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बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का एक सदस्य गिरफ्तार
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कुमाऊं साइबर थाना पुलिस की हिरासत में ठगी का आरोपी।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। कुमाऊं की साइबर थाना पुलिस ने बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के एक सदस्य को दिल्ली एनसीआर से गिरफ्तार कर लिया है। वह बुलंदशहर (यूपी) का रहने वाला है। उसने हल्द्वानी के एक युवक से साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी की थी।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हल्द्वानी निवासी चंद्र प्रकाश जोशी ने कुछ समय पहले साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी पूरी होने पर अज्ञात व्यक्ति ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर उन्हें कॉल की थी। इंश्योरेंस की अधिक राशि का प्रलोभन देकर उसने विभिन्न खातों में अलग-अलग शुल्क के नाम पर अब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा करा लिए। मामले को गंभीरता से देखते हुए ठग की गिरफ्तारी के लिए कुुमाऊं परिक्षेत्र के प्रभारी ललित जोशी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।
घटना में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, ईवालेट और बैंक खातों के बारे में जानकारी एकत्र की तो पता चला कि रुपये दिल्ली, एनसीआर, राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों के बैंक खातो में जमा कराए गए हैं। मोबाइल नंबर भी इन्हीं राज्यों के निवासियों के नाम पर पंजीकृत हैं। बैंक, टेलीकॉम कंपनियों की मदद से साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस टीम को दिल्ली, एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजा गया।
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बीते मंगलवार को टीम ने वसुंधरा गाजियाबाद (यूपी) से ललित गिरि निवासी ग्राम रंगपुर तहसील शिकारपुर थाना सलेमपुर जनपद बुलंदशहर (यूपी) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल, चार डेबिट कार्ड और दिल्ली मेट्रो का एक कार्ड बरामद हुआ है। टीम में एसआई दिनेश पंत, कांस्टेबल मोहम्मद उस्मान शामिल रहे।
कई राज्यों के लोगों को बनाया ठगी का शिकार
रुद्रपुर। साइबर थाने के कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि गिरफ्तार साइबर ठग ने कई राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। उसके तीन साथियों को हाल में ही जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये सभी पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पते थे।
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ललित गिरि के साथ देवेंद्र त्यागी उर्फ आदित्य त्यागी उर्फ विशाल त्यागी और सोनू गिरी निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद पॉलिसी के नाम पर ठगते थे। लोगों को विभिन्न नामों से कॉल करने का काम देवेंद्र त्यागी और सोनू गिरि का था। कई राज्यों में लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। साइबर टीम को पता चला है कि आरोपी देवेंद्र त्यागी, सोनू गिरि और अशोक कुमार को जयपुर (राजस्थान) के शास्त्री नगर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक अन्य मामले में कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया है। कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि तीनों आरोपियों को वारंट पर उत्तराखंड लाया जाएगा।
इस तरह करते हैं ठगी
साइबर सीओ कुमाऊं परिक्षेत्र पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि साइबर ठग खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल कर बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण, पॉलिसी में बोनस होने, पॉलिसी की परिपक्वता पर मिलने वाली धनराशि को अन्य पॉलिसी/व्यापार आदि में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे। इसके लिए विभिन्न शुल्क, रजिस्ट्रेशन फीस आदि के नाम पर धनराशि विभिन्न बैंक खातों में जमा कराकर धोखाधड़ी करते है। इस काम के लिए फर्जी नाम, पता, आईडी पर सिम एवं बैंक खाते खोलते है और फर्जी मेल आईडी आदि बनाते थे। (संवाद)
जागरूक रहें और इन बातों का ध्यान दें
साइबर थाने के कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लकी ड्रॉ, डिस्काउंट, लॉटरी, पॉलिसी में बोनस मिलने के प्रलोभन में न आएं। लॉटरी एवं इनाम जीतने के लालच में आकर धनराशि देने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी और महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में संपर्क करें। (संवाद)
मोबाइल की दुकान में नुकसान हुआ तो बना ठग
रुद्रपुर। साइबर ठगी करने का आरोपी ललित गिरि 12वीं पास है। 12वीं के बाद उसने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की लेकिन दूसरे सेमेस्टर में फेल होने पर उसने पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे बेचने की दुकान खोल दी। दुकान में उसे काफी नुकसान हुआ। इसके बाद वह अपने सगे साले सोनू गिरी के साथ मिलकर पॉलिसी कंपनी के नाम पर लोगों से ठगी करने लगा था। सोनू की गिरफ्तारी के बाद वह पुलिस ने बचने के लिए दिल्ली में आकर छिप गया था। (संवाद)
