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सलाउद्दीन हत्याकांड का खुलासा, पांच गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:11 AM IST
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काशीपुर में पुलिस हिरासत में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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सलाउद्दीन हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिफ्तार कर लिया है। सलाउद्दीन द्वारा कुकृत्य करने से मना करने और गाली-गलौच करने पर मुख्य अभियुक्त ने उसे तमंचे से गोली मारी थी, जबकि उसके साथियों ने पत्थर से उसका सिर कुचला था। खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी डॉ.सदानंद दाते ने 2500 रुपये और एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने 1500 रुपये इनाम देने की घोषणा की।
बीती 11 अप्रैल को करबला मैदान के पास एक गोदाम के पीछे एक युवक को खून से लथपथ शव मिला था। हजरत नगर काली बस्ती निवासी शहाना बेगम ने मृतक की शिनाख्त अपने पुत्र सलाउद्दीन के रूप में की थी। साथ ही हत्या के पीछे भोजपुर निवासी किन्नर बबली पर शक जताते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 10 अप्रैल की रात किसी ने सलाउद्दीन को फोन कर बुलाया था। पुलिस ने आरोपी बबली किन्नर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की, लेकिन उससे कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस ने सलाउद्दीन के फोन पर आई कॉल को सर्विलांस पर लगाया। बृहस्पतिवार को घटना का खुलासा करते हुए एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि कॉल डिटेल निकाली गई तो घटना के दिन सलाउद्दीन के फोन पर अल्ली खां निवासी जुनैद पुत्र रईस अहमद का फोन आया था।
जुनैद को पकड़ा गया तो उसने बताया कि उसी ने ही सलाउद्दीन को फोन कर करबला मैदान बुलाया था। जब उसने सलाउद्दीन से अपने दोस्तों के साथ मिलकर अप्राकृतिक कृत्य करने को कहा तो सलाउद्दीन ने मना कर दिया। इस दौरान सलाउद्दीन ने उसके साथ गाली-गलौच की तो उसे गुस्सा आ गया और उसने तमंचे से सलाउद्दीन को गोली मार दी। जुनैद ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम मोहसिन पुत्र मो. यामीन, मोहसिन पुत्र रईस, दिलशाद पुत्र अब्दुल वाहिद, जलीस पुत्र मो. इदरीश निवासी अल्ली खां बताया। इसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को लक्ष्मीपुर पट्टी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात जुनैद अपने चारों दोस्तों के साथ करबला मैदान में शराब पी रहा था। पांचों ने मिलकर करीब साढ़े तीन बोतल शराब पी। चूंकि जुनैद काफी समय से सलाउद्दीन के संपर्क में थे और एक अप्रैल से लगातार जुनैद उससे बात कर रहा था। इसलिए उसने रात करीब पौने दस बजे सलाउद्दीन को फोन कर करबला मैदान बुलाया। जब सलाउद्दीन वहां पहुंचा तो जुनैद उसे एक किनारे ले गया और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उससे अप्राकृतिक कृत्य करने का दबाव बनाने लगा। पुलिस के मुताबिक जुनैद ने इससे साफ इंकार कर दिया। इससे गुस्साए जुनैद ने उस पर 315 बोर के तमंचे से गोली चला दी।
खुलासा करने वाली टीम में सीओ राजेश भट्ट, एसएसआई लाखन सिंह, एसआई जसविंदर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, प्रकाश चंद्र, मनोज कोहली, दीवान सिंह, संदीप नेगी, एसओजी के कैलाश तोम्क्याल, नीरज कुमार आदि शामिल थे।
सलाउद्दीन का शव देखकर पुलिस अनुमान लगा रही थी कि किसी ने सरिए से वार किया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से सटाकर गोली मारने का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक जब अन्य चार आरोपियों से घटना की पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया जुनैद के साथ दो अन्य सलाउद्दीन से गोदाम के पीछे बात कर रहे थे, जबकि मोहसिन और जलीस शराब लेने गए थे। जब गोली की आवाज सुनाई दी तो वे भी घटनास्थल पर पहुंच गए। बताया कि गोली लगने के बाद भी सलाउद्दीन तड़प रहा था लेकिन मरा नहीं था, इसलिए उन्होंने भारी पत्थर उसके सिर पर पटक दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
सलाउद्दीन हत्याकांड के मुख्य आरोपी जुनैद पर कई अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या का भी एक मुकदमा दर्ज है। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया जुनैद जगीरा हत्याकांड में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या, चोरी, जान से मारने का प्रयास समेत आर्म्स एक्ट में मुकदमे पंजीकृत हैं। वहीं चार अन्य पर कोई आपराधिक मुकदमा नही है। पांचों हत्याभियुक्त नशे के आदी हैं।
सलाउद्दीन की मां शहाना ने कहा कि सलाउद्दीन को कई साल पहले पथरी की शिकायत हुई थी। उसने लोगों के घरों में काम कर उसका इलाज कराया। उसकी मौत से परिवार का सहारा छिन गया। सलाउद्दीन ही परिवार में कमाने वाला था। इधर, हत्या में नामजद भोजपुर निवासी किन्नर बबली ने कहा कि सलाउद्दीन अच्छा लड़का था। वह ढाई महीने उसके साथ रहा। उसके पैर में चोट आने पर सलाउद्दीन ही उसकी देखरेख करता था। 15 दिन पहले ही वह भोजपुर से काशीपुर आ गया था, जिसने भी उसे मारा उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि सलाउद्दीन की हत्या के समय जुनैद ने उसका मोबाइल तोड़ दिया था और अपने घर ले गया था। पूछताछ में जुनैद ने बताया कि टूटा मोबाइल उसके पिता ने कबाड़ वाले को बेच दिया। पुलिस ने कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक जुनैद को सलाउद्दीन की हत्या का कोई अपराध बोध नहीं है। वह ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर अपराध के क्षेत्र में नाम कमाना चाहता है।
