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सिल्ट आने से लोहियाहेड पावर हाउस की तीनों टरबाइनें बंद
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खटीमा में लोहियाहेड रोड पर बिजली लाइन पर गिरा पेड़। संवाद
- फोटो : KHATIMA
खटीमा। टनकपुर बैराज के शारदा चैनल में सिल्ट आने से पावर चैनल चोक हो गई। इससे लोहियाहेड पावर हाउस में रविवार दोपहर करीब 2:20 बजे तीनों टरबाइनें बंद होने से बिजली का उत्पादन ठप हो गया है।
तीनों टरबाइनें वर्तमान में लगभग 40 मेगावाट बिजली उत्पाद कर रही थीं। डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि सिल्ट आने से टरबाइनें बंद करनी पड़ी हैं। दोपहर करीब तीन बजे से सिल्ट हटाने का कार्य शुरू किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रात करीब आठ से नौ बजे तक उत्पादन पूर्ववत शुरू हो जाएगा। होगा। डीजीएम ने कहा कि तीनों टरबाइनों में किसी भी तरह की खराबी नहीं आई है। सिल्ट हटने के बाद मशीनें चालू करने के लिए टनकपुर बैराज से पानी छोड़ा जाएगा। पानी दो घंटे में यहां पहुंचेगा जिसके बाद तीनों टरबाइनें सुचारु रूप से बिजली उत्पादन करना शुरू कर देंगी।
हाइटेंशन लाइन में गिरा पेड़, आपूर्ति बाधित
खटीमा। लोहियाहेड पावर हाउस से 33 हजार केवीए की लाइन पर रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लोहियाहेड जंगल में पेड़ गिर गया। इससे इंडस्ट्रीज की लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तारों पर पेड़ गिरने से इंडस्ट्रीज फीडर में खराबी आ गई। इससे सीटी ब्रेकर व इंसुलेटर भी खराब हो गया। इस बीच क्षेत्र की आपूर्ति ठप रही। आपूर्ति सुचारु करने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सितारंगज एवं पीलीभीत ग्रिड से क्षेत्र को जोड़ा। पावर हाउस के इंडस्ट्रीज फीडर के पुराने इंसुलेटर को बदलने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। एसडीओ अंबिका यादव ने बताया कि उत्तराखंड के पावर हाउसों से जनरेट होने वाली बिजली ग्रिड को दी जाती है। इसके बाद उपभोक्ताओं को ग्रिड से आपूर्ति दी जाती है। स्विच यार्ड इंसुलेटर बदलने के बाद उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुचारु कर दी गई। संवाद
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तीनों टरबाइनें वर्तमान में लगभग 40 मेगावाट बिजली उत्पाद कर रही थीं। डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि सिल्ट आने से टरबाइनें बंद करनी पड़ी हैं। दोपहर करीब तीन बजे से सिल्ट हटाने का कार्य शुरू किया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रात करीब आठ से नौ बजे तक उत्पादन पूर्ववत शुरू हो जाएगा। होगा। डीजीएम ने कहा कि तीनों टरबाइनों में किसी भी तरह की खराबी नहीं आई है। सिल्ट हटने के बाद मशीनें चालू करने के लिए टनकपुर बैराज से पानी छोड़ा जाएगा। पानी दो घंटे में यहां पहुंचेगा जिसके बाद तीनों टरबाइनें सुचारु रूप से बिजली उत्पादन करना शुरू कर देंगी।
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हाइटेंशन लाइन में गिरा पेड़, आपूर्ति बाधित
खटीमा। लोहियाहेड पावर हाउस से 33 हजार केवीए की लाइन पर रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे लोहियाहेड जंगल में पेड़ गिर गया। इससे इंडस्ट्रीज की लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तारों पर पेड़ गिरने से इंडस्ट्रीज फीडर में खराबी आ गई। इससे सीटी ब्रेकर व इंसुलेटर भी खराब हो गया। इस बीच क्षेत्र की आपूर्ति ठप रही। आपूर्ति सुचारु करने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने सितारंगज एवं पीलीभीत ग्रिड से क्षेत्र को जोड़ा। पावर हाउस के इंडस्ट्रीज फीडर के पुराने इंसुलेटर को बदलने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। एसडीओ अंबिका यादव ने बताया कि उत्तराखंड के पावर हाउसों से जनरेट होने वाली बिजली ग्रिड को दी जाती है। इसके बाद उपभोक्ताओं को ग्रिड से आपूर्ति दी जाती है। स्विच यार्ड इंसुलेटर बदलने के बाद उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुचारु कर दी गई। संवाद
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