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धर्मांतरण प्रकरण : जाति प्रमाण बनाने वालों को देना होगा शपथ पत्र
Fri, 22 May 2026 12:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 22 May 2026 12:20 AM IST
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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में बढ़े स्तर पर धर्मांतरण के खुलासे के बाद प्रशासन की कार्रवाई जारी है। अब जिले में जाति प्रमाण बनाने वालों को पहले एक शपथ पत्र देना होगा।
बीते दिनों यह सामने आया था कि जिले में कई लोग धर्म परिवर्तन के बाद भी जाति प्रमाण का प्रयोग कर अवैध रूप से सरकारी लाभ ले रहे थे। गदरपुर में जांच के दौरान धर्म परिवर्तन के बाद भी राजन कुमार निवासी चकरपुर बरखेड़ा एससी प्रमाण पत्र के माध्यम से सरकारी लाभ लेते पाया गया था।
एसडीएम ऋचा सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने के लिए रिपोर्ट जिला स्कूटनी समिति को भेज दी थी। इस खुलासे के बाद बीते दिनों डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बैठक में कहा था कि धर्मांतरण करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को एससी-एसटी वर्ग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों को चिह्नित कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए। अब प्रशासन इसे लेकर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
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जानकारी के अनुसार, अब से जो नए जाति प्रमाण बनाए जाएंगे उससे पहले आवेदकों से एक शपथ पत्र लिया जाएगा जिसमें जाति प्रमाण के बाद किसी अन्य धर्म में नहीं जाएगा और अगर कोई भी जाति प्रमाण पत्र के बाद धर्म परिवर्तन करता है तो वह प्रशासन को सूचना देगा। इसके अलावा उनके प्रमाण पत्र जारी करने से पहले पटवारी इसकी जांच करेगा कि कहीं उसने पहले धर्म परिवर्तन तो नहीं किया है।
एडीएम पंकज उपाध्याय ने कहा कि किसी को भी फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र का दुप्रयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन नई रणनीति बना रहा है।
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बीते दिनों यह सामने आया था कि जिले में कई लोग धर्म परिवर्तन के बाद भी जाति प्रमाण का प्रयोग कर अवैध रूप से सरकारी लाभ ले रहे थे। गदरपुर में जांच के दौरान धर्म परिवर्तन के बाद भी राजन कुमार निवासी चकरपुर बरखेड़ा एससी प्रमाण पत्र के माध्यम से सरकारी लाभ लेते पाया गया था।
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एसडीएम ऋचा सिंह ने जांच रिपोर्ट के आधार पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने के लिए रिपोर्ट जिला स्कूटनी समिति को भेज दी थी। इस खुलासे के बाद बीते दिनों डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बैठक में कहा था कि धर्मांतरण करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को एससी-एसटी वर्ग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे लोगों को चिह्नित कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए। अब प्रशासन इसे लेकर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं।
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जानकारी के अनुसार, अब से जो नए जाति प्रमाण बनाए जाएंगे उससे पहले आवेदकों से एक शपथ पत्र लिया जाएगा जिसमें जाति प्रमाण के बाद किसी अन्य धर्म में नहीं जाएगा और अगर कोई भी जाति प्रमाण पत्र के बाद धर्म परिवर्तन करता है तो वह प्रशासन को सूचना देगा। इसके अलावा उनके प्रमाण पत्र जारी करने से पहले पटवारी इसकी जांच करेगा कि कहीं उसने पहले धर्म परिवर्तन तो नहीं किया है।
एडीएम पंकज उपाध्याय ने कहा कि किसी को भी फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र का दुप्रयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए प्रशासन नई रणनीति बना रहा है।