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सरकारी जमीन तक पर ले लिया गया मुआवजा
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:09 AM IST
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रुद्रपुर। एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी को किच्छा तहसील में सरकारी भूमि पर मुआवजा लेने के कुछ संदिग्ध मामले मिले हैं। एसआईटी ने दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू कर दी है। इधर, गदरपुर तहसील के तत्कालीन तहसीलदार से भी एसआईटी ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए।
जसपुर, काशीपुर और सितारगंज तहसील में भूमि मुआवजा घोटाले की जांच खत्म करने के बाद एसआईटी रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच में जुटी है। किच्छा तहसील की जांच में अब तक एसआईटी के सामने सात ऐसे संदिग्ध मामले आए हैं, जिनमें सरकारी भूमि पर करोड़ों का मुआवजा दिया गया है। इन जमीनों में स्कूल के साथ पंचायत घर की भूमि के मामले भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार सरकारी भूमि पर मुआवजा देने का मामला पकड़ में आने पर एनएचएआई मामलों को आर्बिट्रेशन में गई थी, लेकिन आर्बिट्रेटर ने मामलों को सही बताते हुए मुआवजा निर्धारण कर दिया था।
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आर्बिट्रेटर के फैसले के विरोध में एनएचएआई कोर्ट गई थी। इसके साथ ही कुछ काश्तकार भी कोर्ट की शरण में गए, जिनकी जमीनों का अधिग्रहण होने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। फिलहाल यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। एसआईटी भी मामले की जांच पड़ताल के लिए दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने में जुटी है।
इसके साथ ही गदरपुर के तत्कालीन तहसीलदार चारु तिवारी से भी एसआईटी ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। वर्तमान में रुद्रपुर तहसील में तैनात चारु तिवारी से एसआईटी पूर्व में भी पूछताछ कर चुकी है। वहीं, गदरपुर तहसील के ही कुछ मामलों को एसआईटी की ओर से जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजा जाएगा।
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जसपुर, काशीपुर और सितारगंज तहसील में भूमि मुआवजा घोटाले की जांच खत्म करने के बाद एसआईटी रुद्रपुर और किच्छा तहसील की जांच में जुटी है। किच्छा तहसील की जांच में अब तक एसआईटी के सामने सात ऐसे संदिग्ध मामले आए हैं, जिनमें सरकारी भूमि पर करोड़ों का मुआवजा दिया गया है। इन जमीनों में स्कूल के साथ पंचायत घर की भूमि के मामले भी शामिल हैं।
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सूत्रों के अनुसार सरकारी भूमि पर मुआवजा देने का मामला पकड़ में आने पर एनएचएआई मामलों को आर्बिट्रेशन में गई थी, लेकिन आर्बिट्रेटर ने मामलों को सही बताते हुए मुआवजा निर्धारण कर दिया था।
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आर्बिट्रेटर के फैसले के विरोध में एनएचएआई कोर्ट गई थी। इसके साथ ही कुछ काश्तकार भी कोर्ट की शरण में गए, जिनकी जमीनों का अधिग्रहण होने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। फिलहाल यह सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। एसआईटी भी मामले की जांच पड़ताल के लिए दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने में जुटी है।
इसके साथ ही गदरपुर के तत्कालीन तहसीलदार चारु तिवारी से भी एसआईटी ने पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। वर्तमान में रुद्रपुर तहसील में तैनात चारु तिवारी से एसआईटी पूर्व में भी पूछताछ कर चुकी है। वहीं, गदरपुर तहसील के ही कुछ मामलों को एसआईटी की ओर से जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला देहरादून भेजा जाएगा।