फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   40 acres have not went Capture free

कब्जा मुक्त नहीं कराई गई 40 एकड़ जमीन

Thu, 02 Mar 2017 11:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर Updated Thu, 02 Mar 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन

लौका गांव में हाईवे किनारे करोड़ों रुपये की गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट के पट्टे की जमीन फर्जी तरीके से नाम कराने के मामले में सात माह बाद भी कोई हल नहीं निकला। तत्कालीन अपर आयुक्त की जांच के बाद सर्वे नायब तहसीलदार समेत सात लोगों को दोषी ठहराते हुए कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा तो दर्ज कराया गया, लेकिन सात माह बाद भी जांच पूरी नहीं हुई और न ही अवैध कब्जेदारों से सरकारी जमीन मुक्त कराई गई। हालांकि सहायक अभिलेख अधिकारी की कोर्ट ने जरूर इस मामले में वाद दायर कर अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किए हैं। बीते दिन जब रुद्रपुर में कमिश्नर ने भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा की तो यहां के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। परंतु, अभी तक अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

विज्ञापन


28 जुलाई 2014 को पूर्व बीडीसी रमाशंकर ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी, जिस पर तत्कालीन जांच अधिकारी अपर कुमाऊं आयुक्त जगदीश चंद्र कांडपाल ने खातेदारों द्वारा सर्वे नायब तहसीलदार बलिकरण, सर्वे कानूनगो रामानंद पांडे, प्रधान बालेश्वर प्रसाद, लौका के सुखदेव सिंह, मंजीत सिंह, हरपिंदर सिंह व मृतक मुख्त्यार सिंह को फर्जी तरीके से जमीन नाम कराने में दोषी पाया था। 30 जून 2016 को अपर आयुक्त संजय कुमार ने जिलाधिकारी को मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


जिसके बाद तत्कालीन एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने गत 27 अगस्त को कोतवाली में तहरीर देकर दोषी अधिकारियों समेत सात लोगों के खिलाफ धारा 420, 467 व 468 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। तब से एसएसआई द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है। पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई करने के बजाय फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अपर आयुक्त की जांच में जब सरकारी जमीन मिलीभगत कर अवैध तरीके से नाम कराने की पुष्टि हो गई थी, उसके बावजूद राजस्व अधिकारियों ने भूमि पर कब्जा लेने का आज तक कोई प्रयास नहीं किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बीते बुधवार को कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन ने रुद्रपुर में जब भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा की तो यहां भी अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने आयुक्त के समक्ष यह मामला तक नहीं रखा। अभी भी अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि बीती फरवरी में सहायक अभिलेख अधिकारी की कोर्ट में भू-राजस्व अधिनियम 1901 की धारा 54 के अंतर्गत राज्य बनाम कब्जेदारों के खिलाफ वाद दायर कर पांच अवैध कब्जेदारों को सम्मान जारी किए गए हैं। 18 फरवरी और फिर 25 फरवरी को सुनवाई रखी गई। अब अगली तिथि 25 मार्च नियत की गई है।

जांच के बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है तो भूमि खाली कराने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? इसकी जांच की जाएगी। शीघ्र ही इस मामले में भूमि खाली कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

-चंद्रेश यादव, जिलाधिकारी, ऊधम सिंह नगर

फर्जी तरीके से जमीन नाम कराने के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना चल रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगनादेश है। जमीन की वंशावली तलाश की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी। 
-वीसी रमौला, विवेचक/एसएसआई कोतवाली सितारगंज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed