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सातवीं का छात्र नहीं लिख पाया विद्यालय का नाम
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
Updated Sun, 23 Apr 2017 12:20 AM IST
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बाजपुर के गांव मुंडिया कला राजकीय जूनियर हाइस्कूल का निरीक्षण करते डीईओ डॉ. पीएन सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. पीएन सिंह ने बाजपुर जीजीआईसी सहित चार विद्यालयों में औचक निरीक्षण किया। इससे खलबली मच गई। इस दौरान गांव मुंडिया कला स्थित जूनियर हाइस्कूल में कक्षा सात के एक छात्र को विद्यालय का नाम तक लिखना नहीं आया। अन्य स्कूलों में भी कई खामियां मिलीं। इस पर डीईओ ने मौजूद स्टाफ को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
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शनिवार को डीईओ डॉ. सिंह अचानक गांव चकरपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचे। जांच में वार्डन विद्या लोहनी के सुविधानुसार अवकाश लेना पाया गया। पढ़ाने की कोई समय सारणी नहीं थी। कक्षा आठ पास कर चुकी छात्राओं को प्रवेश न दिलाने की शिकायत मिली। जीजीआईसी बाजपुर की प्रधानाचार्या बिना मंजूरी के अवकाश पर मिली।
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गांव मुंडिया कला के राजकीय जूनियर हाइस्कूल में कक्षा सात के छात्र अयान अपने ही विद्यालय का नाम नहीं लिख पाया। इस पर डीईओ ने मौजूद प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण मांगा। इसी स्कूल में तैनात एक टीचर फोन पर ही छुट्टी लेकर गायब मिला। डीईओ डॉ. सिंह ने बीईओ को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षकों को उनके दायित्व समझाने के निर्देश दिए हैं।
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मिड डे मील में खिचड़ी मिलने पर बिफरे डीईओ
डीईओ डॉ. पीएन सिंह को निरीक्षण के दौरान गांव मुंडिया कला स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को मीनू के अनुरूप अरहर की दाल के स्थान पर बच्चों को पीले चावल में आलू मिक्स कर बनाई गई खिचड़ी खिलाने का मामला प्रकाश में आया। सर्व शिक्षा अभियान से मिली सात हजार रुपये अनुदान राशि का ब्यौरा भी प्रधानाध्यापिका नहीं दे सकी। इस पर डीईओ डॉ. सिंह बिफर पड़े। उन्होंने प्रधानाध्यापिका, भोजनमाता को कड़ी हिदायत दी।