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Udham Singh Nagar News: जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में तैनात नहीं रेडियोलॉजिस्ट
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रुद्रपुर में स्थित मेडिकल कॉलेज
रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। लाखों की अल्ट्रासाउंड मशीनें अस्पताल में शोपीस बनी हैं। मरीजों को निजी सेंटरों पर महंगी जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
तीन महीने पहले जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो गया था। इसके बाद से पद खाली पड़ा है। अस्पताल में रोजाना 150 से 200 मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए आते हैं। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक गर्भवतियां होती हैं। चिकित्सक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष पर पहुंचने के बाद मरीजों को वहां ताला लटका मिलता है। इसके बाद उन्हें निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि मशीन होने के बावजूद उन्हें बाहर से 800 से 1500 रुपये में जांच करानी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के हालात भी इससे अलग नहीं हैं। यहां भी रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। मजबूरन मरीजों को निजी केंद्रों से जांच करानी पड़ रही है।
कोट
जांच के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को लिखा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से निजी केंद्र में जाना पड़ा। वहां 1200 रुपये मांग रहे हैं। गरीब लोग कहां से इतना रुपया लेकर आएंगे। -सुनीता देवी, गर्भवती, दिनेशपुर
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कोट
पेट में दर्द के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड को कहा। अस्पताल में मशीन है पर चलाने वाला कोई नहीं। तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। निजी केंद्र में अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। -रमेश सिंह, मरीज, किच्छा।
कोट:
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती शासन स्तर से होनी है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द अस्पताल में अल्ट्रासाउंड शुरू होने की उम्मीद है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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तीन महीने पहले जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का तबादला हो गया था। इसके बाद से पद खाली पड़ा है। अस्पताल में रोजाना 150 से 200 मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए आते हैं। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक गर्भवतियां होती हैं। चिकित्सक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड कक्ष पर पहुंचने के बाद मरीजों को वहां ताला लटका मिलता है। इसके बाद उन्हें निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है। मरीजों का कहना है कि मशीन होने के बावजूद उन्हें बाहर से 800 से 1500 रुपये में जांच करानी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के हालात भी इससे अलग नहीं हैं। यहां भी रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त है। मजबूरन मरीजों को निजी केंद्रों से जांच करानी पड़ रही है।
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कोट
जांच के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने को लिखा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से निजी केंद्र में जाना पड़ा। वहां 1200 रुपये मांग रहे हैं। गरीब लोग कहां से इतना रुपया लेकर आएंगे। -सुनीता देवी, गर्भवती, दिनेशपुर
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पेट में दर्द के बाद डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड को कहा। अस्पताल में मशीन है पर चलाने वाला कोई नहीं। तीन दिन से चक्कर काट रहा हूं। निजी केंद्र में अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। -रमेश सिंह, मरीज, किच्छा।
कोट:
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती शासन स्तर से होनी है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द अस्पताल में अल्ट्रासाउंड शुरू होने की उम्मीद है। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।