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विवि में सीएबीएम की स्थापना कृषि उत्थान में एक महत्पवूर्ण कदम
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पंतनगर में मंच में मौजूद अतिथि।
- फोटो : RUDRAPUR
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जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में 18 दिसंबर 1966 को कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय (सीएबीएम) की स्थापना कृषि के उत्थान में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। इससे निकले कुशल प्रबंधक आज देश विदेश में उद्योगों सहित कृषि के विकास में अपनी महती भूमिका निभा रहे हैं। यह बात सीएबीएम के तत्कालीन अधिष्ठाता डॉ. वीपीएस अरोड़ा ने महाविद्यालय के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित समारोह में कही।
महाविद्यालय के डॉ. वीपीएस अरोड़ा सभागार में आयोजित रजत जयंती समारोह में डॉ. अरोड़ा ने महाविद्यालय की संस्थापना से पूर्व किए गए कार्यों से शुरू कर स्थापना के लिए राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करने तक की जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए पहले बैच में 18 छात्रों के प्रवेश तक का अनुभव साझा किया।
कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने इस बार पर जोर दिया कि 21वीं सदी के कृषकों का ध्यान कृषि कार्य करते समय लाभ कमाने पर होना चाहिए। मात्र जीवनयापन के लिए कृषि उनके विकास में ज्यादा सहयोग नही कर सकती। उन्होंने अधिष्ठाता डॉ. आरएस जादौन को आयोजन के लिए बधाई दी। यहां डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. मुकेश पांडे, डॉ. निर्देष कुमार सिंह, डॉ. जयंत गौतम, डॉ. रीतिका भट्ट, डॉ. स्नेहा दोहरे व महाविद्यालय के सभी कर्मचारी मौजूद थे।
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महाविद्यालय के डॉ. वीपीएस अरोड़ा सभागार में आयोजित रजत जयंती समारोह में डॉ. अरोड़ा ने महाविद्यालय की संस्थापना से पूर्व किए गए कार्यों से शुरू कर स्थापना के लिए राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करने तक की जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के लिए पहले बैच में 18 छात्रों के प्रवेश तक का अनुभव साझा किया।
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कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने इस बार पर जोर दिया कि 21वीं सदी के कृषकों का ध्यान कृषि कार्य करते समय लाभ कमाने पर होना चाहिए। मात्र जीवनयापन के लिए कृषि उनके विकास में ज्यादा सहयोग नही कर सकती। उन्होंने अधिष्ठाता डॉ. आरएस जादौन को आयोजन के लिए बधाई दी। यहां डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. मुकेश पांडे, डॉ. निर्देष कुमार सिंह, डॉ. जयंत गौतम, डॉ. रीतिका भट्ट, डॉ. स्नेहा दोहरे व महाविद्यालय के सभी कर्मचारी मौजूद थे।
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