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Udham Singh Nagar News: उन्नत बीज, तकनीकों का लाभ उठाएं ः जोशी
Thu, 12 Jun 2025 01:14 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 12 Jun 2025 01:14 AM IST
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पंतनगर। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत किसानों को उनके द्वार आकर कृषि संबंधी योजनाओं और कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है ताकि किसान उन्नत बीज और कृषि की नई तकनीकों को अपनाकर लाभ उठाकर और अपनी आर्थिकी मजबूत कर सकें।
विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत बुधवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शांतिपुरी में आयोजित कृषक संगोष्ठी में कृषिमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जितनी सैनिकों की चिंता करते हैं, उतनी ही किसानों के सम्मान की चिंता करते हैं। किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी तो देश मजबूत होगा। अभियान के तहत छह हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर नई कृषि तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि, मृदा परीक्षण, कृषि यंत्रों व उर्वरकों में सहायता प्रदान कर रही हैं। किसान अपनी भूमि का मृदा परीक्षण अवश्य कराएं और उसी के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करें।
कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में ढैंचा या सनई की हरी खाद की फसलों को मई माह में बुआई करके 45 से 60 दिन बाद रोपाई से पूर्व खेतों में मिलाने से 80 से 100 किलो नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की बचत की जा सकती है।
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सिंचित क्षेत्र जहां खेत में प्रायः पानी रहता हो, वहां जैव उर्वरक-नील हरित शैवाल/अजोला का प्रयोगकर नाइट्रोजन वाले उर्वरकों की बचत की जा सकती है। क्षेत्रीय विधायक तिलकराज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी किसानों को संबोधित किया। संबंधित विभागों ने किसानों को योजनाओं की जानकारियां दीं और खरीफ मौसम की उन्नत उत्पादन तकनीक व विभागीय योजनाओं संबंधी पुस्तिका बांटी। गोष्ठी में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, डेरी, मत्स्य, रेशम, फल प्रसंस्करण, रीप व स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाकर किसानों को जानकारियां दीं। इस दौरान पंतनगर विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, किशन कोरंगा, प्रीतम कोरंगा, मोहन सिंह कोरंगा, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, एडी डेरी आरएस चौहान सहित पूर्व सैनिक और किसान मौजूद रहे।
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विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत बुधवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शांतिपुरी में आयोजित कृषक संगोष्ठी में कृषिमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जितनी सैनिकों की चिंता करते हैं, उतनी ही किसानों के सम्मान की चिंता करते हैं। किसानों की आर्थिकी मजबूत होगी तो देश मजबूत होगा। अभियान के तहत छह हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक किसानों के बीच जाकर नई कृषि तकनीकों की जानकारी दे रहे हैं। सरकार किसानों को किसान सम्मान निधि, मृदा परीक्षण, कृषि यंत्रों व उर्वरकों में सहायता प्रदान कर रही हैं। किसान अपनी भूमि का मृदा परीक्षण अवश्य कराएं और उसी के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करें।
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कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में ढैंचा या सनई की हरी खाद की फसलों को मई माह में बुआई करके 45 से 60 दिन बाद रोपाई से पूर्व खेतों में मिलाने से 80 से 100 किलो नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर की बचत की जा सकती है।
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सिंचित क्षेत्र जहां खेत में प्रायः पानी रहता हो, वहां जैव उर्वरक-नील हरित शैवाल/अजोला का प्रयोगकर नाइट्रोजन वाले उर्वरकों की बचत की जा सकती है। क्षेत्रीय विधायक तिलकराज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने भी किसानों को संबोधित किया। संबंधित विभागों ने किसानों को योजनाओं की जानकारियां दीं और खरीफ मौसम की उन्नत उत्पादन तकनीक व विभागीय योजनाओं संबंधी पुस्तिका बांटी। गोष्ठी में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सहकारिता, डेरी, मत्स्य, रेशम, फल प्रसंस्करण, रीप व स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाकर किसानों को जानकारियां दीं। इस दौरान पंतनगर विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेक सक्सेना, किशन कोरंगा, प्रीतम कोरंगा, मोहन सिंह कोरंगा, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. अभय सक्सेना, एडी डेरी आरएस चौहान सहित पूर्व सैनिक और किसान मौजूद रहे।