फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   Amarujala Aparajita in Rudrapur

रूढ़िवादिता के खिलाफ एकजुट हों महिलाएं

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 12:39 AM IST
विज्ञापन
Amarujala Aparajita in Rudrapur
रुद्रपुर में अपराजिता के तहत महिला सशक्तिकरण विषय पर अयोजित कार्यक्रम में बोलती वक्ता। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। बदल रहे समाज में आज भी कई इलाकों में महिलाओं को पाखंड और रूढ़िवादिता का शिकार होना पड़ता है। इसके खिलाफ एकजुट होने और जागरूक होने की जरूरत है।
विज्ञापन

यह बात रविवार को महिला एवं सामाजिक जागरूकता कल्याण समिति के सहयोग से रुद्रपुर के संस्कार पब्लिक स्कूल में महिला सशक्तीकरण विषय पर हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुई इस कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ ही आत्मनिर्भर बनने का भी संकल्प लिया।
विज्ञापन

कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता कल्याण समिति की अध्यक्ष ऊषा जैन, पिरामल फाउंडेशन की जिला प्रभारी तारा कांडपाल, प्रियंका ठाकुर और कविता रावत ने महिलाओं को उनके मूल अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक किया। वक्ताओं ने महिलाओं को आत्मसम्मान, स्वावलंबन के साथ आत्मनिर्भर बनकर समाज व कार्य क्षेत्र में अलग पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में पूजा देवी, अनीता, नीरमति देवी, सुनीता, अंजली, राधा देवी, सुमन तिवारी, हेमा वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं को अपनी शक्ति का अहसास होना चाहिए। आज महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ ही कार्य क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। महिलाओं को रूढ़ियों और कुप्रथाओं का विरोध करने के लिए आगे आना होगा। - ऊषा जैन, अध्यक्ष, महिला एवं सामाजिक जागरूकता कल्याण समिति।
महिलाओं को अपने परिवार के इतर भी अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। जब महिला की अपनी अलग पहचान होगी तो उसका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। महिलाओं का इतिहास गौरवशाली रहा है। - तारा कांडपाल, जिला प्रभारी, पिरामल फाउंडेशन।
आज हमें पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता से ऊपर उठने की जरूरत है। महिलाओं को घर की दहलीज से आगे बढ़कर अपनी पहचान बनाने का प्रयास करना चाहिए। अब महिलाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध हैं। - प्रियंका ठाकुर, पिरामल फाउंडेशन।
महिलाओं को समाज में अपनी स्थिति इतनी मजबूत करनी चाहिए कि बच्चे अपनी मां को ही अपना रोल मॉडल मानें। मेरी दो बेटियां हैं। हमें बेटा और बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। - कविता रावत
देश के कई गांवों में आज भी महिलाओं की स्थिति ठीक नहीं हैं। महिलाएं रूढ़ियों की बेड़ियों से बंधी हुई हैं। महिलाओं को रूढ़ियों की बेड़ियों को काटकर अपने लिए नया रास्ता बनाना होगा। - सीता चौरसिया
समाज में पुरुष प्रधान सोच के चलते महिलाओं के प्रति हिंसा की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल बनना चाहिए। बच्चों को महिलाओं का सम्मान करने के संस्कार देने चाहिए। - दुर्गावती

अमर उजाला की ओर से आज महिला सशक्तीकरण विषय पर यह बेहद सराहनीय कार्यक्रम का आयोजित किया गया है। इस तरह कार्यक्रमों का आयोजन होता रहना चाहिए। इससे समाज में जागरूकता बढ़ती है। - रूपा रानी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed