फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Civic aminities

पापा के मैसेज से बढ़ता था हौसला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 01:11 AM IST
विज्ञापन
Civic aminities
यूक्रेन से घर पहुंची मिताली बिष्ट का स्वागत करते परिजन। संवाद - फोटो : KHATIMA
खटीमा। ‘मेरी बेटी शेरनी है। किसी से डरना नहीं। पापा के रोजाना मिल रहे इस तरह के मैसेज से मेरे हौसले बुलंद रहे। तमाम परेशानियों में भी घर आने की राह आसान लगी।’ यह कहना है यूक्रेन से लौटी मिताली बिष्ट का। वह युद्धग्रस्त क्षेत्र से जूझती हुई शुक्रवार की शाम अपने घर टनकपुर रोड अमाऊं पहुंची। मां-पिता, दादा-दादी व चाचा-चाची एवं भाई बहनों से गले मिली। परिजन भी मिताली को गले लगा खुशी के आंसू न रोक सके।
विज्ञापन

मिताली पोलटेव मेडिकल कालेज स्टेट यूनीवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। मिताली अपने अन्य साथियों के साथ बंकर में रही। तीन दिन बाद निजी खर्च पर हंगरी बॉर्डर आई और यहां से भारत सरकार की फ्लाइट से शुक्रवार की सुबह दिल्ली पहुंची। घर लौटने पर दीये जलाकर खुशी मनाई गई।
विज्ञापन

मिताली ने कहा कि उसके पापा का रोज मैसेज आता था, जिसमें वह उनकी हौंसला अफजाई करते थे। बताया कि धमाकों की आवाजों से दहशत भरे दिन बीते हैं। जब भी हमला होता और धमाकों की आवाज आती तो परिजनों से फोन पर बात कर अपने दिल को समझा लेती थी। ऐसा लगता था कि भारत की सरकार कुछ भी नहीं है और न ही कोई व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed