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फायरिंग मामले में रेंज कार्यालय में मुकदमा दर्ज
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वन तस्करों द्वारा हवाई फायर के बाद काटे जा रहे पेड़ पर छोड़ा गया आरा
- फोटो : KHATIMA
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नेपाल से लगे आरक्षित वन क्षेत्र छीनी कंपार्ट संख्या 14 बनबसा में इन दिनों अवैध कटान का मामला सुर्खियों में है। वन माफिया भारतीय आरक्षित क्षेत्र में अवैध कटान कर नेपाल में पनाह लेने लगे हैं। वहीं, पिछले दिनों फायरिंग के मामले में वन विभाग की टीम ने रेंज कार्यालय में मुकदमा दर्ज कर लिया।
वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने वनाधिकारी को पत्र भेजकर सागौन के हरे खड़े पेड़ का अवैध पातन करने की जानकारी दी है। आरक्षित वन क्षेत्र छीनी कंपार्ट में वन कर्मियों को आत्म सुरक्षा के लिए दो राउंड फायर भी करना पड़ा। इस दौरान वन विभाग ने एसएसबी के साथ संयुक्त कांबिग भी शुरू कर दी है। नेपाल से लगी भारतीय आरक्षित वन सीमा वन माफिया के लिए आसान बना हुआ है। मुखबिर की सूचना पर चार जनवरी को तड़के साढे़ चार बजे छीनी कक्ष संख्या 14 में पहुंची वन विभाग की टीम पर फायरिंग की। इसके जवाब में वन विभाग की टीम ने दो हवाई फायर किए और मौके से कुल्हाड़ी, आरा, घन एवं छीना बरामद किया।
लकड़ी तस्कर अवैध कटान संबंधी औजार छोड़ नेपाल के आबादी क्षेत्र में घुस गए। टीम ने सागौन के दो कटे पेड़, एक अधकटा पेड़ उसमें फंसे आरे सहित कब्जे में लिया। नेपाल सीमा के पिलर संख्या 9अ से पिलर संख्या 17 तक का क्षेत्र अवैध पातन और अवैध शिकार के नजरिये से अति संवेदनशील बताया जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 10 जो नेपाल से लगभग 250 मीटर दूर है, इस स्थान पर भी वन विभाग की टीम से सागौन के एक पेड़ की ठूंठ पाई। इसके आसपास साइकिल के पहियों के निशान पाए गए। वन विभाग की टीम ने रेंज कार्यालय में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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एक माह पूर्व भी नखाताल में टीम पर किया था फायर
खटीमा। आरक्षित वन नखाताल में 2 नवंबर को नखाताल कक्ष संख्या तीन जो नेपाल सीमा से लगा है, दो अज्ञात नेपाली मूल के अभियुक्तों की ओर से साइकिलों से साल के दो लट्ठे लाते गश्ती दल ने पकड़ा था। तब अभियुक्तों ने फायर भी किया था, जिसमें वन आरक्षी विवेक कुमार घायल हुए थे। मामले की रिपोर्ट झनकइया थाने में दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
संयुक्त गश्त किए जाने का सुझाव
खटीमा। उप प्रभागीय वनाधिकारी ने चार जनवरी की घटना पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नेपाल से लगा आरक्षी वन क्षेत्र लगातार ही संवेदनशील बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसएसबी एवं वन विभाग की टीम संयुक्त गश्त होनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर नेपाली मूल के तस्करों के हमलों का उल्लेख किया है। उन्होंने सीमा पर उचित कार्रवाई की आवश्यकता बताई है। (संवाद)
अब लगातार होने लगी है संयुक्त कांबिग
खीमा। भारत-नेपाल सीमा से लगे भारतीय जंगल में इन दिनों लगातार ही तनाव की स्थिति बनने लगी है। नेपाली तस्करों से वन कर्मियों पर हमलों को देखते हुए अब सीमा पर लगातार ही संयुक्त कांबिंग की जा रही है। एसएसबी एवं वन कर्मियों की यदा कदा होने वाली संयुक्त कांबिग गत माह से हुए हमलों के बाद लगातार होने लगी है। (संवाद)
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वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल ने वनाधिकारी को पत्र भेजकर सागौन के हरे खड़े पेड़ का अवैध पातन करने की जानकारी दी है। आरक्षित वन क्षेत्र छीनी कंपार्ट में वन कर्मियों को आत्म सुरक्षा के लिए दो राउंड फायर भी करना पड़ा। इस दौरान वन विभाग ने एसएसबी के साथ संयुक्त कांबिग भी शुरू कर दी है। नेपाल से लगी भारतीय आरक्षित वन सीमा वन माफिया के लिए आसान बना हुआ है। मुखबिर की सूचना पर चार जनवरी को तड़के साढे़ चार बजे छीनी कक्ष संख्या 14 में पहुंची वन विभाग की टीम पर फायरिंग की। इसके जवाब में वन विभाग की टीम ने दो हवाई फायर किए और मौके से कुल्हाड़ी, आरा, घन एवं छीना बरामद किया।
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लकड़ी तस्कर अवैध कटान संबंधी औजार छोड़ नेपाल के आबादी क्षेत्र में घुस गए। टीम ने सागौन के दो कटे पेड़, एक अधकटा पेड़ उसमें फंसे आरे सहित कब्जे में लिया। नेपाल सीमा के पिलर संख्या 9अ से पिलर संख्या 17 तक का क्षेत्र अवैध पातन और अवैध शिकार के नजरिये से अति संवेदनशील बताया जा रहा है। भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 10 जो नेपाल से लगभग 250 मीटर दूर है, इस स्थान पर भी वन विभाग की टीम से सागौन के एक पेड़ की ठूंठ पाई। इसके आसपास साइकिल के पहियों के निशान पाए गए। वन विभाग की टीम ने रेंज कार्यालय में मुकदमा दर्ज कर लिया।
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एक माह पूर्व भी नखाताल में टीम पर किया था फायर
खटीमा। आरक्षित वन नखाताल में 2 नवंबर को नखाताल कक्ष संख्या तीन जो नेपाल सीमा से लगा है, दो अज्ञात नेपाली मूल के अभियुक्तों की ओर से साइकिलों से साल के दो लट्ठे लाते गश्ती दल ने पकड़ा था। तब अभियुक्तों ने फायर भी किया था, जिसमें वन आरक्षी विवेक कुमार घायल हुए थे। मामले की रिपोर्ट झनकइया थाने में दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
संयुक्त गश्त किए जाने का सुझाव
खटीमा। उप प्रभागीय वनाधिकारी ने चार जनवरी की घटना पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नेपाल से लगा आरक्षी वन क्षेत्र लगातार ही संवेदनशील बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसएसबी एवं वन विभाग की टीम संयुक्त गश्त होनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर नेपाली मूल के तस्करों के हमलों का उल्लेख किया है। उन्होंने सीमा पर उचित कार्रवाई की आवश्यकता बताई है। (संवाद)
अब लगातार होने लगी है संयुक्त कांबिग
खीमा। भारत-नेपाल सीमा से लगे भारतीय जंगल में इन दिनों लगातार ही तनाव की स्थिति बनने लगी है। नेपाली तस्करों से वन कर्मियों पर हमलों को देखते हुए अब सीमा पर लगातार ही संयुक्त कांबिंग की जा रही है। एसएसबी एवं वन कर्मियों की यदा कदा होने वाली संयुक्त कांबिग गत माह से हुए हमलों के बाद लगातार होने लगी है। (संवाद)