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Udham Singh Nagar News: आईटीआई के रिटायर इंस्ट्रक्टर से 35 लाख की ठगी का आरोपी दबोचा
Thu, 18 Jan 2024 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:05 PM IST
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रुद्रपुर के साइबर पुलिस स्टेशन में अभियुक्त को ले जाते पुलिसकर्मी। संवाद
रुद्रपुर। साइबर थाना पुलिस ने भीमताल आईटीआई से सेवानिवृत्त इंस्ट्रक्टर को झांसा देकर 35 लाख की ठगी करने के आरोपी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बीमा पाॅलिसी के फंसे रुपये दिलाने के नाम पर ठगी को अंजाम दिया था। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। आरोपी 2014 में शोभित यूनिवर्सिटी मेरठ से बीटेक कर चुका है। इसके बाद उसने नोएडा की कंपनियों में आठ से 18 हजार रुपये तक की नौकरी भी की।
बृहस्पतिवार को सीओ साइबर सुमित पांडे ने बताया कि अक्टूबर 2023 में भीमताल थाने में वहीं के रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी चैतन्य किशोर ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि जनवरी 2023 में उनके भाई ने फोन कर बताया कि उसका बीमा पाॅलिसी का रुपया आरबीआई में फंस गया था। टीडीएस की धनराशि जमा करने पर रुपये वापस हो जाएंगे। पांडे ने बताया कि इसके बाद साइबर अपराधी उनसे संपर्क किया और झांसे में लेकर अलग अलग बहाने से मुनाफे की बात कहकर करीब 35 ट्रांजेक्शन में 35 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए। केस दर्ज होने के एक महीने बाद केस की विवेचना एसटीएफ को मिली थी और एसटीएफ एसएसपी ने विवेचना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को दी थी।
स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी ने टीम के साथ घटना में प्रयुक्त बैंक खाते, मोबाइल नंबर, मेल आईडी, व्हाट्एसप, सर्विस प्रदाता कंपनी, मेटा और गूगल कंपनियों के डाटा का अध्ययन किया। छानबीन में पता चला था कि अपराधी ने दूसरे व्यक्तियों के नाम से आवंटित सिम का प्रयोग किया। मध्य प्रदेश के मोरेना, इटव्वा, उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैंक खातो में धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त की गई है। इन खातों से धनराशि नोएडा, दिल्ली तथा हरियाणा के विभिन्न एटीएम मशीनों से निकाली गई है।
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पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर घटना के मास्टरमांइड रवि कांत शर्मा निवासी वार्ड एक ग्राम मुड़ियाखेड़ा जिला मोरेना (मध्य प्रदेश) चिह्नित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी गई। बृहस्पतिवार को आरोपी को उसके हाल निवास न्यू तिलपत कालोनी, थाना पल्ला जिला फरीदाबाद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चेकबुक, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, तीन मोबाइल फोन और पांच सिम बरामद किए गए।
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रिजर्व बैंक का कर्मचारी बनकर करता था ठगी
रुद्रपुर। सीओ ने बताया कि आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक का कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क साधता था। रिलायंस पॉलिसी की धनराशि आरबीआई में फंसने और टीडीएस के रुपये जमा करने के बाद पॉलिसी का रुपया मिलने का झांसा देता था। पीड़ितों को पालिसी में और अधिक धनराशि निवेश करने पर अधिक धनराशि का मुनाफा मिलने का लालच देकर धोखाधड़ी करता था। धोखाधड़ी से मिली राशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर एटीएम के माध्यम से निकालता था। वह अपराध करने में फर्जी सिम व फर्जी खातों का प्रयोग करता था। संवाद
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22 साल की उम्र से शुरू किया किया अपराध, दस साल बाद पकड़ा
रुद्रपुर। सीओ ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2014-15 से अपराध करने की बात स्वीकारी है। 32 वर्षीय रविकांत ने बताया कि उसने कई लोगों के साथ साइबर ठगी की है लेकिन उसकी पहली बार गिरफ्तारी हुई है। सीओ ने बताया कि अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है। अभियुक्त की गिरफ्तारी में अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, आरक्षी मुहम्मद उस्मान ने बेहतर कार्य किया है। संवाद
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बृहस्पतिवार को सीओ साइबर सुमित पांडे ने बताया कि अक्टूबर 2023 में भीमताल थाने में वहीं के रहने वाले रिटायर्ड अधिकारी चैतन्य किशोर ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। उनका कहना था कि जनवरी 2023 में उनके भाई ने फोन कर बताया कि उसका बीमा पाॅलिसी का रुपया आरबीआई में फंस गया था। टीडीएस की धनराशि जमा करने पर रुपये वापस हो जाएंगे। पांडे ने बताया कि इसके बाद साइबर अपराधी उनसे संपर्क किया और झांसे में लेकर अलग अलग बहाने से मुनाफे की बात कहकर करीब 35 ट्रांजेक्शन में 35 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए। केस दर्ज होने के एक महीने बाद केस की विवेचना एसटीएफ को मिली थी और एसटीएफ एसएसपी ने विवेचना साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को दी थी।
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स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक ललित मोहन जोशी ने टीम के साथ घटना में प्रयुक्त बैंक खाते, मोबाइल नंबर, मेल आईडी, व्हाट्एसप, सर्विस प्रदाता कंपनी, मेटा और गूगल कंपनियों के डाटा का अध्ययन किया। छानबीन में पता चला था कि अपराधी ने दूसरे व्यक्तियों के नाम से आवंटित सिम का प्रयोग किया। मध्य प्रदेश के मोरेना, इटव्वा, उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैंक खातो में धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त की गई है। इन खातों से धनराशि नोएडा, दिल्ली तथा हरियाणा के विभिन्न एटीएम मशीनों से निकाली गई है।
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पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर घटना के मास्टरमांइड रवि कांत शर्मा निवासी वार्ड एक ग्राम मुड़ियाखेड़ा जिला मोरेना (मध्य प्रदेश) चिह्नित किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी गई। बृहस्पतिवार को आरोपी को उसके हाल निवास न्यू तिलपत कालोनी, थाना पल्ला जिला फरीदाबाद हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चेकबुक, डेबिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, तीन मोबाइल फोन और पांच सिम बरामद किए गए।
रिजर्व बैंक का कर्मचारी बनकर करता था ठगी
रुद्रपुर। सीओ ने बताया कि आरोपी भारतीय रिजर्व बैंक का कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क साधता था। रिलायंस पॉलिसी की धनराशि आरबीआई में फंसने और टीडीएस के रुपये जमा करने के बाद पॉलिसी का रुपया मिलने का झांसा देता था। पीड़ितों को पालिसी में और अधिक धनराशि निवेश करने पर अधिक धनराशि का मुनाफा मिलने का लालच देकर धोखाधड़ी करता था। धोखाधड़ी से मिली राशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर एटीएम के माध्यम से निकालता था। वह अपराध करने में फर्जी सिम व फर्जी खातों का प्रयोग करता था। संवाद
22 साल की उम्र से शुरू किया किया अपराध, दस साल बाद पकड़ा
रुद्रपुर। सीओ ने बताया कि आरोपी ने वर्ष 2014-15 से अपराध करने की बात स्वीकारी है। 32 वर्षीय रविकांत ने बताया कि उसने कई लोगों के साथ साइबर ठगी की है लेकिन उसकी पहली बार गिरफ्तारी हुई है। सीओ ने बताया कि अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है। अभियुक्त की गिरफ्तारी में अपर उपनिरीक्षक सत्येन्द्र गंगोला, आरक्षी मुहम्मद उस्मान ने बेहतर कार्य किया है। संवाद