताया कि वह महेंद्रा कंपनी में काम करता है। उसने श्याम टॉकीज रोड स्थित रविंद्रनगर में लगे एसबीआई के एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले तो इसमें दो हजार का एक नकली नोट निकला। शरीफ ने इंद्रा चौक स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचकर बैंक प्रबंधक को मामले से अवगत कराया। बैंक प्रबंधन ने उन्हें पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। शरीफ ने कोतवाली पुलिस को मामले की तहरीर सौंपी है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच के लिए बैंक प्रबंधन से संपर्क कर रही है।
नकली नोट आरबीआई कानपुर भेजा जाता है
रुद्रपुर। नकली नोट मिलने पर ग्राहक द्वारा संबंधित बैंक से संपर्क किया जाता है। बैंक प्रबंधन नोट की जांच के बाद नकली पाने पर उसे आरबीआई कानपुर को भेज देता है। आरबीआई अपनी रिपोर्ट संबंधित बैंक को भेजता है। इसके आधार पर बैंक प्रबंधन थाने में नकली नोट के मामले का मुकदमा दर्ज करवाता है।
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बैंक की पकड़ में कैसे नहीं आया नोट
रुद्रपुर। अगर बैंक में किसी भी ग्राहक द्वारा नोट जमा किया जाता है तो बैंक नोट के असली या नकली होने की जांच करता है। आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार नोट पर कुछ भी लिखा हो तो बैंक उसे नहीं लेता है, लेकिन शनिवार को एसबीआई के एटीएम से निकले दो हजार के जाली नोट के मामले में सवाल उठ रहे हैं। पहला तो बैंक के पास नकली नोट कैसे पहुंचा और बिना जांचे बैंक ने उसे एटीएम में रुपये डालने वाली एजेंसी को दे दिया। नकली नोट में दांयी ओर पेंसिल से 85 भी लिखा है।
-- एटीएम में कैश डालने के लिए हमें बैंक से बल्क में नोट मिलते हैं। इनकी हमारे सामने गिनती होती है मगर असली नकली की जांच नहीं होती। इसके कैश को एटीएम में डाल दिया जाता है। अगर एटीएम से नकली नोट निकलता है तो उसमें पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की है।
- मनीष बवाड़ी मैनेजर सिक्योरिटांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।
- बैंक में आने वाली नई करेंसी की पूरी जांच की जाती है। नकली नोटों को बैंक तत्काल निरस्त कर देता है। इसके साथ ही बैंक उन नोटों को भी नहीं लेती जिन पर पैन या पेंसिल से कुछ लिखा गया हो। ऐसे में बैंक से एटीएम में जाली नोट पहुंचना मुश्किल है। मामले में शिकायतकर्ता संदिग्ध लग रहा है, फिर भी ऐहतियात के तौर पर एटीएम में कैस डालने वाली संस्था से पूछताछ की जाएगी।
- डीएस गर्ब्याल, मुख्य प्रबंधक एसबीआई इंद्रा चौक शाखा।
- एसबीआई के एटीएम से दो हजार का नकली नोट निकलना गंभीर मामला है। आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों में नोटों को लेनदेन के समय जांच परख की जाती है। अगर इसके बाद भी एटीएम से नकली नोट निकला है तो इसकी जांच की जिम्मेदारी उस बैंक शाखा की है, जिससे वह एटीएम जुड़ा है।
- मधुसुमन सुमन, लीड बैंक अधिकारी, ऊधमसिंह नगर।
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त्यौहार नजदीक आते ही मिलावटी और नकली सामान के साथ ही नकली नोट भी पहुंच रहे हैं। नकली नोट मिलने का पहला मामला 15 दिन पहले सिब्बल सिनेमा रोड पर स्थित एक दुकान में आया था। ग्राहक के दिए दो हजार रुपये के नोट को जब दुकानदार ने दूसरी जगह दिया तो नोट नकली होने का पता चला। बैंक प्रबंधन ने दुकानदार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने की राय देकर टरका दिया। शनिवार को किच्छा रोड स्थित रामनगर गांव में रहने वाले शरीफ अहमद ने बताया कि वह महेंद्रा कंपनी में काम करता है। उसने श्याम टॉकीज रोड स्थित रविंद्रनगर में लगे एसबीआई के एटीएम से 10 हजार रुपये निकाले तो इसमें दो हजार का एक नकली नोट निकला। शरीफ ने इंद्रा चौक स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचकर बैंक प्रबंधक को मामले से अवगत कराया। बैंक प्रबंधन ने उन्हें पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। शरीफ ने कोतवाली पुलिस को मामले की तहरीर सौंपी है। तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच के लिए बैंक प्रबंधन से संपर्क कर रही है।
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नकली नोट आरबीआई कानपुर भेजा जाता है
रुद्रपुर। नकली नोट मिलने पर ग्राहक द्वारा संबंधित बैंक से संपर्क किया जाता है। बैंक प्रबंधन नोट की जांच के बाद नकली पाने पर उसे आरबीआई कानपुर को भेज देता है। आरबीआई अपनी रिपोर्ट संबंधित बैंक को भेजता है। इसके आधार पर बैंक प्रबंधन थाने में नकली नोट के मामले का मुकदमा दर्ज करवाता है।
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बैंक की पकड़ में कैसे नहीं आया नोट
रुद्रपुर। अगर बैंक में किसी भी ग्राहक द्वारा नोट जमा किया जाता है तो बैंक नोट के असली या नकली होने की जांच करता है। आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार नोट पर कुछ भी लिखा हो तो बैंक उसे नहीं लेता है, लेकिन शनिवार को एसबीआई के एटीएम से निकले दो हजार के जाली नोट के मामले में सवाल उठ रहे हैं। पहला तो बैंक के पास नकली नोट कैसे पहुंचा और बिना जांचे बैंक ने उसे एटीएम में रुपये डालने वाली एजेंसी को दे दिया। नकली नोट में दांयी ओर पेंसिल से 85 भी लिखा है।
-- एटीएम में कैश डालने के लिए हमें बैंक से बल्क में नोट मिलते हैं। इनकी हमारे सामने गिनती होती है मगर असली नकली की जांच नहीं होती। इसके कैश को एटीएम में डाल दिया जाता है। अगर एटीएम से नकली नोट निकलता है तो उसमें पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की है।
- मनीष बवाड़ी मैनेजर सिक्योरिटांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।
- बैंक में आने वाली नई करेंसी की पूरी जांच की जाती है। नकली नोटों को बैंक तत्काल निरस्त कर देता है। इसके साथ ही बैंक उन नोटों को भी नहीं लेती जिन पर पैन या पेंसिल से कुछ लिखा गया हो। ऐसे में बैंक से एटीएम में जाली नोट पहुंचना मुश्किल है। मामले में शिकायतकर्ता संदिग्ध लग रहा है, फिर भी ऐहतियात के तौर पर एटीएम में कैस डालने वाली संस्था से पूछताछ की जाएगी।
- डीएस गर्ब्याल, मुख्य प्रबंधक एसबीआई इंद्रा चौक शाखा।
- एसबीआई के एटीएम से दो हजार का नकली नोट निकलना गंभीर मामला है। आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार बैंकों में नोटों को लेनदेन के समय जांच परख की जाती है। अगर इसके बाद भी एटीएम से नकली नोट निकला है तो इसकी जांच की जिम्मेदारी उस बैंक शाखा की है, जिससे वह एटीएम जुड़ा है।
- मधुसुमन सुमन, लीड बैंक अधिकारी, ऊधमसिंह नगर।