Udham Singh Nagar News: जंगल से भटककर गांव पहुंचा हाथी का बच्चा, वन विभाग ने रेस्क्यू कर नर्सरी भेजा
एक हाथी का बच्चा भटक कर गांव बन्नाखेड़ा सानी क्षेत्र में पहुंच गया। सूचना पर बरहैनी के डिप्टी रेंजर गोपाल कपिल के नेतृत्व में जंगलात टीम ने रेस्क्यू कर हाथी के बच्चे को पकड़कर उपचार के लिए टांडा रेंज के संजय वन में भेज दिया है।
विस्तार
बाजपुर में एक हाथी का बच्चा भटक कर गांव बन्नाखेड़ा सानी क्षेत्र में पहुंच गया। सूचना पर बरहैनी के डिप्टी रेंजर गोपाल कपिल के नेतृत्व में जंगलात टीम ने रेस्क्यू कर हाथी के बच्चे को पकड़कर उपचार के लिए टांडा रेंज के संजय वन में भेज दिया है।
मंगलवार सुबह सात बजे जंगल से भटक कर हाथी का बच्चा गांव बन्नाखेड़ा सानी में आबादी के नजदीक पहुंच गया। इस पर ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। हाथी के बच्चे को पकड़ने के लिए ग्रामीण इधर-उधर भागते रहे लेकिन हाथी का बच्चा ग्रामीणों के कब्जे में नहीं आया। सूचना पर बरहैनी के डिप्टी रेंजर गोपाल कपिल के नेतृत्व में जंगलात टीम ने हाथी के बच्चे को बमुश्किल पकड़ा। बन्नाखेड़ा रेंजर नवल किशोर कपिल भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। डिप्टी रेंजर गोपाल कपिल ने बताया कि हाथी का बच्चा करीब तीन माह का है। उसके सिर पर चोट है। संभावना जताई जा रही है कि किसी पेड़ आदि से टकराकर वह जख्मी हुआ है। हाथी के बच्चे को इलाज के लिए सुरक्षित वाहन में टांडा रेंज के संजय वन में भेजा गया है। वहां बरहैनी पुलिस चौकी प्रभारी अशोक कांडपाल, वन रक्षक विनोद जोशी, मदन, शंकर आदि रहे। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में रोहिणी पेड़ हाथी के भोजन का मुख्य साधन है। लेकिन जंगल में रोहिणी पेड़ गायब हो रहे हैं जिससे हाथी आबादी क्षेत्र में आ रहे हैं।
मौसम परिवर्तन होने पर राजा जी काॅर्बेट पार्क से हाथियों के झुंड अपने पुराने गलियारों से होकर नेपाल तक पहुंच जाते हैं। वर्तमान में कई स्थानों पर गलियारे ब्लॉक हो चुके हैं। इस कारण हाथी के झुंड से भटक जाते हैं। विभाग की ओर से गलियारों को लेकर वन्यजीव बोर्ड की तरफ से कार्ययोजना बनाने की कोशिश की जाएगी। - मयंक तिवारी, सदस्य, राज्य वन्य जीव बोर्ड उत्तराखंड