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एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि हल्द्वानी निवासी चंद्र प्रकाश जोशी ने कुछ समय पहले साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी पूरी होने पर अज्ञात व्यक्ति ने कंपनी का प्रतिनिधि बनकर उन्हें कॉल की थी। इंश्योरेंस की अधिक राशि का प्रलोभन देकर उसने विभिन्न खातों में अलग-अलग शुल्क के नाम पर अब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा करा लिए। मामले को गंभीरता से देखते हुए ठग की गिरफ्तारी के लिए कुुमाऊं परिक्षेत्र के प्रभारी ललित जोशी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।
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घटना में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, ईवालेट और बैंक खातों के बारे में जानकारी एकत्र की तो पता चला कि रुपये दिल्ली, एनसीआर, राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों के बैंक खातो में जमा कराए गए हैं। मोबाइल नंबर भी इन्हीं राज्यों के निवासियों के नाम पर पंजीकृत हैं। बैंक, टेलीकॉम कंपनियों की मदद से साक्ष्य एकत्रित कर पुलिस टीम को दिल्ली, एनसीआर, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजा गया।
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बीते मंगलवार को टीम ने वसुंधरा गाजियाबाद (यूपी) से ललित गिरि निवासी ग्राम रंगपुर तहसील शिकारपुर थाना सलेमपुर जनपद बुलंदशहर (यूपी) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक मोबाइल, चार डेबिट कार्ड और दिल्ली मेट्रो का एक कार्ड बरामद हुआ है। टीम में एसआई दिनेश पंत, कांस्टेबल मोहम्मद उस्मान शामिल रहे।
कई राज्यों के लोगों को बनाया ठगी का शिकार
रुद्रपुर। साइबर थाने के कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि गिरफ्तार साइबर ठग ने कई राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। उसके तीन साथियों को हाल में ही जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये सभी पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी कर रुपये हड़पते थे।
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ललित गिरि के साथ देवेंद्र त्यागी उर्फ आदित्य त्यागी उर्फ विशाल त्यागी और सोनू गिरी निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद पॉलिसी के नाम पर ठगते थे। लोगों को विभिन्न नामों से कॉल करने का काम देवेंद्र त्यागी और सोनू गिरि का था। कई राज्यों में लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। साइबर टीम को पता चला है कि आरोपी देवेंद्र त्यागी, सोनू गिरि और अशोक कुमार को जयपुर (राजस्थान) के शास्त्री नगर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक अन्य मामले में कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया है। कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने बताया कि तीनों आरोपियों को वारंट पर उत्तराखंड लाया जाएगा।
इस तरह करते हैं ठगी
साइबर सीओ कुमाऊं परिक्षेत्र पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि साइबर ठग खुद को बीमा कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल कर बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण, पॉलिसी में बोनस होने, पॉलिसी की परिपक्वता पर मिलने वाली धनराशि को अन्य पॉलिसी/व्यापार आदि में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे। इसके लिए विभिन्न शुल्क, रजिस्ट्रेशन फीस आदि के नाम पर धनराशि विभिन्न बैंक खातों में जमा कराकर धोखाधड़ी करते है। इस काम के लिए फर्जी नाम, पता, आईडी पर सिम एवं बैंक खाते खोलते है और फर्जी मेल आईडी आदि बनाते थे। (संवाद)
जागरूक रहें और इन बातों का ध्यान दें
साइबर थाने के कुमाऊं परिक्षेत्र प्रभारी ललित जोशी ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लकी ड्रॉ, डिस्काउंट, लॉटरी, पॉलिसी में बोनस मिलने के प्रलोभन में न आएं। लॉटरी एवं इनाम जीतने के लालच में आकर धनराशि देने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी और महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचें। कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में संपर्क करें। (संवाद)
मोबाइल की दुकान में नुकसान हुआ तो बना ठग
रुद्रपुर। साइबर ठगी करने का आरोपी ललित गिरि 12वीं पास है। 12वीं के बाद उसने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की लेकिन दूसरे सेमेस्टर में फेल होने पर उसने पढ़ाई छोड़ दी। इसके बाद मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे बेचने की दुकान खोल दी। दुकान में उसे काफी नुकसान हुआ। इसके बाद वह अपने सगे साले सोनू गिरी के साथ मिलकर पॉलिसी कंपनी के नाम पर लोगों से ठगी करने लगा था। सोनू की गिरफ्तारी के बाद वह पुलिस ने बचने के लिए दिल्ली में आकर छिप गया था। (संवाद)