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काम पर लौटे कर्मचारी, अफसर भी बैठे देर शाम तक
Udham singh nagar
Updated Sat, 08 Nov 2014 05:30 AM IST
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रुद्रपुर। हड़ताल समाप्ति के बाद काम पर लौटे कर्मचारियों से कलक्ट्रेट और विकास भवन शुक्रवार को गुलजार रहा। एसडीएम सहित तमाम अधिकारी और कर्मचारी देर शाम तक अपने दफ्तर में बैठे नजर आए और फाइलें निपटाते हुए देखे गए। उत्तराखंड मिनिस्ट्रीयल कर्मी नायब तहसीलदार के पदों पर पदोन्नति में 10 प्रतिशत आरक्षण देने, कलक्ट्रेट का पुनर्गठन व वेतन विसंगति की मांग को लेकर 10 से 12 सितंबर तक कार्य बहिष्कार पर थे। 13 व 14 सितंबर को अवकाश होने के बाद कर्मी 15 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। इसके चलते हैसियत प्रमाण पत्र, पुरानी नकलें, चरित्र प्रमाण पत्र समेत अन्य विभागीय कार्य भी लटके हुए थे। साथ ही शासन से आने वाली डाक भी डंप पड़ी थी। बीते बुधवार को वित्त मंत्री इंदिरा ह्दयेश से हल्द्वानी में हुई वार्ता के बाद कर्मियों ने हड़ताल से वापस आने की घोषणा की। वहीं कर्मियों पर न्यायालय के निर्णय का दबाव भी था। शुक्रवार को हड़ताल पर वापस आने के बाद कलेक्ट्रेट कर्मियों ने सबसे पहले शासन से आई हुई आवश्यक डाकों का संबंधित पटलों पर वितरण किया। साथ ही कुछ आवश्यक कार्य भी निपटाए। कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संघ के उपाध्यक्ष दीवान सिंह चिलवाल ने बताया कि शुक्रवार को शासन व अन्य विभागों से प्राप्त अर्जेंट डाकों का वितरण करने के साथ कुछ आवश्यक कार्य भी निपटाए गए हैं। व्यवस्था पूर्ण रुप से सुचारु करने में अभी 3-4 दिन का समय लग सकता है।
अधिकारी और कर्मचारी दोनों अपनी सीट पर डट कर मेहनत के साथ जनता के काम को निपटायें। जिससे हड़ताल से प्रभावित लोगों के कार्य जल्द से जल्द हों। समय-समय पर मैं दफ्तरों का औचक निरीक्षण भी करूंगा।
डॉ. पंकज कुमार पांडेय, जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर
एक माह तक पेंडिंग पड़े काम को पटरी पर आने पर कम से कम एक हफ्ते लग जाएंगे। कोशिश है, जनता को तकलीफ न हो और उनका काम जल्द से जल्द हो।
- विजय कुमार जोगदंडे, एसडीएम रुद्रपुर
तहसील में आज चेक से संबंधित कामों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया, क्योंकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जारी चेक, आकस्मिक सहायता, आर्थिक सहायता, पेंशन आदि के चेक काफी रुके हुए थे, जिसे फौरी तौर पर जारी कर दिया गया। हमारी कोशिश है, आहरण व वितरण सहित प्रमाण-पत्र संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर हों।
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- संजय कुमार, तहसीलदार, किच्छा-रुद्रपुर
काशीपुर। जुलाई माह से चली आ रही विभिन्न मांगों को लेकर तहसील कर्मियों की हड़ताल बीते दिन हाईकोर्ट के दूसरे आदेश के बाद समाप्त हो गयी थी। हालांकि हड़ताल पहले ही खत्म कर दी गई थी। लेकिन बृहस्पतिवार को अवकाश होने के कारण दफ्तर बंद रहे थे। जिसके बाद शुक्रवार को तहसील कर्मचारी अपने-अपने कार्यों पर लौट आए थे। ऐसे में लंबे समय से जारी हड़ताल खत्म होने से अधिकारियों के साथ लोगों ने राहत की सांस ली।
खटीमा। हड़ताल समाप्त कर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। कर्मचारियों के वापस आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। तहसील में दिन भर लोगों का आना-जाना लगा रहा। लोग कई दिनों से काम न होने से परेशान थे।
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अधिकारी और कर्मचारी दोनों अपनी सीट पर डट कर मेहनत के साथ जनता के काम को निपटायें। जिससे हड़ताल से प्रभावित लोगों के कार्य जल्द से जल्द हों। समय-समय पर मैं दफ्तरों का औचक निरीक्षण भी करूंगा।
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डॉ. पंकज कुमार पांडेय, जिलाधिकारी, ऊधमसिंह नगर
एक माह तक पेंडिंग पड़े काम को पटरी पर आने पर कम से कम एक हफ्ते लग जाएंगे। कोशिश है, जनता को तकलीफ न हो और उनका काम जल्द से जल्द हो।
- विजय कुमार जोगदंडे, एसडीएम रुद्रपुर
तहसील में आज चेक से संबंधित कामों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया, क्योंकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से जारी चेक, आकस्मिक सहायता, आर्थिक सहायता, पेंशन आदि के चेक काफी रुके हुए थे, जिसे फौरी तौर पर जारी कर दिया गया। हमारी कोशिश है, आहरण व वितरण सहित प्रमाण-पत्र संबंधी कार्य प्राथमिकता के आधार पर हों।
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- संजय कुमार, तहसीलदार, किच्छा-रुद्रपुर
काशीपुर। जुलाई माह से चली आ रही विभिन्न मांगों को लेकर तहसील कर्मियों की हड़ताल बीते दिन हाईकोर्ट के दूसरे आदेश के बाद समाप्त हो गयी थी। हालांकि हड़ताल पहले ही खत्म कर दी गई थी। लेकिन बृहस्पतिवार को अवकाश होने के कारण दफ्तर बंद रहे थे। जिसके बाद शुक्रवार को तहसील कर्मचारी अपने-अपने कार्यों पर लौट आए थे। ऐसे में लंबे समय से जारी हड़ताल खत्म होने से अधिकारियों के साथ लोगों ने राहत की सांस ली।
खटीमा। हड़ताल समाप्त कर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। कर्मचारियों के वापस आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। तहसील में दिन भर लोगों का आना-जाना लगा रहा। लोग कई दिनों से काम न होने से परेशान थे।