रुद्रपुर। उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन ने पांच हजार रुपये का मासिक मानदेय और भोजनमाताओं को स्कूल से नहीं हटाने की घोषणा का शासनादेश जारी करने की मांग उठाई है। मांगों के लिए कलक्ट्रेट में जुलूस निकालकर धरना दिया। उन्होंने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को यूनियन के बैनर तले भोजन माताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि भोजनमाताएं लंबे समय से न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रही हैं। इसके साथ ही मध्यान्ह भोजन योजना का एनजीओकरण और स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर रही हैं। बताया कि जुलाई में मुख्यमंत्री ने पांच हजार रुपये न्यूनतम वेतन और किसी भोजन माता को स्कूल से नहीं हटाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक इसका शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इस कारण स्कूलों से भोजनमाताओं को निकाला जा रहा है। वहां पर रेखा राना, तारावती, गंगादेवी, निर्मला शर्मा, राजो देवी, जानकी देवी, सुशीला, जसवंत कौर, गोदावरी देवी आदि थीं।