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आस्था पर भारी पड़ा कोरोना: काशीपुर में ऐतिहासिक चैती मेला स्थगित
Sat, 17 Apr 2021 12:07 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 12:07 AM IST
सार
- काशीपुर में चैती मेले का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को हुआ था। लेकिन अब कोरोना को देखते हुए मेला भागीदारान और ठेकेदारों के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने काशीपुर का ऐतिहासिक चैती मेला स्थगित कर दिया।
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काशीपुर में चैतीमेला भागीदारानों के साथ बैठक करते मेला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार आदि।
- फोटो : KASHIPUR
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विस्तार
आखिरकार कोरोना महामारी का भय आस्था पर भारी पड़ गया। मेला भागीदारान और ठेकेदारों के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने काशीपुर का एतिहासिक चैती मेला स्थगित कर दिया। अब केवल प्रसाद की 25 दुकानों को ही अनुमति दी जाएगी।
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काशीपुर में चैती मेले का विधिवत उद्घाटन 13 अप्रैल को हो चुका है। मेले के लिए झूलों, खेल तमाशों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए टेंडर अनुमोदित होने के बाद व्यापारियों ने मेला परिसर में काम शुरू कर दिया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के लिए कैंप स्थापित कर दिए गए थे।
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वहीं, ठेकेदारों ने भी व्यापारियों को दुकानों के लिए स्थल आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण व्यापारियों ने वहां दुकानें लगाने का जोखिम मोल नहीं लिया। इसी बीच, शासन ने कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी। अब धार्मिक गतिविधियों में भी एक ही स्थान पर 200 से अधिक लोग जमा नहीं हो सकेंगे। ऐसे में मेला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार और सहायक मेला मजिस्ट्रेट वीसी पंत की मौजूदगी में शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में मेला भागीदारान और ठेकेदारों के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने मेला स्थगित करने का निर्णय लिया।
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बैठक में तय किया गया कि चैती मंदिर में मां बाल सुंदरी देवी के प्रतिष्ठापित रहने के दौरान पुलिस की व्यवस्था रहेगी। इस दौरान 25 व्यक्तियों को प्रसाद की दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। प्रसाद की दुकानों का आवंटन शनिवार से होगा। बैठक में मां को डोला 19 अप्रैल की रात जुलूस की शक्ल में न आकर एक गाड़ी में लाए जाने पर सहमति बनी। वहां नगरनिगम के अधीक्षक विकास शर्मा, डा. अमरजीत सिंह, पीडब्ल्यूडी एई ज्योति रावत, जेई नफीस अहमद, पंडा वंश गोपाल अग्निहोत्री, विकास अग्निहोत्री, मनोज अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री आदि थे।
बगैर मास्क मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु
चैती मेले में मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कोविड नियमों का पालन करना होगा। मंदिर के गेट पर ही श्रद्धालुओं को सैनिटाइज किया जाएगा और उन्हें मंदिर में बिना मास्क प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि एक समय 200 से अधिक श्रद्धालु न हो।
दो दिनों में बिके कुल दस घोड़े
नखासा बाजार में ग्राहकों के नही आने से शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। दो दिन में कुल दस घोडे बिके। ये घोड़े भी तीन से बीस हजार रुपये तक की कीमत के रहे। सलमान चौधरी ने बताया कि कोरोना के खौफ से लॉकडाउन में फंसने के कारण यूपी, पंजाब, राजस्थान, गुजरात से व्यापारी और खरीदार मेले में नहीं पहुंचे। मेले में इस बार खाने के लिए होटल तक नहीं है। व्यापारियों को घोड़ों के दाने का बोझ अलग से सहन करना पड़ रहा है। व्यापारियों को भयंकर गर्मी से घोड़ों के बीमार होने का खतरा सता रहा है। विपिन कुमार व विशेष कुमार ने बताया कि इस बार मेले में सन्नाटा है।