{"_id":"67a26cf4cd7fb6655005eaad","slug":"78-seriously-ill-children-were-treated-in-the-district-rudrapur-news-c-242-1-shld1004-120508-2025-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udham Singh Nagar News: जिले में 78 गंभीर रूप से बीमार बच्चों का हुआ इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udham Singh Nagar News: जिले में 78 गंभीर रूप से बीमार बच्चों का हुआ इलाज
Wed, 05 Feb 2025 01:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 05 Feb 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत चयनित गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 78 बच्चों का ऑपरेशन के जरिए इलाज हो गया है। इसके अलावा 152 बच्चों के इलाज के लिए प्रक्रिया चल रही है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 230 बच्चोंं का चयन किया गया है। आरबीएसके के तहत चुने बीमार बच्चों का इलाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिये किया जाता है। आरबीएसके कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हृदय में छेद की दिक्कत और कान के रोग वाले 25-25 बच्चों का ऑपरेशन हो चुका है। कटे होंठ व तालू वाले दस, न्यूरल ट्यूब डिफैक्ट वाले आठ, सिर में पानी भरने के दो, जन्मजात मोतियाबिंद, क्लब फुट दोष के तीन-तीन और हिप डिस्पेसिया की बीमारी से जूझ रहे बच्चों का ऑपरेशन भी किया गया है।
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की खोज लगातार जारी है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों की बीमारियों का पता लगाया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने बताया कि ऑपरेशन के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं। शेष चयनित बच्चों के इलाज की प्रक्रिया चल रही है। क्रमवार बीमार बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। मार्च तक सभी चयनित बच्चों का इलाज करा लिया जाएगा।
विज्ञापन
...
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 230 बच्चोंं का चयन किया गया है। आरबीएसके के तहत चुने बीमार बच्चों का इलाज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिये किया जाता है। आरबीएसके कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हृदय में छेद की दिक्कत और कान के रोग वाले 25-25 बच्चों का ऑपरेशन हो चुका है। कटे होंठ व तालू वाले दस, न्यूरल ट्यूब डिफैक्ट वाले आठ, सिर में पानी भरने के दो, जन्मजात मोतियाबिंद, क्लब फुट दोष के तीन-तीन और हिप डिस्पेसिया की बीमारी से जूझ रहे बच्चों का ऑपरेशन भी किया गया है।
विज्ञापन
गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की खोज लगातार जारी है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों की बीमारियों का पता लगाया जाता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने बताया कि ऑपरेशन के बाद सभी बच्चे स्वस्थ हैं। शेष चयनित बच्चों के इलाज की प्रक्रिया चल रही है। क्रमवार बीमार बच्चों का इलाज कराया जा रहा है। मार्च तक सभी चयनित बच्चों का इलाज करा लिया जाएगा।
विज्ञापन
...