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मांगों के लिए कर्मचारियों ने की नारेबाजी
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काशीपुर एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में नारेबाजी करते कर्मचारी।
- फोटो : KASHIPUR
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मांगों के लिए एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर ध्यान देने की अपील की।
कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन सहित सभी कर्मचारी सुबह दस बजे तक कार्य बहिष्कार पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके चलते उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है।
कर्मचारी नेता हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो कर्मचारी 25 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि सरकार पुरानी एसीपी लागू करे, पुरानी पेंशन दी जाए और पुनर्गठन करने सहित सभी मांगें मानी जाएं।
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सितारगंज में फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार भट्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन के बावजूद शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शक्तिफार्म पीएचसी में कई माह से डॉक्टर नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण रूप से चिकित्सकविहीन है।
ऐसे में अपनी मांगों को लेकर फार्मासिस्ट के दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने से पीएचसी में पहुंचने वाले मरीजो एवं उनके तीमारदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्टों के दो घंटे की हड़ताल से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
नानकमत्ता में भी दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहां हरीश चंद सती, हरिशरण सिंह, हिमांशु राणा, प्रदीप सिंह आदि मौजूद थे।
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कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन सहित सभी कर्मचारी सुबह दस बजे तक कार्य बहिष्कार पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। इसके चलते उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है।
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कर्मचारी नेता हरीश चंद्र जोशी ने बताया कि अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो कर्मचारी 25 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि सरकार पुरानी एसीपी लागू करे, पुरानी पेंशन दी जाए और पुनर्गठन करने सहित सभी मांगें मानी जाएं।
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सितारगंज में फार्मासिस्ट नरेंद्र कुमार भट्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन के बावजूद शासन-प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। शक्तिफार्म पीएचसी में कई माह से डॉक्टर नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पूर्ण रूप से चिकित्सकविहीन है।
ऐसे में अपनी मांगों को लेकर फार्मासिस्ट के दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने से पीएचसी में पहुंचने वाले मरीजो एवं उनके तीमारदारों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्टों के दो घंटे की हड़ताल से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी।
नानकमत्ता में भी दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। इससे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहां हरीश चंद सती, हरिशरण सिंह, हिमांशु राणा, प्रदीप सिंह आदि मौजूद थे।

नानकमत्ता सीएचसी पर कार्य बहिष्कार के दौरान प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट।- फोटो : SITARGANJ