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Udham Singh Nagar News: 215 दिन का गोल्डन पीरियड और गायब हो गई पूरी फैक्टरी

Tue, 28 Apr 2026 12:49 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Tue, 28 Apr 2026 12:49 AM IST
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A 215-Day 'Golden Period and the Entire Factory Vanished
रुद्रपुर। नैनीताल बैंक से लोन के नाम पर 77.08 करोड़ रुपये ठगी कई बड़े सवाल खड़े करती और सिस्टम की लापरवाही को भी उजागर कर रही है। यह कोई एक दिन में हुई वारदात नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से महीनों तक चलाया गया धोखाधड़ी का मायाजाल था।
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अदालत से कब्जा लेने की अनुमति मिलने और बैंक की टीम के मौके पर पहुंचने के बीच करीब 215 दिनों का लंबा अंतर रहा और यही समय आरोपियों के लिए गोल्डन पीरियड साबित हुआ।
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शाखा प्रबंधक के मुताबिक, सात नवंबर 2023 को जिला मजिस्ट्रेट ऊधमसिंह नगर ने बैंक को प्लांट और मशीनरी पर भौतिक कब्जा लेने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद तीन जून 2024 को एनसीएलटी इलाहाबाद से भी बैंक को कानूनी मजबूती मिली लेकिन हैरानी की बात यह है कि 11 जून 2024 को जब बैंक की टीम सिडकुल स्थित फैक्टरी पर पहुंची तो वहां न मशीनें थीं, न कच्चा माल थम पूरा परिसर खाली पड़ा मिला।
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77 करोड़ रुपये की मशीनरी और स्टॉक को हटाना कोई मामूली काम नहीं है। इसमें भारी उपकरणों को उखाड़ना, क्रेन की मदद से लोडिंग करना और कई ट्रकों के जरिए परिवहन शामिल होता है। इसमें कई हफ्तों का समय लगता है। ऐसे में यह सवाल उठना है कि इतने लंबे समय तक यह गतिविधि चलती रही और न तो बैंक ने निगरानी की और न ही स्थानीय प्रशासन को भनक लगी। सिडकुल पंतनगर जैसे हाई-सिक्योरिटी औद्योगिक क्षेत्र से लगातार ट्रकों का निकलना भी अब जांच के दायरे में है।


फिलहाल यह क्रिटिकल टाइम गैप पूरे मामले की सबसे बड़ी कड़ी बनकर उभरा है। पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इन 215 दिनों के भीतर हुए हर मूवमेंट का पता लगाया जाए ताकि 77 करोड़ की मशीन गायब होने की सच्चाई सामने आ सके।




सिस्टम की सुस्ती बनी अभियुक्तों का कवच

यह इस बात को भी उजागर करती है कि कैसे रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया में होने वाली देरी अभियुक्तों के लिए वरदान साबित हुई। अगर नवंबर 2023 में आदेश मिलते ही 48 घंटे के भीतर कब्जा ले लिया जाता तो शायद बैंक को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन सीसीटीवी फुटेज को खंगालना है। जो यह बता सकें कि इन 215 दिनों के भीतर वह काफिला कब और कहां रवाना हुआ जिसने बैंक की तिजोरी में 77 करोड़ का सेंध लगा दिया।
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