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रेलवे मजदूर यूनियन की डिवीजन स्तरीय बैठक में समस्याओं के लेकर हुई चर्चा
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:07 AM IST
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काशीपुर। एनई रेलवे मजदूर यूनियन की डिवीजन स्तरीय बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की।
बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के जोनल सेक्रेट्री बसंत चतुर्वेदी ने किया।
पे कमीशन की को जल्द लागू किया जाय
रेलवे मजदूर यूनियन की बैठक हुई
उन्होंने कहा कि भारत सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के साथ छल कर रही है। भारत सरकार ने पे कमीशन की रिपोर्ट को जनवरी 2016 में लागू होने के बावजूद भी डेढ़ वर्षों का कर्मचारियों का एरियर का भुगतान दिलाने, रेलवे विभाग में ठेका प्रथा पर रोक लगाने, करीब दो साल से विभाग में बंद चल रही भर्तियां खोलने, भारत सरकार 400 बड़े स्टेशनों को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया।
इसमें से 24 बड़े स्टेशनों को ठेके पर देने से रोक लगाने, इज्जतनगर मंडल में स्टेशन मास्टरों की शीघ्र भर्तियां करने, चालकों, ट्रैकमैनों, गार्डों, अन्य संरक्षा के पदों पर भर्ती करने आदि की मांग की गई। मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि काशीपुर, काठगोदाम के कर्मचारियों के लिए बृजलाल अस्पताल हल्द्वानी को कैश लेस करा दिया है। वहां पर अच्छे लाल सिंह, कालिका प्रसाद, आरएस बिष्ट, निखिल सक्सेना, संजय कुमार राय, विपेंद्र ठाकुर, सतीश कुमार, रियासत हुसैन, महेश कुमार आदि थे।
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स्टेशनों को निजी हाथों में देने का विरोध
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और एआईआरएफ के जोनल सेक्रेट्री बंसल चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इज्जतनगर मंडल में स्टेशन मास्टर की भारी कमी है जिसके कारण कर्मचारियों को आठ घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है।
इसके चलते कर्मचारी मानसिक तनाव के कारण अवसाद, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर की बीमारियां बढ़ रही है। साथ ही ओवर टाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा 400 बड़े स्टेशनों के ठेके पर दिए जाने का प्रस्ताव है जिसमें से 24 बड़े स्टेशनों को निजी हाथों में देने जा रहे है। इसका यूनियन पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्या को लेकर के हमेशा संघर्ष करेंगे।
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बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के जोनल सेक्रेट्री बसंत चतुर्वेदी ने किया।
पे कमीशन की को जल्द लागू किया जाय
रेलवे मजदूर यूनियन की बैठक हुई
उन्होंने कहा कि भारत सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के साथ छल कर रही है। भारत सरकार ने पे कमीशन की रिपोर्ट को जनवरी 2016 में लागू होने के बावजूद भी डेढ़ वर्षों का कर्मचारियों का एरियर का भुगतान दिलाने, रेलवे विभाग में ठेका प्रथा पर रोक लगाने, करीब दो साल से विभाग में बंद चल रही भर्तियां खोलने, भारत सरकार 400 बड़े स्टेशनों को ठेके पर देने का प्रस्ताव तैयार किया।
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इसमें से 24 बड़े स्टेशनों को ठेके पर देने से रोक लगाने, इज्जतनगर मंडल में स्टेशन मास्टरों की शीघ्र भर्तियां करने, चालकों, ट्रैकमैनों, गार्डों, अन्य संरक्षा के पदों पर भर्ती करने आदि की मांग की गई। मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि काशीपुर, काठगोदाम के कर्मचारियों के लिए बृजलाल अस्पताल हल्द्वानी को कैश लेस करा दिया है। वहां पर अच्छे लाल सिंह, कालिका प्रसाद, आरएस बिष्ट, निखिल सक्सेना, संजय कुमार राय, विपेंद्र ठाकुर, सतीश कुमार, रियासत हुसैन, महेश कुमार आदि थे।
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स्टेशनों को निजी हाथों में देने का विरोध
एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष और एआईआरएफ के जोनल सेक्रेट्री बंसल चतुर्वेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इज्जतनगर मंडल में स्टेशन मास्टर की भारी कमी है जिसके कारण कर्मचारियों को आठ घंटे की जगह 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है।
इसके चलते कर्मचारी मानसिक तनाव के कारण अवसाद, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर की बीमारियां बढ़ रही है। साथ ही ओवर टाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता है। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा 400 बड़े स्टेशनों के ठेके पर दिए जाने का प्रस्ताव है जिसमें से 24 बड़े स्टेशनों को निजी हाथों में देने जा रहे है। इसका यूनियन पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्या को लेकर के हमेशा संघर्ष करेंगे।