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लकड़ी ठेकेदारों का मेडिकल कॉलेज में हंगामा
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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज परिसर में पड़ीं लकड़ियां।
- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज में 63 पेड़ों की लकड़ियां खरीदने पहुंचे ठेकेदारों ने मौके पर कम लकड़ियां मिलने पर हंगामा काटा। इस दौरान ठेकेदारों की वहां मौजूद कर्मचारियों से कहासुनी भी हुई। मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें शांत करवाया। ठेकेेदार निविदा की धरोहर राशि लेकर लौट गए।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान परिसर में लगे पेड़ों काटा गया था। शुक्रवार सुबह इन लकड़ियों की बोली लगनी थी। इसके लिए 63 पेड़ों की लकड़ियों की बिक्री की निविदा निकली थी। लकड़ियों की कीमत 1,63,000 रुपये तय की गई थी। सुबह करीब 11 बजे कई ठेकेदार बोली के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां पर लकड़ियां बेहद कम मिलीं जिस पर ठेकेदार भड़क गए।
हंगामा करते हुए ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि निविदा के दौरान 63 पेड़ों की लकड़ी बताई थी लेकिन मौके पर सिर्फ दो पेड़ों की ही लकड़ियां थीं। ठेकेदारों ने कहा कि निविदा के लिए वह 520 रुपये की धरोहर राशि भी जमा कर चुके थे। वहीं कुछ लकड़ियां पानी व मिट्टी में भी दबी थीं।
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मौके पर मौजूद उप वन क्षेत्राधिकारी मदन मोहन ने हंगामा कर रहे ठेकेदारों को शांत कराया। इसके साथ ही ठेकेदारों की धरोहर राशि को वापस कर निविदा को निरस्त कर दिया गया। इधर बताया जा रहा है कि बोली के लिए रखे गए पेड़ों की लकड़ियों के मिट्टी में दबे होने की भी आशंका है।
अधिकारियों ने किया जानकारी से इनकार
रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर से काटे गए पेड़ों की लकड़ियों की बोली के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जानकारी होने से इनकार करते रहे। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने कहा कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिन्हा ने भी जानकारी होने से इनकार किया जबकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केसी पंत के मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो सका। संवाद
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान परिसर में लगे पेड़ों काटा गया था। शुक्रवार सुबह इन लकड़ियों की बोली लगनी थी। इसके लिए 63 पेड़ों की लकड़ियों की बिक्री की निविदा निकली थी। लकड़ियों की कीमत 1,63,000 रुपये तय की गई थी। सुबह करीब 11 बजे कई ठेकेदार बोली के लिए पहुंचे थे लेकिन वहां पर लकड़ियां बेहद कम मिलीं जिस पर ठेकेदार भड़क गए।
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हंगामा करते हुए ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि निविदा के दौरान 63 पेड़ों की लकड़ी बताई थी लेकिन मौके पर सिर्फ दो पेड़ों की ही लकड़ियां थीं। ठेकेदारों ने कहा कि निविदा के लिए वह 520 रुपये की धरोहर राशि भी जमा कर चुके थे। वहीं कुछ लकड़ियां पानी व मिट्टी में भी दबी थीं।
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मौके पर मौजूद उप वन क्षेत्राधिकारी मदन मोहन ने हंगामा कर रहे ठेकेदारों को शांत कराया। इसके साथ ही ठेकेदारों की धरोहर राशि को वापस कर निविदा को निरस्त कर दिया गया। इधर बताया जा रहा है कि बोली के लिए रखे गए पेड़ों की लकड़ियों के मिट्टी में दबे होने की भी आशंका है।
अधिकारियों ने किया जानकारी से इनकार
रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर से काटे गए पेड़ों की लकड़ियों की बोली के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जानकारी होने से इनकार करते रहे। सीएमओ डॉ. सुनीता चुफाल रतूड़ी ने कहा कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिन्हा ने भी जानकारी होने से इनकार किया जबकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केसी पंत के मोबाइल नंबर पर संपर्क नहीं हो सका। संवाद