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रोक के बावजूद वार्षिक पत्रिका रचना के प्रकाशन की आशंका
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:39 AM IST
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उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा काशीपुर के राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन स्थगित रखे जाने के आदेश के बावजूद प्रकाशन की तैयारी चल रही है। चर्चा है कि प्राचार्य ने व्याख्याताओं को पत्र लिखकर 27 दिसंबर तक प्रकाशन सामग्री एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। इसकी सुगबुगाहट से छात्र नेता मुखर हो गए हैं।
महाविद्यालय में कॉशनमनी से मंगाई गई पुस्तकों की खरीद में कथित घोटाले के आरोपों के चलते महाविद्यालय प्रशासन जांच के घेरे में है। इस मामले को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह और पूर्व अध्यक्ष राहुल कांबोज आदि उच्च शिक्षा निदेशक से मिले थे। उन्होंने निदेशक को पत्र सौंपकर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका रचना के प्रकाशन में धांधली की आशंका जताई थी।
इस पर उच्च शिक्षा निदेशक बीसी मेलकानी ने प्राचार्य डॉ. एएस सिराड़ी को पत्र लिखकर अग्रिम आदेशों तक वार्षिक पत्रिका रचना के प्रकाशन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। प्राचार्य अर्जुन सिंह सिराड़ी ने 20 दिसंबर को महाविद्यालय के सभी संकायों के व्याख्याताओं को पत्र लिखा है, जिसमें 27 दिसंबर तक रचना के लिए अपने-अपने विभागों की उपलब्धियां, लेख, शोधपत्र आदि सामग्री एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। प्राचार्य के इस निर्देश के बाद छात्र नेताओं मुखर हो गए हैं।
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छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह का कहना है कि उन्हें वार्षिक पत्रिका रचना के गुपचुप तरीके से प्रकाशित की सूचना मिली है। उन्होंने 22 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर उन्हें अपनी आशंका से अवगत करा दिया है।
प्राचार्य डॉ. एएस सिराड़ी का कहना है कि रचना पत्रिका के प्रकाशन के संबंध में न तो आदेश दिए गए और न ही अभी टेंडर जारी किया गया है। प्रकाशन योग्य सामग्री एकत्र की जा रही है।
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महाविद्यालय में कॉशनमनी से मंगाई गई पुस्तकों की खरीद में कथित घोटाले के आरोपों के चलते महाविद्यालय प्रशासन जांच के घेरे में है। इस मामले को लेकर छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह और पूर्व अध्यक्ष राहुल कांबोज आदि उच्च शिक्षा निदेशक से मिले थे। उन्होंने निदेशक को पत्र सौंपकर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका रचना के प्रकाशन में धांधली की आशंका जताई थी।
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इस पर उच्च शिक्षा निदेशक बीसी मेलकानी ने प्राचार्य डॉ. एएस सिराड़ी को पत्र लिखकर अग्रिम आदेशों तक वार्षिक पत्रिका रचना के प्रकाशन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। प्राचार्य अर्जुन सिंह सिराड़ी ने 20 दिसंबर को महाविद्यालय के सभी संकायों के व्याख्याताओं को पत्र लिखा है, जिसमें 27 दिसंबर तक रचना के लिए अपने-अपने विभागों की उपलब्धियां, लेख, शोधपत्र आदि सामग्री एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। प्राचार्य के इस निर्देश के बाद छात्र नेताओं मुखर हो गए हैं।
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छात्रसंघ अध्यक्ष गुरप्रेम सिंह का कहना है कि उन्हें वार्षिक पत्रिका रचना के गुपचुप तरीके से प्रकाशित की सूचना मिली है। उन्होंने 22 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर उन्हें अपनी आशंका से अवगत करा दिया है।
प्राचार्य डॉ. एएस सिराड़ी का कहना है कि रचना पत्रिका के प्रकाशन के संबंध में न तो आदेश दिए गए और न ही अभी टेंडर जारी किया गया है। प्रकाशन योग्य सामग्री एकत्र की जा रही है।