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कूड़ा निस्तारण में करोड़ों के घोटालों का मेयर पर आरोप
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मेयर ऊषा चौधरी
- फोटो : KASHIPUR
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आम आदमी पार्टी के विधायक प्रत्याशी दीपक बाली ने कूड़ा निस्तारण के नाम नगर निगम की मेयर ऊषा चौधरी पर भारी घोटाले का आरोप लगाया है। बाली ने कहा कि कूड़ा निस्तारण 2500 रुपये टन की दर से किया गया था। कूड़े के साथ नालियों की मिट्टी तोली गई। जिस धर्मकांटे की तोल की पर्ची से भुगतान किया गया उस नाम का धर्मकांटा शहर में है ही नहीं।
कूड़ा उठाने के लिए 42 से 69 लाख रुपये प्रति महीने भुगतान कर महाघोटाले को अंजाम दिया गया।
शुक्रवार को रामनगर रोड स्थित आप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दीपक बाली ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल के नाम भेजे गए शिकायती पत्र में मामले की जांच कराने और आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2019 को जीरो बेस्ट नामक कंपनी से तीन साल के लिए 2500 रुपये प्रति टन की दर से कूड़ा उठाने का अनुबंध किया गया। एक माह तक कूड़ा आरके फ्लोर मिल के धर्मकांटे पर तोलना दिखाया गया लेकिन पर्ची में सुदर्शन धर्मकांटा लिखा है। इसके बाद सुदर्शन नामक धर्मकांटा की तोल पर्ची पर भुगतान किया गया। बांट माप विभाग के अनुसार सुदर्शन नाम का कोई धर्मकांटा नहीं है।
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17 महीने तक ठेकेदार कंपनी को इस दर से औसतन प्रतिमाह 42 से 69 लाख रुपया भुगतान किया गया। 17 महीने बाद जीरो वेस्ट कंपनी से अनुबंध टूट गया लेकिन नए ठेकेदार ने मात्र 26 लाख रुपये प्रतिमाह से ठेका लिया। बाली ने राज्यपाल से मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान पार्षद अनिल चौहान ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली। बाली ने उनको पार्टी की टोपी पहनाकर स्वागत किया।
घोटाले की कोई जानकारी नहीं
नगर निगम में कूड़ा उठाने के मामले में किसी प्रकार के घोटाले की मुझे जानकारी नहीं है। दीपक बाली ने क्या आरोप लगाए हैं मुझे इसकी जानकारी नहीं है। आरोप लगाए जाने संबंधी कोई पत्र मिलने पर आरोपों का अध्ययन करके दो-चार दिन में इसका उत्तर दिया जाएगा।
-ऊषा चौधरी, मेयर, नगर निगम काशीपुर।
मामला सामने आता है तो जांच की जाएगी
सफाई कार्य के ठेके में किसी घोटाले की मुझे जानकारी नहीं है। इसलिए मैं किसी सवाल का उत्तर नहीं दे सकता हूं। अगर कोई मामला संज्ञान में आता है तो जांच की जाएगी।-
आलोक उनियाल, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम काशीपुर।
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कूड़ा उठाने के लिए 42 से 69 लाख रुपये प्रति महीने भुगतान कर महाघोटाले को अंजाम दिया गया।
शुक्रवार को रामनगर रोड स्थित आप कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दीपक बाली ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल के नाम भेजे गए शिकायती पत्र में मामले की जांच कराने और आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2019 को जीरो बेस्ट नामक कंपनी से तीन साल के लिए 2500 रुपये प्रति टन की दर से कूड़ा उठाने का अनुबंध किया गया। एक माह तक कूड़ा आरके फ्लोर मिल के धर्मकांटे पर तोलना दिखाया गया लेकिन पर्ची में सुदर्शन धर्मकांटा लिखा है। इसके बाद सुदर्शन नामक धर्मकांटा की तोल पर्ची पर भुगतान किया गया। बांट माप विभाग के अनुसार सुदर्शन नाम का कोई धर्मकांटा नहीं है।
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17 महीने तक ठेकेदार कंपनी को इस दर से औसतन प्रतिमाह 42 से 69 लाख रुपया भुगतान किया गया। 17 महीने बाद जीरो वेस्ट कंपनी से अनुबंध टूट गया लेकिन नए ठेकेदार ने मात्र 26 लाख रुपये प्रतिमाह से ठेका लिया। बाली ने राज्यपाल से मामले की जांच एसआईटी से कराने की मांग की। पत्रकार वार्ता के दौरान पार्षद अनिल चौहान ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ली। बाली ने उनको पार्टी की टोपी पहनाकर स्वागत किया।
घोटाले की कोई जानकारी नहीं
नगर निगम में कूड़ा उठाने के मामले में किसी प्रकार के घोटाले की मुझे जानकारी नहीं है। दीपक बाली ने क्या आरोप लगाए हैं मुझे इसकी जानकारी नहीं है। आरोप लगाए जाने संबंधी कोई पत्र मिलने पर आरोपों का अध्ययन करके दो-चार दिन में इसका उत्तर दिया जाएगा।
-ऊषा चौधरी, मेयर, नगर निगम काशीपुर।
मामला सामने आता है तो जांच की जाएगी
सफाई कार्य के ठेके में किसी घोटाले की मुझे जानकारी नहीं है। इसलिए मैं किसी सवाल का उत्तर नहीं दे सकता हूं। अगर कोई मामला संज्ञान में आता है तो जांच की जाएगी।-
आलोक उनियाल, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम काशीपुर।

आप नेता दीपक बाली। संवाद- फोटो : KASHIPUR