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पत्नी की बेवफाई से सिर पर सवार हुआ खून

Tue, 23 Feb 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर Updated Tue, 23 Feb 2016 12:07 AM IST
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Blood rode at the head of the wife's infidelity
पत्नी की बेवफाई उसके पति को इतनी नागवार गुजरी की उसने मामा और पत्नी की
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हत्या कर दी। पुलिस ने भांजे गुरमीत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसएसपी केवल खुराना ने रुद्रपुर में इसका खुलासा किया।

नानकमत्ता में 21 फरवरी को संदिग्धवस्था में मोहन सिंह और मनोज रानी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साथ ही यह बात फैला दी कि मोहन ने मनोज की हत्या कर खुदकुशी कर ली। हत्या के दिन पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग मानकर जांच कर रही थी। कातिल कितना भी शातिर हो आखिर सुराग छोड़ ही जाता है।

पुलिस ने जब जांच की तो सुराग हाथ लग गया। एसएसपी केवल खुराना ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मामा मोहन सिंह और मनोज रानी की हत्या के दिन जब एएसपी पंकज भट्ट को जांच अधिकारी बनाकर भेजा तो पुलिस को मोहन सिंह के शव से एक मीटर दूरी पर तमंचा पड़ा मिला। आत्महत्या करने वाले व्यक्ति से इतनी दूर तमंचा नहीं गिर सकता। इसी से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने जब जांच की तो परत दर परत उधड़ने लगी।

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एसएसपी खुराना ने बताया गुरमीत अपने मामा मोहन सिंह के घर रहता था। मामा का डेढ़ साल पहले मनोज रानी नाम की युवती से प्रेम-प्रसंग शुरू हुआ। एक दिन मामा मोहन घर से किसी काम के लिए बाहर निकला तो उसका मोबाइल घर छूट गया। इस दौरान युवती मनोज रानी का फोन आ गया। बातों-बातों में दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए। इस दौरान युवती मामा मोहन और भांजे गुरमीत से भी बात करने लगी।
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दो माह बाद जब ये बात मामा को पता लगी तो उसने भांजे को खूब डांटा। इस दौरान मामा-भांजे के बीच हाथापाई भी हुई। भांजा गुरमीत को मनोज रानी से अथाह प्रेम हो गया। जबकि युवती दोनों से बात करती रही। गुरमीत ने मामा के डर से यहां से दूर भागकर शादी करने और वहीं रहने का मन बनाया। उसने इसके लिए मनोज रानी को भी राजी कर लिया। नवंबर-2015 में गुरमीत और मनोज रानी यहां से भाग निकले और नासिक में रहने लगे और उन्होंने शादी कर ली। वहीं गुरमीत एक प्राईवेट कंपनी में नौकरी करने लगा।

गुरमीत के मन में यह डर सताता रहा कि कहीं मनोज रानी मामा के संपर्क में न आ जाए और मुझे छोड़ न दे। उसने मामा को इसका पता न लगे। वहां नौकरी छोड़कर दोनों महाराष्ट्र के मुंडे गांव चले गए। वहां गुरमीत एक कंपनी में काम करने लगा। ये बात गुरमीत के नाना को पता लग गई। वे मोहन सिंह और परिजनों के साथ वहां पहुंचे और गुरमीत से घर चलने को कहते हुए आपस में शादी करने की बात भी की। नानकमत्ता पहुंचने पर पंचायत ने दोनों की शादी को सही ठहराते हुए नाना के घर से अलग रहने की बात कही। गुरमीत ने सिडकुल में कमरा देखकर पारले कंपनी में काम करने की बात की और उसकी नौकरी भी लग गई।


एक दिन गुरमीत अपने ताऊ के घर सो रहा था। जैसे ही उसकी आंख खुली तो उसने मनोज रानी को आपत्तिजनक हालत में मामा के साथ देखा। उसी दिन उसने मामा की हत्या करने की सोच ली और मौके की तलाश करने लगा। 21 फरवरी को मोहन सिंह, मनोज रानी और गुरप्रीत बाइक से जा रहे थे। मोहन सिंह ने बीच में शराब पी कर धुत हो गया। तभी धूमखेड़ा पुलिया के पास गुरमीत ने बाइक रोककर मामा के पास रखा तमंचा और दो कारतूस निकाल लिए। उसके बाद उसने अपनी पत्नी को गले लगाते हुए उसके सिर में तमंचे से गोली मार दी। जब तक मोहन सिंह कुछ समझ पाता गुरमीत ने उसे भी गोली मार दी और प्यार में आत्महत्या की बात फैला दी। पुलिस ने कॉल डिटेल से कातिल भांजे गुरमीत को पकड़ लिया। गुरमीत ने अपना गुनाह भी कबूल लिया है।

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