{"_id":"607736ff8ebc3eda746c04b8","slug":"chaiti-mela-not-yet-started-kashipur-news-hld421664220","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधी अधूरी तैयारी के चलते दूसरे दिन भी नहीं सजा चैती मेला 17-15-52","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधी अधूरी तैयारी के चलते दूसरे दिन भी नहीं सजा चैती मेला 17-15-52
विज्ञापन
चैतीमेले में प्रशासनिक कार्यालय खोलने के लिए लगाए गए पंडाल।
- फोटो : KASHIPUR
काशीपुर। आधी अधूरी तैयारी के चलते उद्घाटन के दूसरे दिन भी चैती मैदान में मेला नहीं सज सका। जिस कारण लोग मेला देखने नहीं पहुंचे। मंगलवार को शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत ने मेले का शुभारंभ किया था। बुधवार को कुछ ही दुकानदार मेले में दुकानें लगाने की तैयारी करते दिखे। जिससे मेला सजने में कुछ और दिन लगने के आसार हैं।
13 से 30 अप्रैल तक चैती मेला प्रस्तावित है। 2019 तक बाहरी प्रदेशों से सैकड़ों दुकानदार मेले में पहुंचते थे। कई नस्ल के घोड़ों की खरीदारी भी मेले में की जाती है जिसके लिए यहां का नखासा बाजार प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी काफी अटकलों के बाद प्रशासन ने मेला लगाने का निर्णय लिया लेकिन अभी तक मेले की पूरी तैयारी नहीं हो सकी। जबकि इससे पूर्व उद्घाटन तक मेला पूरी तरह से सज जाता था। मेले में देरी के पीछे का सबसे बड़ा कारण फिलहाल कोरोना संक्रमण को माना जा रहा है।
मेले के लिए 15 दिन और शेष हैं पर अभी तक मेले में करीब 25 दुकानें ही लग सकी हैं। घोड़ा व्यापारी भी अभी मेले में नहीं पहुंचे हैं और न ही खाने-पीने की दुकानें मेले में लगी हैं। पेयजल, पानी निकासी, बिजली और शौचालय आदि की व्यवस्था भी अभी तक प्रशासन नहीं कर सका है। स्वयं सेवी संस्थाओं के चिकित्सा शिविर और मेला थाने का निर्माण भी अभी तक मेला परिसर में नहीं किया गया है। आयोजन में देरी से कुछ दुकानदार मेला अवधि बढ़ाए जाने की उम्मीद भी जता रहे हैं।
विज्ञापन
बगैर मास्क नहीं मिलेगा देवी पूजन का मौका
काशीपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मंदिर समिति ने भी सख्ती करनी शुरू कर दी है। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि बिना मास्क पहने लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। और मास्क न पहनने वालों को देवी पूजन का मौका भी नहीं मिलेगा। सभी लोगों को प्रवेश से पहले सैनिटाइज किया जाएगा।
मंदिरों में किया मां ब्रह्मचारिणी का पूजन
काशीपुर। नवरात्र के दूसरे दिन लोगों ने मंदिर पहुंचकर मां ब्रहमचारिणी का पूजन किया। शहर के द्रोणसागर स्थित कृष्ण राधा मंदिर, चैती बाल सुंदरी मंदिर, गिरीताल स्थित देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, दुर्गा मंदिर, जागेश्वर मंदिर और गीता भवन मंदिर में पहुंचकर लोगों ने पूजा अर्चना की। कुछ मंदिरों में महिलाओं ने भजन कीर्तन का भी आयोजन किया। कई स्थानों पर लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। कुछ मंदिरों में भीड़ होने के बावजूद भी लोगों ने मास्क का प्रयोग नहीं किया हालांकि मंदिर प्रबंधन की अपील के बाद कुछ लोग मुंह पर कपड़ा तो कुछ लोगों ने मास्क पहनकर मंदिर में प्रवेश किया।
विज्ञापन
13 से 30 अप्रैल तक चैती मेला प्रस्तावित है। 2019 तक बाहरी प्रदेशों से सैकड़ों दुकानदार मेले में पहुंचते थे। कई नस्ल के घोड़ों की खरीदारी भी मेले में की जाती है जिसके लिए यहां का नखासा बाजार प्रसिद्ध है। इस वर्ष भी काफी अटकलों के बाद प्रशासन ने मेला लगाने का निर्णय लिया लेकिन अभी तक मेले की पूरी तैयारी नहीं हो सकी। जबकि इससे पूर्व उद्घाटन तक मेला पूरी तरह से सज जाता था। मेले में देरी के पीछे का सबसे बड़ा कारण फिलहाल कोरोना संक्रमण को माना जा रहा है।
विज्ञापन
मेले के लिए 15 दिन और शेष हैं पर अभी तक मेले में करीब 25 दुकानें ही लग सकी हैं। घोड़ा व्यापारी भी अभी मेले में नहीं पहुंचे हैं और न ही खाने-पीने की दुकानें मेले में लगी हैं। पेयजल, पानी निकासी, बिजली और शौचालय आदि की व्यवस्था भी अभी तक प्रशासन नहीं कर सका है। स्वयं सेवी संस्थाओं के चिकित्सा शिविर और मेला थाने का निर्माण भी अभी तक मेला परिसर में नहीं किया गया है। आयोजन में देरी से कुछ दुकानदार मेला अवधि बढ़ाए जाने की उम्मीद भी जता रहे हैं।
विज्ञापन
बगैर मास्क नहीं मिलेगा देवी पूजन का मौका
काशीपुर। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मंदिर समिति ने भी सख्ती करनी शुरू कर दी है। मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि बिना मास्क पहने लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। और मास्क न पहनने वालों को देवी पूजन का मौका भी नहीं मिलेगा। सभी लोगों को प्रवेश से पहले सैनिटाइज किया जाएगा।
मंदिरों में किया मां ब्रह्मचारिणी का पूजन
काशीपुर। नवरात्र के दूसरे दिन लोगों ने मंदिर पहुंचकर मां ब्रहमचारिणी का पूजन किया। शहर के द्रोणसागर स्थित कृष्ण राधा मंदिर, चैती बाल सुंदरी मंदिर, गिरीताल स्थित देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, दुर्गा मंदिर, जागेश्वर मंदिर और गीता भवन मंदिर में पहुंचकर लोगों ने पूजा अर्चना की। कुछ मंदिरों में महिलाओं ने भजन कीर्तन का भी आयोजन किया। कई स्थानों पर लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई। कुछ मंदिरों में भीड़ होने के बावजूद भी लोगों ने मास्क का प्रयोग नहीं किया हालांकि मंदिर प्रबंधन की अपील के बाद कुछ लोग मुंह पर कपड़ा तो कुछ लोगों ने मास्क पहनकर मंदिर में प्रवेश किया।