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घटिया साइलेज खाने से दुधारू गाय की मौत
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शक्तिफार्म में साइलेज की खुली गांठ को दिखाते योगेंद्र सिंह रावत।
- फोटो : SITARGANJ
उत्तराखंड डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन की ओर से उपलब्ध कराए गए घटिया साइलेज खाने से एक दुधारु गाय की मौत हो गई, जबकि कई मवेशी गंभीर रूप से बीमार हैं। इन मवेशियों को खूनी दस्त हो रहे हैं। इससे दुग्ध उत्पादकों में गहरा आक्रोश है। गुस्साए पशुपालकों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कर इसके आपूर्तिकर्ता और इसमें लिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
केंद्र सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को 50 फीसदी छूट पर मवेशियों के लिए साइलेज (मक्के का अचार) उपलब्ध कराने की योजना चलाई है। उत्तराखंड में इसकी आपूर्ति के लिए देहरादून की एक फर्म के साथ उत्तराखंड डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन ने अनुबंध कर रखा है। बसगर गांव निवासी जिला कोऑपरेटिव समिति उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह रावत ने इसी योजना के तहत अपने मवेशियों के लिए 12 मार्च को 113 क्विंटल साइलेज मंगवाया था। अत्यंत घटिया किस्म के इस साइलेज को खाने से उनकी एक दुधारु गाय की 14 मार्च को मौत हो गई। जबकि 16 दुधारु मवेशी को खूनी दस्त हो रहे हैं।
रावत ने बताया कि साइलेज को हरे मक्के के पौधों से तैयार किया जाता है। परंतु उन्हें जो साइलेज उपलब्ध कराया गया है, उसमें सूखे मक्के के पौधे के साथ ही कंकड़ व पत्थर भी निकल रहे हैं। साइलेज की पैकिंग घटिया होने से उसमे फफूंदी लग गई है। जिसके खाने से बड़ी संख्या में मवेशी बीमार पड़ गए। यह स्थिति केवल बसगर में ही नहीं बल्कि पूरे सितारगंज ब्लॉक की है।उन्होंने चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह सभी दुग्ध उत्पादकों के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर उनके समक्ष यह मामला रखेंगे। इस बीच शिकायत मिलने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से साइलेज की आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
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साइलेज खाने मवेशी की मौत का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया है। दिशा निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।-संजय डिमरी, प्रधान प्रबंधक जिला दुग्ध संघ।
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केंद्र सरकार ने दुग्ध उत्पादकों को 50 फीसदी छूट पर मवेशियों के लिए साइलेज (मक्के का अचार) उपलब्ध कराने की योजना चलाई है। उत्तराखंड में इसकी आपूर्ति के लिए देहरादून की एक फर्म के साथ उत्तराखंड डेयरी कोऑपरेटिव फेडरेशन ने अनुबंध कर रखा है। बसगर गांव निवासी जिला कोऑपरेटिव समिति उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह रावत ने इसी योजना के तहत अपने मवेशियों के लिए 12 मार्च को 113 क्विंटल साइलेज मंगवाया था। अत्यंत घटिया किस्म के इस साइलेज को खाने से उनकी एक दुधारु गाय की 14 मार्च को मौत हो गई। जबकि 16 दुधारु मवेशी को खूनी दस्त हो रहे हैं।
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रावत ने बताया कि साइलेज को हरे मक्के के पौधों से तैयार किया जाता है। परंतु उन्हें जो साइलेज उपलब्ध कराया गया है, उसमें सूखे मक्के के पौधे के साथ ही कंकड़ व पत्थर भी निकल रहे हैं। साइलेज की पैकिंग घटिया होने से उसमे फफूंदी लग गई है। जिसके खाने से बड़ी संख्या में मवेशी बीमार पड़ गए। यह स्थिति केवल बसगर में ही नहीं बल्कि पूरे सितारगंज ब्लॉक की है।उन्होंने चेताया कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह सभी दुग्ध उत्पादकों के साथ मुख्यमंत्री से भेंट कर उनके समक्ष यह मामला रखेंगे। इस बीच शिकायत मिलने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से साइलेज की आपूर्ति पर रोक लगा दी है।
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साइलेज खाने मवेशी की मौत का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया है। दिशा निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।-संजय डिमरी, प्रधान प्रबंधक जिला दुग्ध संघ।