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कुकर्म के दोषी को दस साल का कठोर कारावास

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jun 2022 12:51 AM IST
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Court punished to the culprit.
काशीपुर। किशोर के साथ कुकर्म के दोषी को एडीजे/एफटीसी की अदालत ने दस साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को दो अन्य धाराओं में तीन और चार वर्ष की सजा से दंडित किया है।
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18 फरवरी, 2019 को एक व्यक्ति ने बाजपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम उस्मानपुर थाना जरीफपुुर (बदायूं) निवासी सुभाष 17 फरवरी की रात करीब दस बजे उसके सात वर्षीय पुत्र को खाने के लालच के बहाने जंगल में ले गया। वहां उसने किशोर को नमकीन खाने को दी। आरोपी ने उसके साथ कुकर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसका गला दबाने लगा। इससे किशोर डर गया। आरोपी ने उसके साथ कुकर्म किया। पीड़ित किशोर का मेडिकल कराकर पुलिस ने आरोपी सुभाष के खिलाफ धारा 363, 367 व 377 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट प्रस्तुत की। वाद का परीक्षण एडीजे/ एफटीसी की अदालत में हुआ। अभियोजन की ओर से पीड़ित, उसके माता-पिता, डॉक्टर भुवन, एसआई सरोज कांबोज और एसआई मालिनी को परीक्षित कराया गया। एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी की टी शर्ट पर मिक्सड डीएनए पाया गया जो पीड़ित के डीएनए से मैच था। साक्ष्यों का परिशीलन कर अदालत ने आरोपी सुभाष को किशोर के अपहरण और कुकर्म का दोषी करार दिया। एडीजे/ एफटीसी शिवानंद द्विवेदी ने आरोपी सुभाष को धारा 363 में तीन साल की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 367 में चार वर्ष की सजा और चार हजार जुर्माना और धारा 377 में दस साल की सजा और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पीड़ित को पांच लाख का प्रतिकर देने का आदेश
काशीपुर। अदालत ने कुकर्म के पीड़ित को पांच लाख रुपये प्रतिकर एक माह के भीतर अदा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने माना है कि इस घटना से पीड़ित को मानसिक आघात पहुंचा है। चिकित्सीय उपचार में खर्च के साथ ही उसे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि पीड़ित को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये का प्रतिकर 30 दिनों के भीतर दिया जाए। फैसले की प्रति डीएम ऊधमसिंहनगर और सचिव विधिक प्राधिकरण को सौंपी गई है। संवाद
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