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तराई में भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से त्राहि-त्राहि

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2022 12:51 AM IST
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Civic aminities.
बाजपुर मंडी स्थित बिजली घर में मौजूद कर्मचारी का घेराव करते व्यापारी। संवाद - फोटो : KASHIPUR
रुद्रपुर। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में तीन से आठ घंटे तक रोजाना बिजली कटौती से त्राहि-त्राहि मची है। बिजली के नहीं आने से घरों में पानी नहीं आ रहा है। इससे दुकानदारों के अलावा किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तराई में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। पेयजल संकट से जूझ रहे लोगों में ऊर्जा निगम के अधिकारियों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यूपीसीएल के अधिकारियों के फोन नंबर स्विच ऑफ आते हैं, जबकि टोल फ्री नंबर 1912 पर फाल्ट का रटारटाया जवाब दिया जाता है। इससे लोगों की परेशानी कम नहीं होती।
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अधीक्षण अभियंता राजकुमार का कहना है कि जिले में प्रतिदिन 9.9 मिलियन यूनिट की मांग है। इसके सापेक्ष 8.2 मिलियन यूनिट बिजली मिल रही है। करीब 15 से 20 प्रतिशत कम बिजली मिलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि यूपीसीएल हेड ऑफिस से अचानक ही रोस्टिंग की सूचना दी जा रही है। इसके चलते जनता को बिजली कटौती का समय बताना मुश्किल हो रहा है।
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कभी दोपहर में तो कभी रात को तीन घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। जेई का नंबर स्विच ऑफ जाता है। सीएम हेल्पलाइन में भी इसकी शिकायत कर चुके हैं। मगर समाधान नहीं हो रहा। - मित्र सिंह, कौशल्या इंक्लेव।
बिजली नहीं आने से रात में घर की छत में सोना पड़ रहा है। मच्छरों के कारण सो नहीं पा रहे हैं। पहले बिजली कटने का मोबाइल में मैसेज आ जाता था। अब नहीं आता। - सचिन, रम्पुरा।
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बिजली जाने के बाद इंवर्टर भी डाउन हो जाता है। गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से घरों में पानी भी नहीं आ रहा है। -शिवराज सिंह, अमरदेव कालोनी।
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भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग परेशान है। नहाने के बाद ही पसीना आने लगता है। बिजली कटौती से घरों में पानी नहीं आ रहा। - अनिल किशोर, ईश्वर कालोनी।
पारा बढ़ने से मचा हाहाकार
गदरपुर। भीषण गर्मी की तपिश से हर वर्ग प्रभावित है। दिन प्रतिदिन पारा बढ़ने से जनजीवन पर भी असर पड़ रहा है। गर्मी में जलस्तर नीचे होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से बिजली के उपकरण शोपीस बन गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पेड़ों की शरण ले रहे हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूरों को भी गर्मी की मार का सामना करना पड़ रहा है। शहरी क्षेत्र में भी गर्मी की अधिकता ने जनमानस को बेचैन कर दिया है। बाजार में सन्नाटा जैसा माहौल है। बारिश की कामना को लेकर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह मीठे पानी की छबील लगाकर इंद्र देवता को प्रसन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
अघोषित बिजली कटौती पर लोगों का फूटा गुस्सा
बाजपुर। नगर और ग्रामीण क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान व्यापारियों ने मंडी स्थित बिजली घर में जाकर हंगामा काटा। मौके पर मिले ऑपरेटर मुकेश कुमार का घेराव किया। जल्दी कटौती बंद नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
व्यापारियों ने कहा भीषण गर्मी के चलते बिजली की अघोषित कटौती हो रही है जिससे लोग बेहाल हैं। बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं होने से व्यापारियों का कारोबार ठप पड़ा है। उन्होंने ऊर्जा निगम के उच्च अधिकारियों से बिजली आपूर्ति सुचारु रखने की मांग की। शनिवार को युवा व्यापारी उशांत सब्बरवाल के नेतृत्व में युवा व्यापारी मंडी स्थित बिजली घर पहुंचे। इस दौरान सहायक अभियंता और अभियंता नहीं मिले। विभाग के अधिकारी ने लाइनों का कार्य पूर्ण होने पर कटौती नहीं होने का भरोसा दिया। इस मौके पर जसविंदर सिंह, जितेंद्र विवेक, आदित्य, दीपांशु, दीन दयाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
बिजली कटौती: न दिन में चैन न रात को सुकून
सितारगंज। भीषण गर्मी में दस-दस घंटे की अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्रवासी हलकान हैं। चार-चार घंटे बिजली की रोस्टिंग और फिर ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार के बहाने हर रोज दिन रात कटौती की जा रही है। इस पर कांग्रेसियों ने शनिवार को बिजलीघर पर प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर अघोषित कटौती बंद करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली दफ्तर पर प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली कटौती बंद करने की मांग की। कहा कि बिजली न आने से लोग परेशानी झेल रहे हैं तो वहीं सिडकुल की कंपनियां भी बंदी के कगार पर पहुंच गई हैं। वहां एडवोकेट दयानंद सिंह, वसीम मियां, सरस्वती बाला, हसनैन मलिक, जानकी कोहली, स्मिता श्रीवास्तव, काजल शर्मा आदि थे।

यूपीसीएल के उपखंड अधिकारी अनुज त्रिपाठी ने बताया कि ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार होने की वजह से फीडर के हिसाब से बिजली आपूर्ति करनी पड़ रही है। नए ट्रांसफार्मर की उच्चाधिकारियों से मांग की गई है। ट्रांसफार्मर मिलने पर आपूर्ति सही ढंग से सुचारु हो सकेगी।
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