बीती 11 अप्रैल को करबला मैदान के पास एक गोदाम के पीछे एक युवक को खून से लथपथ शव मिला था। हजरत नगर काली बस्ती निवासी शहाना बेगम ने मृतक की शिनाख्त अपने पुत्र सलाउद्दीन के रूप में की थी। साथ ही हत्या के पीछे भोजपुर निवासी किन्नर बबली पर शक जताते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि 10 अप्रैल की रात किसी ने सलाउद्दीन को फोन कर बुलाया था। पुलिस ने आरोपी बबली किन्नर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की, लेकिन उससे कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस ने सलाउद्दीन के फोन पर आई कॉल को सर्विलांस पर लगाया। बृहस्पतिवार को घटना का खुलासा करते हुए एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि कॉल डिटेल निकाली गई तो घटना के दिन सलाउद्दीन के फोन पर अल्ली खां निवासी जुनैद पुत्र रईस अहमद का फोन आया था।
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जुनैद को पकड़ा गया तो उसने बताया कि उसी ने ही सलाउद्दीन को फोन कर करबला मैदान बुलाया था। जब उसने सलाउद्दीन से अपने दोस्तों के साथ मिलकर अप्राकृतिक कृत्य करने को कहा तो सलाउद्दीन ने मना कर दिया। इस दौरान सलाउद्दीन ने उसके साथ गाली-गलौच की तो उसे गुस्सा आ गया और उसने तमंचे से सलाउद्दीन को गोली मार दी। जुनैद ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम मोहसिन पुत्र मो. यामीन, मोहसिन पुत्र रईस, दिलशाद पुत्र अब्दुल वाहिद, जलीस पुत्र मो. इदरीश निवासी अल्ली खां बताया। इसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को लक्ष्मीपुर पट्टी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात जुनैद अपने चारों दोस्तों के साथ करबला मैदान में शराब पी रहा था। पांचों ने मिलकर करीब साढ़े तीन बोतल शराब पी। चूंकि जुनैद काफी समय से सलाउद्दीन के संपर्क में थे और एक अप्रैल से लगातार जुनैद उससे बात कर रहा था। इसलिए उसने रात करीब पौने दस बजे सलाउद्दीन को फोन कर करबला मैदान बुलाया। जब सलाउद्दीन वहां पहुंचा तो जुनैद उसे एक किनारे ले गया और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उससे अप्राकृतिक कृत्य करने का दबाव बनाने लगा। पुलिस के मुताबिक जुनैद ने इससे साफ इंकार कर दिया। इससे गुस्साए जुनैद ने उस पर 315 बोर के तमंचे से गोली चला दी।
खुलासा करने वाली टीम में सीओ राजेश भट्ट, एसएसआई लाखन सिंह, एसआई जसविंदर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, प्रकाश चंद्र, मनोज कोहली, दीवान सिंह, संदीप नेगी, एसओजी के कैलाश तोम्क्याल, नीरज कुमार आदि शामिल थे।
सलाउद्दीन का शव देखकर पुलिस अनुमान लगा रही थी कि किसी ने सरिए से वार किया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट से सटाकर गोली मारने का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक जब अन्य चार आरोपियों से घटना की पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया जुनैद के साथ दो अन्य सलाउद्दीन से गोदाम के पीछे बात कर रहे थे, जबकि मोहसिन और जलीस शराब लेने गए थे। जब गोली की आवाज सुनाई दी तो वे भी घटनास्थल पर पहुंच गए। बताया कि गोली लगने के बाद भी सलाउद्दीन तड़प रहा था लेकिन मरा नहीं था, इसलिए उन्होंने भारी पत्थर उसके सिर पर पटक दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
सलाउद्दीन हत्याकांड के मुख्य आरोपी जुनैद पर कई अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या का भी एक मुकदमा दर्ज है। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया जुनैद जगीरा हत्याकांड में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ हत्या, चोरी, जान से मारने का प्रयास समेत आर्म्स एक्ट में मुकदमे पंजीकृत हैं। वहीं चार अन्य पर कोई आपराधिक मुकदमा नही है। पांचों हत्याभियुक्त नशे के आदी हैं।
सलाउद्दीन की मां शहाना ने कहा कि सलाउद्दीन को कई साल पहले पथरी की शिकायत हुई थी। उसने लोगों के घरों में काम कर उसका इलाज कराया। उसकी मौत से परिवार का सहारा छिन गया। सलाउद्दीन ही परिवार में कमाने वाला था। इधर, हत्या में नामजद भोजपुर निवासी किन्नर बबली ने कहा कि सलाउद्दीन अच्छा लड़का था। वह ढाई महीने उसके साथ रहा। उसके पैर में चोट आने पर सलाउद्दीन ही उसकी देखरेख करता था। 15 दिन पहले ही वह भोजपुर से काशीपुर आ गया था, जिसने भी उसे मारा उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि सलाउद्दीन की हत्या के समय जुनैद ने उसका मोबाइल तोड़ दिया था और अपने घर ले गया था। पूछताछ में जुनैद ने बताया कि टूटा मोबाइल उसके पिता ने कबाड़ वाले को बेच दिया। पुलिस ने कुछ हिस्सा बरामद कर लिया है। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक जुनैद को सलाउद्दीन की हत्या का कोई अपराध बोध नहीं है। वह ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर अपराध के क्षेत्र में नाम कमाना चाहता है।