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सहकारी समितियों का 90 लाख रुपये कमीशन रोका
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एमएल टम्टा, प्रभारी जिला सहायक निबंधक।
- फोटो : RUDRAPUR
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सहकारी समितियों को खरीफ और रबी विपणन सत्र में खरीदे गए धान व गेहूं का करीब 90 लाख रुपये कमीशन रोक दिया है। इससे जिले की बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां, क्रय विक्रय समितियां और तराई विकास सहकारी संघ घाटे में चली गई हैं। इस वजह से धान खरीद से जुड़े खर्चों को समितियां अपनी आय के दूसरे स्रोतों से पूरा करने पर विवश हैं। जिला प्रशासन ने शासन से लंबित कमीशन की मांग की है।
जिले में 35 बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां, आठ क्रय विक्रय समितियां और तराई विकास सहकारी संघ धान की खरीद कर रही हैं। अब तक सहकारिता विभाग के 137 क्रय केंद्रों पर तीन लाख, 25 हजार, 425 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। धान और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए सहकारी समितियों को क्रमश: 20 रुपये और 22 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है। तीन साल से सहकारी समितियों का करीब 90 लाख रुपये का बजट रुका है। यदि इस वर्ष भी सहकारी समितियों को कमीशन नहीं मिला तो उनका घाटा और बढ़ जाएगा। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने शासन से समितियों का लंबित कमीशन मांगा गया है। इसके साथ ही करीब छह बार सहकारी समितियां स्वयं भी शासन को पत्र भेज चुकी हैं।
जिले की सहकारी समितियों का करीब 90 लाख रुपये का कमीशन शासन से जारी नहीं हो सका है। इससे समितियां घाटे में चल रही हैं और इसका असर धान खरीद पर असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन के माध्यम से शासन से शीघ्र कमीशन देने की मांग की गई है। -
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एमएल टम्टा, प्रभारी जिला सहायक निबंधक।
बारिश से भीगे धान में आ रही कालेपन की शिकायत
रुद्रपुर। बारिश से भीगे कुछ किसानों के धान में कालेपन की शिकायत आ रही है। धान की शेष फसल के कटने के बाद यह समस्या अधिक बढ़ सकती है। सोमवार को बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर बेचने के लिए लाया गया करीब 300 क्विंटल धान में से कुछ में कालेपन की शिकायत मिली । धान को क्रय केंद्र पर सुखाया गया है। इस धान की खरीद के लिए कमीशन एजेंट से वार्ता की जा रही है। भाकियू (चढूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने कहा कि अभी काफी धान खेतों में है, जिसमें कालेपन की शिकायत आने की आंशका है। इसके लिए शासन से कमीशन एजेंटों के माध्यम से धान खरीद के मानकों में संशोधन की मांग की गई है। (संवाद)
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जिले में 35 बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियां, आठ क्रय विक्रय समितियां और तराई विकास सहकारी संघ धान की खरीद कर रही हैं। अब तक सहकारिता विभाग के 137 क्रय केंद्रों पर तीन लाख, 25 हजार, 425 क्विंटल धान खरीद हो चुकी है। धान और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए सहकारी समितियों को क्रमश: 20 रुपये और 22 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है। तीन साल से सहकारी समितियों का करीब 90 लाख रुपये का बजट रुका है। यदि इस वर्ष भी सहकारी समितियों को कमीशन नहीं मिला तो उनका घाटा और बढ़ जाएगा। इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने शासन से समितियों का लंबित कमीशन मांगा गया है। इसके साथ ही करीब छह बार सहकारी समितियां स्वयं भी शासन को पत्र भेज चुकी हैं।
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जिले की सहकारी समितियों का करीब 90 लाख रुपये का कमीशन शासन से जारी नहीं हो सका है। इससे समितियां घाटे में चल रही हैं और इसका असर धान खरीद पर असर पड़ रहा है। जिला प्रशासन के माध्यम से शासन से शीघ्र कमीशन देने की मांग की गई है। -
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एमएल टम्टा, प्रभारी जिला सहायक निबंधक।
बारिश से भीगे धान में आ रही कालेपन की शिकायत
रुद्रपुर। बारिश से भीगे कुछ किसानों के धान में कालेपन की शिकायत आ रही है। धान की शेष फसल के कटने के बाद यह समस्या अधिक बढ़ सकती है। सोमवार को बिगवाड़ा क्रय केंद्र पर बेचने के लिए लाया गया करीब 300 क्विंटल धान में से कुछ में कालेपन की शिकायत मिली । धान को क्रय केंद्र पर सुखाया गया है। इस धान की खरीद के लिए कमीशन एजेंट से वार्ता की जा रही है। भाकियू (चढूनी) के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रमजीत सिंह ने कहा कि अभी काफी धान खेतों में है, जिसमें कालेपन की शिकायत आने की आंशका है। इसके लिए शासन से कमीशन एजेंटों के माध्यम से धान खरीद के मानकों में संशोधन की मांग की गई है। (संवाद)