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एक विश्लेषक के सहारे दो लैबों में दवा जांच का काम
ब्यूरो, अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Mon, 04 May 2015 12:11 AM IST
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कुमाऊं और गढ़वाल की दो प्रयोगशालाओं में दवा जांच का दारोमदार एक विशेषज्ञ (राजकीय विश्लेषक) के कंधों पर है। इससे विशेषज्ञ को तीन दिन कुमाऊं तो तीन दिन गढ़वाल में रहना पड़ता है। काफी दूरी होने के कारण दोनों स्थानों पर जांच कार्य प्रभावित हो रहा है।
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हरिद्वार में आयुर्वेदिक औषधि परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है। इसमें आयुर्वेदिक दवाओं की गुणवत्ता की जांच होती है। जबकि रुद्रपुर मेें राज्य की इकलौती खाद्य एवं विश्लेषण प्रयोगशाला में एलौपैथी दवा की जांच के साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूने जांचे जाते हैं। मगर दोनों लैबों पर दवा जांच की कमान राजकीय विश्लेषक जेआर ध्यानी पर ही है। रुद्रपुर में राज्य स्तरीय लैब होने के बाद भी संविदा के आधार पर स्टाफ तैनात किया गया है उस पर भी स्टाफ पूरा नहीं है। करीब डेढ़ साल से खाद्य विश्लेषक के पद पर बीते दिन तैनाती तो गई मगर उन्हें अब तक जांच का जिम्मा नहीं मिला है। इसके अलावा दवा जांच के लिए विशेषज्ञ के तौर पर राजकीय विश्लेषक तैनात तो हैं मगर उन पर दोहरी जिम्मेदारी का भार है। शासन से तीन दिन हरिद्वार आयुर्वेदिक औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में तो तीन दिन रुद्रपुर में बैठने के निर्देेश दिए गए हैं। जबकि हकीकत यह है कि हरिद्वार से रुद्रपुर आने जाने मेें ही काफी वक्त लग जाता है। लैब सूत्रों के अनुसार स्टाफ की कमी और एक अधिकारी पर दोहरी जिम्मेदारी से दोनों लैबों का काम प्रभावित हो रहा है। वहीं सुचारु विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से मशीनें खराब होने के कगार पर हैं।
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